19 सितंबर 2026
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गोवा ड्रग तस्करी: ईडी ने 5 नए आरोपियों के खिलाफ सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल, क्रिप्टो-दुबई लिंक उजागर

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गोवा ड्रग तस्करी: ईडी ने 5 नए आरोपियों के खिलाफ सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल, क्रिप्टो-दुबई लिंक उजागर

सारांश

गोवा के ड्रग तस्करी नेटवर्क की जड़ें अब और गहरी निकलीं — ईडी ने 5 नए आरोपियों पर शिकंजा कसा है। ₹3.96 करोड़ की अवैध कमाई को दुबई भेजकर क्रिप्टो में बदलने और डार्क वेब से ड्रग खरीदने का यह मामला भारत के बढ़ते क्रिप्टो-ड्रग नेक्सस की गंभीर तस्वीर पेश करता है।

मुख्य बातें

ईडी ने 19 सितंबर 2026 को गोवा ड्रग-मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 5 नए आरोपियों के खिलाफ सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की।
नए आरोपी — निहाल वडक्कनचेरी नाजर, प्रसोभ पी.के., अल्फिन थॉमस, धीरज मैथ्यूज और निशांत प्रताप — को आरोपी नंबर 8 से 12 बनाया गया है।
मुख्य आरोपी मधुपन एस.एस.
ने कथित तौर पर 2016 से ₹3.96 करोड़ की अवैध कमाई की, जिसे दुबई भेजकर क्रिप्टोकरेंसी में बदला गया।
16 सितंबर 2026 को अनम चरण प्रधान (₹9,39,250) और उत्तम चंद (₹17.48 लाख) की संपत्तियाँ अस्थायी रूप से अटैच।
इससे पहले 16 मार्च 2026 को पहले 7 आरोपियों के खिलाफ मुख्य चार्जशीट दाखिल हो चुकी है।
मामले में जांच जारी है और आगे और कार्रवाई संभव है।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 19 सितंबर 2026 को गोवा के ड्रग तस्करी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पाँच नए आरोपियों के खिलाफ सप्लीमेंट्री अभियोजन शिकायत दाखिल की। ईडी के पणजी जोनल ऑफिस ने यह शिकायत उत्तर गोवा के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश की पीएमएलए विशेष अदालत में प्रस्तुत की। यह मामला ₹3.96 करोड़ की अवैध कमाई, बैंकिंग चैनलों के जरिए धन दुबई भेजने और फिर उसे क्रिप्टोकरेंसी में बदलकर डार्क वेब से नशीली दवाएं खरीदने से जुड़ा है।

नए आरोपी और कानूनी धाराएँ

सप्लीमेंट्री चार्जशीट में निहाल वडक्कनचेरी नाजर, प्रसोभ पी.के., अल्फिन थॉमस, धीरज मैथ्यूज और निशांत प्रताप को आरोपी नंबर 8 से 12 के रूप में नामित किया गया है। इन सभी पर धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) 2002 की धारा 44 और 45 के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है, जो क्रमशः धारा 3 (मनी लॉन्ड्रिंग अपराध) और धारा 4 (दंड) से संबंधित है। इन पाँचों की भूमिका मुख्य जांच के दौरान सामने आई, जिसमें अपराध की कमाई को सीमा पार क्रिप्टोकरेंसी में बदलने का आरोप भी शामिल है।

मामले की पृष्ठभूमि और मुख्य चार्जशीट

यह पूरा मामला 13 फरवरी 2025 का है। ईडी ने अपनी जांच गोवा एंटी-नारकोटिक सेल, पुलिस स्टेशन नॉर्थ गोवा द्वारा 15 अक्टूबर 2024 को मधुपन सुरेश शशिकला के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट 1985 के तहत दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की थी। जांच में सामने आया कि मधुपन एस.एस. ने 2016 से संगठित ढंग से अंतरराज्यीय और सीमापार नशीली दवाओं की तस्करी कर ₹3.96 करोड़ की अवैध कमाई की। इससे पहले 16 मार्च 2026 को ईडी ने 7 आरोपियों (नंबर 1 से 7) के खिलाफ मुख्य चार्जशीट दाखिल की थी।

क्रिप्टो-दुबई नेटवर्क का खुलासा

जांच में एक जटिल वित्तीय तंत्र का खुलासा हुआ है। अवैध कमाई का एक हिस्सा बैंकिंग चैनलों के जरिए दुबई भेजा गया, जहाँ उसे क्रिप्टोकरेंसी में बदला गया। इसके बाद इस क्रिप्टो को डार्क वेब के माध्यम से और अधिक नशीली दवाएं खरीदने में इस्तेमाल किया गया — जो इस नेटवर्क की स्व-पोषित प्रकृति को दर्शाता है। गौरतलब है कि यह कथित तौर पर एक ऐसा तंत्र था जो देश की सीमाओं के पार फैला हुआ था।

संपत्तियाँ अटैच और आगे की कार्रवाई

जांच के दौरान ईडी ने 16 सितंबर 2026 को दो आरोपियों की अचल संपत्तियाँ अस्थायी रूप से अटैच कीं। आरोपी नंबर 2 अनम चरण प्रधान के पास ₹9,39,250 और आरोपी नंबर 3 उत्तम चंद के पास ₹17.48 लाख की अपराध से अर्जित संपत्तियाँ चिह्नित की गईं। ईडी ने कहा है कि वह ड्रग तस्करी नेटवर्क के वित्तीय ढाँचे को तोड़ने और 'नशा मुक्त भारत अभियान' के तहत सभी अवैध संपत्तियों को ट्रेस कर अटैच करने के लिए प्रतिबद्ध है। मामले में आगे की जांच जारी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ अवैध धन बैंकिंग प्रणाली से दुबई और फिर डार्क वेब तक का सफर तय करता है। ईडी की सप्लीमेंट्री चार्जशीट यह भी संकेत देती है कि प्रारंभिक जांच में अक्सर नेटवर्क की पूरी गहराई नहीं आती — पहले 7, अब 5 और आरोपी। सवाल यह है कि क्रिप्टो ट्रांजेक्शन को ट्रेस करने की सरकार की तकनीकी क्षमता और कानूनी ढाँचा इस तरह के परिष्कृत वित्तीय अपराधों से पर्याप्त रूप से लड़ने में सक्षम है या नहीं। यह मामला 'नशा मुक्त भारत' अभियान की वास्तविक परीक्षा है।
RashtraPress
19 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गोवा ड्रग तस्करी मामले में ईडी की सप्लीमेंट्री चार्जशीट क्या है?
ईडी ने 19 सितंबर 2026 को उत्तर गोवा की पीएमएलए विशेष अदालत में 5 नए आरोपियों के खिलाफ सप्लीमेंट्री अभियोजन शिकायत दाखिल की है। यह 16 मार्च 2026 को दाखिल मुख्य चार्जशीट के बाद की अगली कानूनी कार्रवाई है, जिसमें पहले 7 आरोपियों पर ₹3.96 करोड़ की मनी लॉन्ड्रिंग का मामला था।
नए 5 आरोपी कौन हैं और उन पर क्या आरोप हैं?
पाँचों नए आरोपी हैं — निहाल वडक्कनचेरी नाजर, प्रसोभ पी.के., अल्फिन थॉमस, धीरज मैथ्यूज और निशांत प्रताप। इन्हें आरोपी नंबर 8 से 12 बनाया गया है और इन पर PMLA 2002 की धारा 44, 45 के तहत मनी लॉन्ड्रिंग तथा अपराध की कमाई को सीमापार क्रिप्टोकरेंसी में बदलने का आरोप है।
इस मामले में क्रिप्टोकरेंसी और दुबई का क्या संबंध है?
जांच के अनुसार, ड्रग तस्करी से अर्जित धन का एक हिस्सा बैंकिंग चैनलों के जरिए दुबई भेजा गया और वहाँ क्रिप्टोकरेंसी में बदला गया। इस क्रिप्टो का उपयोग कथित तौर पर डार्क वेब के माध्यम से और अधिक नशीली दवाएं खरीदने के लिए किया गया, जिससे एक स्व-पोषित तस्करी तंत्र बना।
ईडी ने किन संपत्तियों को अटैच किया है?
16 सितंबर 2026 को ईडी ने आरोपी नंबर 2 अनम चरण प्रधान की ₹9,39,250 और आरोपी नंबर 3 उत्तम चंद की ₹17.48 लाख के बराबर अचल संपत्तियाँ अस्थायी रूप से अटैच कीं। यह अटैचमेंट PMLA के तहत अपराध से अर्जित संपत्ति की पहचान के बाद की गई।
यह मामला मूल रूप से कब और किसके खिलाफ शुरू हुआ था?
यह मामला 13 फरवरी 2025 का है। गोवा एंटी-नारकोटिक सेल ने 15 अक्टूबर 2024 को मधुपन सुरेश शशिकला के खिलाफ NDPS Act 1985 के तहत एफआईआर दर्ज की थी। जांच में सामने आया कि मधुपन एस.एस. ने 2016 से अंतरराज्यीय और सीमापार ड्रग तस्करी कर कथित तौर पर ₹3.96 करोड़ की अवैध कमाई की।
राष्ट्र प्रेस
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