8 अगस्त 2026
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NCB और गोवा ANTF की दूसरी JCC बैठक: ड्रोन, क्रिप्टो और जेल से ड्रग तस्करी पर मंथन

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NCB और गोवा ANTF की दूसरी JCC बैठक: ड्रोन, क्रिप्टो और जेल से ड्रग तस्करी पर मंथन

सारांश

NCB और गोवा ANTF की दूसरी JCC बैठक में ड्रोन, क्रिप्टोकरेंसी और जेल से संचालित ड्रग नेटवर्क जैसे उभरते खतरों पर रणनीति बनी। गोवा, महाराष्ट्र और कर्नाटक की पुलिस सहित नौ एजेंसियों ने मिलकर संगठित तस्करी तोड़ने का संकल्प लिया।

मुख्य बातें

NCB के डीडीजी विशाल एम.
सनाप और गोवा ANTF के आईजी के.
चौरसिया ने 8 अगस्त 2026 को गोवा जोन की दूसरी JCC बैठक की सह-अध्यक्षता की।
बैठक में गोवा, महाराष्ट्र और कर्नाटक की पुलिस इकाइयों सहित 9 केंद्रीय व राज्य एजेंसियाँ शामिल हुईं।
ड्रोन से तस्करी , जेल से संचालित ड्रग नेटवर्क और क्रिप्टोकरेंसी मनी लॉन्ड्रिंग प्रमुख चर्चा विषय रहे।
आदतन अपराधियों के विरुद्ध PITNDPS अधिनियम के सशक्त उपयोग और RFI से गुप्त ड्रग लैब की पहचान पर सहमति बनी।
FDA के साथ टेपेंटाडोल सहित प्रिस्क्रिप्शन दवाओं की अवैध बिक्री रोकने पर भी विचार-विमर्श हुआ।

नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) और गोवा की एंटी-नार्कोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने 8 अगस्त 2026 को गोवा जोन के लिए 2026 की दूसरी जॉइंट कोऑर्डिनेशन कमेटी (JCC) बैठक आयोजित की, जिसका उद्देश्य संगठित ड्रग तस्करी के विरुद्ध बहु-एजेंसी कार्रवाई को और सुदृढ़ करना था। बैठक की सह-अध्यक्षता NCB के डीडीजी (SWR) विशाल एम. सनाप और गोवा ANTF के आईजी के. आर. चौरसिया ने की।

बैठक में कौन-कौन शामिल हुआ

इस उच्चस्तरीय बैठक में गोवा पुलिस, कस्टम्स, राजस्व आसूचना निदेशालय (DRI), प्रवर्तन निदेशालय (ED), इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB), डाक विभाग, खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) तथा गोवा, महाराष्ट्र और कर्नाटक की पुलिस इकाइयों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। NCB ने इस बैठक की जानकारी अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर साझा की।

मुख्य चर्चा के विषय

बैठक में NCB के विज़न डॉक्यूमेंट (2026–2029) के अंतर्गत निर्धारित प्राथमिकताओं पर विस्तृत चर्चा हुई। विशेष रूप से तस्करी के उभरते तरीकों — जैसे ड्रोन के ज़रिए तस्करी, जेलों के भीतर से संचालित ड्रग नेटवर्क और क्रिप्टोकरेंसी से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग — पर गंभीर विमर्श किया गया।

इसके अतिरिक्त गोवा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर ज़ब्ती के मामलों और डाक सेवाओं के माध्यम से होने वाली तस्करी के रुझानों की भी समीक्षा की गई। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में ड्रोन और पोस्टल चैनलों के ज़रिए नशीले पदार्थों की आपूर्ति के मामले बढ़ रहे हैं।

वित्तीय जाँच और कानूनी प्रावधानों पर जोर

बैठक में मध्यम मात्रा (इंटरमीडिएट क्वांटिटी) वाले मामलों में वित्तीय जाँच को प्रभावी बनाने पर सहमति बनी। आदतन अपराधियों के विरुद्ध PITNDPS अधिनियम के सशक्त उपयोग, समय पर इंटेलिजेंस साझाकरण, संयुक्त पूछताछ और रेड फ्लैग इंडिकेटर्स (RFI) के ज़रिए गुप्त ड्रग प्रयोगशालाओं की पहचान करने की रणनीति पर भी विचार-विमर्श हुआ।

प्रिस्क्रिप्शन दवाओं की अवैध बिक्री पर चिंता

FDA के साथ समन्वय में टेपेंटाडोल सहित अन्य प्रिस्क्रिप्शन दवाओं की बिना वैध पर्चे के बिक्री के मुद्दे पर भी चर्चा की गई। प्रवर्तन तंत्र को और कड़ा करने के उपायों पर सहमति जताई गई। साथ ही उचित मामलों में अभियोजन वापसी और विदेशी नागरिकों के निर्वासन (डिपोर्टेशन) की प्रक्रिया पर भी बात हुई।

आगे की राह

सभी भाग लेने वाली एजेंसियों ने संगठित नशीले पदार्थों के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए आपसी समन्वय, इंटेलिजेंस शेयरिंग और संयुक्त प्रवर्तन प्रयासों को और मज़बूत करने का संकल्प दोहराया। गौरतलब है कि यह वर्ष 2026 की दूसरी ऐसी JCC बैठक है, जो दर्शाती है कि NCB ने गोवा जोन में समन्वय की आवृत्ति बढ़ाई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

न केवल बैठकों में। गोवा जैसे पर्यटन-केंद्रित राज्य में जेल से संचालित नेटवर्क और प्रिस्क्रिप्शन दवाओं की अवैध बिक्री की चर्चा संकेत देती है कि समस्या की जड़ें प्रशासनिक निगरानी की खामियों में भी हैं।
RashtraPress
8 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

NCB और गोवा ANTF की JCC बैठक क्या होती है?
जॉइंट कोऑर्डिनेशन कमेटी (JCC) बैठक NCB और राज्य की एंटी-नार्कोटिक्स एजेंसियों के बीच नियमित समन्वय मंच है, जिसमें ड्रग तस्करी के खिलाफ साझा रणनीति, इंटेलिजेंस साझाकरण और संयुक्त प्रवर्तन की योजना बनाई जाती है। 8 अगस्त 2026 को हुई यह गोवा जोन की 2026 की दूसरी ऐसी बैठक थी।
इस बैठक में कौन-कौन सी एजेंसियाँ शामिल हुईं?
बैठक में NCB, गोवा ANTF, गोवा पुलिस, कस्टम्स, DRI, ED, IB, डाक विभाग, FDA और गोवा, महाराष्ट्र व कर्नाटक की पुलिस इकाइयों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
बैठक में ड्रोन और क्रिप्टोकरेंसी का मुद्दा क्यों उठा?
तस्कर अब ड्रोन के ज़रिए सीमाओं पर नशीले पदार्थ पहुँचाने और क्रिप्टोकरेंसी से मनी लॉन्ड्रिंग करने जैसे तकनीकी तरीके अपना रहे हैं। एजेंसियों ने इन उभरते खतरों से निपटने के लिए साझा रणनीति तैयार करने पर चर्चा की।
PITNDPS अधिनियम क्या है और इसे क्यों लागू किया जा रहा है?
Prevention of Illicit Traffic in Narcotic Drugs and Psychotropic Substances (PITNDPS) अधिनियम के तहत आदतन ड्रग तस्करों को बिना मुकदमे के हिरासत में रखा जा सकता है। बैठक में इसे आदतन अपराधियों के विरुद्ध अधिक प्रभावी ढंग से लागू करने पर सहमति बनी।
प्रिस्क्रिप्शन दवाओं की अवैध बिक्री पर क्या निर्णय हुआ?
FDA के साथ मिलकर टेपेंटाडोल और अन्य प्रिस्क्रिप्शन दवाओं की बिना वैध पर्चे के बिक्री रोकने के लिए प्रवर्तन तंत्र को कड़ा करने पर सहमति जताई गई। इस मुद्दे पर संयुक्त निगरानी बढ़ाने की योजना बनाई गई।
राष्ट्र प्रेस
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