गोवा ड्रग तस्करी: ईडी ने 5 नए आरोपियों के खिलाफ सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल, क्रिप्टो-दुबई लिंक उजागर
सारांश
मुख्य बातें
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 19 सितंबर 2026 को गोवा के ड्रग तस्करी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पाँच नए आरोपियों के खिलाफ सप्लीमेंट्री अभियोजन शिकायत दाखिल की। ईडी के पणजी जोनल ऑफिस ने यह शिकायत उत्तर गोवा के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश की पीएमएलए विशेष अदालत में प्रस्तुत की। यह मामला ₹3.96 करोड़ की अवैध कमाई, बैंकिंग चैनलों के जरिए धन दुबई भेजने और फिर उसे क्रिप्टोकरेंसी में बदलकर डार्क वेब से नशीली दवाएं खरीदने से जुड़ा है।
नए आरोपी और कानूनी धाराएँ
सप्लीमेंट्री चार्जशीट में निहाल वडक्कनचेरी नाजर, प्रसोभ पी.के., अल्फिन थॉमस, धीरज मैथ्यूज और निशांत प्रताप को आरोपी नंबर 8 से 12 के रूप में नामित किया गया है। इन सभी पर धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) 2002 की धारा 44 और 45 के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है, जो क्रमशः धारा 3 (मनी लॉन्ड्रिंग अपराध) और धारा 4 (दंड) से संबंधित है। इन पाँचों की भूमिका मुख्य जांच के दौरान सामने आई, जिसमें अपराध की कमाई को सीमा पार क्रिप्टोकरेंसी में बदलने का आरोप भी शामिल है।
मामले की पृष्ठभूमि और मुख्य चार्जशीट
यह पूरा मामला 13 फरवरी 2025 का है। ईडी ने अपनी जांच गोवा एंटी-नारकोटिक सेल, पुलिस स्टेशन नॉर्थ गोवा द्वारा 15 अक्टूबर 2024 को मधुपन सुरेश शशिकला के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट 1985 के तहत दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की थी। जांच में सामने आया कि मधुपन एस.एस. ने 2016 से संगठित ढंग से अंतरराज्यीय और सीमापार नशीली दवाओं की तस्करी कर ₹3.96 करोड़ की अवैध कमाई की। इससे पहले 16 मार्च 2026 को ईडी ने 7 आरोपियों (नंबर 1 से 7) के खिलाफ मुख्य चार्जशीट दाखिल की थी।
क्रिप्टो-दुबई नेटवर्क का खुलासा
जांच में एक जटिल वित्तीय तंत्र का खुलासा हुआ है। अवैध कमाई का एक हिस्सा बैंकिंग चैनलों के जरिए दुबई भेजा गया, जहाँ उसे क्रिप्टोकरेंसी में बदला गया। इसके बाद इस क्रिप्टो को डार्क वेब के माध्यम से और अधिक नशीली दवाएं खरीदने में इस्तेमाल किया गया — जो इस नेटवर्क की स्व-पोषित प्रकृति को दर्शाता है। गौरतलब है कि यह कथित तौर पर एक ऐसा तंत्र था जो देश की सीमाओं के पार फैला हुआ था।
संपत्तियाँ अटैच और आगे की कार्रवाई
जांच के दौरान ईडी ने 16 सितंबर 2026 को दो आरोपियों की अचल संपत्तियाँ अस्थायी रूप से अटैच कीं। आरोपी नंबर 2 अनम चरण प्रधान के पास ₹9,39,250 और आरोपी नंबर 3 उत्तम चंद के पास ₹17.48 लाख की अपराध से अर्जित संपत्तियाँ चिह्नित की गईं। ईडी ने कहा है कि वह ड्रग तस्करी नेटवर्क के वित्तीय ढाँचे को तोड़ने और 'नशा मुक्त भारत अभियान' के तहत सभी अवैध संपत्तियों को ट्रेस कर अटैच करने के लिए प्रतिबद्ध है। मामले में आगे की जांच जारी है।