ईडी ने दुबई के निहाल वीएन को गिरफ्तार किया, ग्लोबल ड्रग माफिया के लिए क्रिप्टो-हवाला से मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की गोवा जोनल ऑफिस ने 23 जुलाई 2026 को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए दुबई निवासी निहाल वीएन को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि वह अंतरराष्ट्रीय नारको-सिंडिकेट के लिए क्रिप्टोकरेंसी और हवाला के ज़रिए मनी लॉन्ड्रिंग का मुख्य वित्तीय केंद्र था। यह गिरफ्तारी प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए), 2002 के प्रावधानों के तहत की गई है।
न्यायिक हिरासत और जांच का दायरा
गोवा की एक विशेष पीएमएलए अदालत ने निहाल वीएन को 28 जुलाई 2026 तक सात दिनों की ईडी हिरासत में भेज दिया है। ईडी के अनुसार, इस जांच का ध्यान अब केवल नशीले पदार्थ ले जाने वाले व्यक्तियों तक सीमित नहीं है — बल्कि पूरे ड्रग-ट्रैफिकिंग नेटवर्क, डार्कनेट ऑपरेटरों, किंगपिन और उनके सीमा-पार वित्तीय सहयोगियों को निशाना बनाया जा रहा है।
क्रिप्टो-हवाला नेटवर्क का खुलासा
पीएमएलए जांच में सामने आया कि दुबई से संचालित निहाल वीएन कई महाद्वीपों में सक्रिय अंतरराष्ट्रीय ड्रग माफियाओं के लिए मुख्य वित्तीय कड़ी के रूप में काम करता था। ईडी ने बताया कि उसने भारत में अवैध ड्रग बिक्री से प्राप्त नकदी और अपराध की कमाई को विभिन्न क्रिप्टोकरेंसी और विदेशी मुद्रा में परिवर्तित किया।
इस प्रकार लॉन्ड्र की गई क्रिप्टो और विदेशी मुद्रा को ब्राज़ील और थाईलैंड में स्थित अंतरराष्ट्रीय कार्टेल और आपूर्तिकर्ताओं को भेजा जाता था, ताकि भारत में तस्करी के लिए हाई-ग्रेड नशीले पदार्थ और सिंथेटिक ड्रग्स खरीदे जा सकें।
फोरेंसिक जांच और जब्ती
ईडी की फोरेंसिक और डिजिटल जांच में अब तक कई अवैध क्रिप्टो-वॉलेट, ऑफशोर बैंक खाते और घरेलू शेल कंपनियों की पहचान की जा चुकी है, जिनका उपयोग अपराध की कमाई को लॉन्ड्र करने के लिए किया जाता था। जांच के दौरान ₹3 करोड़ नकद, आपत्तिजनक दस्तावेज़ और डिजिटल उपकरण ज़ब्त किए गए हैं।
बहु-राज्यीय तलाशी अभियान
इससे पहले ईडी की पणजी जोनल ऑफिस ने गोवा पुलिस के एंटी-नारकोटिक्स सेल द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर गोवा, महाराष्ट्र, केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक, ओडिशा और दिल्ली सहित सात राज्यों में 26 ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया था। जांच में गोवा, हिमाचल प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु, ओडिशा और केरल में बिज़नेस-टू-बिज़नेस (B2B) आधार पर नशीले पदार्थों के वितरण नेटवर्क का पता चला।
गौरतलब है कि गोवा पुलिस ने नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) एक्ट, 1985 के तहत व्यावसायिक मात्रा में नशीले पदार्थों की तस्करी का मामला दर्ज किया था, जिसमें एक सुसंगठित अंतर-राज्यीय ड्रग तस्करी सिंडिकेट का पर्दाफाश हुआ था।
मुख्य आरोपी और आगे की कार्रवाई
इस मामले में मुख्य आरोपी मधुपन एसएस को पहले ही 17 जनवरी 2026 को पीएमएलए, 2002 की धारा 19 के तहत गिरफ्तार किया जा चुका है और वह अभी न्यायिक हिरासत में है। निहाल वीएन की गिरफ्तारी इस अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के वित्तीय ढाँचे को तोड़ने की दिशा में ईडी का अगला बड़ा कदम है। आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियाँ और संपत्तियों की कुर्की संभव बताई जा रही है।