23 जुलाई 2026
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गोवा: ईडी ने क्रिप्टो हवाला-ड्रग तस्करी नेटवर्क पर शिकंजा कसा, दुबई निवासी निहाल वीएन गिरफ्तार

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गोवा: ईडी ने क्रिप्टो हवाला-ड्रग तस्करी नेटवर्क पर शिकंजा कसा, दुबई निवासी निहाल वीएन गिरफ्तार

सारांश

ईडी ने दुबई से संचालित क्रिप्टो हवाला नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए निहाल वीएन को गिरफ्तार किया — यह नेटवर्क ब्राजील और थाईलैंड के ड्रग कार्टेल को भारत में सिंथेटिक ड्रग्स की तस्करी के लिए वित्त पोषित करता था। सात राज्यों में छापे और ₹3 करोड़ की जब्ती के बाद यह मामला 'नशा मुक्त भारत' अभियान की सबसे बड़ी अंतरराष्ट्रीय कड़ी बनकर उभरा है।

मुख्य बातें

ईडी ने 23 जुलाई 2026 को दुबई निवासी निहाल वीएन को पीएमएलए, 2002 के तहत गिरफ्तार किया।
विशेष पीएमएलए अदालत, गोवा ने आरोपी को 28 जुलाई 2026 तक 7 दिन की ईडी हिरासत में भेजा।
आरोपी पर ब्राजील और थाईलैंड के ड्रग कार्टेल के लिए क्रिप्टो करेंसी और विदेशी मुद्रा के जरिए धन भेजने का आरोप है।
ईडी ने 7 राज्यों के 26 स्थानों पर छापेमारी में ₹3 करोड़ नकद, डिजिटल उपकरण और दस्तावेज जब्त किए।
मुख्य आरोपी मधुपन एस.एस.
को 17 जनवरी 2026 को पहले ही गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है।
जाँच में अवैध क्रिप्टो वॉलेट , विदेशी बैंक खाते और फर्जी कंपनियों का खुलासा हुआ।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के गोवा जोनल कार्यालय ने 23 जुलाई 2026 को क्रिप्टो हवाला और अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई करते हुए दुबई निवासी निहाल वीएन को प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए), 2002 के तहत गिरफ्तार किया। विशेष पीएमएलए अदालत, गोवा ने आरोपी को 28 जुलाई 2026 तक सात दिन की ईडी हिरासत में भेज दिया है।

मामले की पृष्ठभूमि

ईडी के अनुसार, यह कार्रवाई गोवा पुलिस की एंटी-नारकोटिक्स सेल द्वारा नार्कोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) अधिनियम, 1985 के तहत दर्ज मामले पर आधारित है। एजेंसी का कहना है कि यह जाँच प्रधानमंत्री के 'नशा मुक्त भारत' अभियान और 26 जून 2026 को आयोजित 10वीं एपेक्स एनसीओआरडी बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुरूप है। गौरतलब है कि ईडी अब केवल ड्रग वाहकों तक सीमित नहीं रही, बल्कि डार्कनेट ऑपरेटरों, सरगनाओं और उन्हें आर्थिक सहायता देने वाले अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क को निशाना बना रही है।

निहाल वीएन की भूमिका

जाँच में सामने आया है कि दुबई में रह रहे निहाल वीएन ने कई देशों में सक्रिय अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी गिरोहों के लिए वित्तीय नेटवर्क संचालित किया। आरोप है कि उसने भारत में नशीले पदार्थों की बिक्री से अर्जित अवैध धनराशि को क्रिप्टो करेंसी और विदेशी मुद्रा में परिवर्तित कर विदेश भेजा। इस धन का उपयोग ब्राजील और थाईलैंड में स्थित ड्रग कार्टेल और सप्लायर भारत में उच्च गुणवत्ता वाले नशीले पदार्थ तथा सिंथेटिक ड्रग्स खरीदने के लिए करते थे।

डिजिटल और फोरेंसिक साक्ष्य

ईडी ने बताया कि फोरेंसिक और डिजिटल जाँच में कई अवैध क्रिप्टो वॉलेट, विदेशी बैंक खाते और फर्जी कंपनियों की पहचान की गई है, जिनका उपयोग मनी लॉन्ड्रिंग के लिए किया जा रहा था। इससे पहले एजेंसी ने गोवा, महाराष्ट्र, केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक, ओडिशा और दिल्ली — कुल सात राज्यों में 26 स्थानों पर छापेमारी की थी। जाँच में कई राज्यों में बिजनेस-टू-बिजनेस (बी2बी) मॉडल के जरिए नशीले पदार्थों की आपूर्ति का भी खुलासा हुआ।

जब्ती और पूर्व गिरफ्तारी

छापेमारी के दौरान ईडी ने करीब ₹3 करोड़ नकद, आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल उपकरण जब्त किए। इस मामले में मुख्य आरोपी मधुपन एस.एस. को 17 जनवरी 2026 को पीएमएलए की धारा 19 के तहत पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है और वह फिलहाल न्यायिक हिरासत में है।

आगे की जाँच

ईडी ने कहा है कि संगठित ड्रग तस्करी नेटवर्क और उससे जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग गतिविधियों पर कार्रवाई जारी रहेगी। एजेंसी अपराध से अर्जित संपत्तियों की पहचान कर उन्हें जब्त कर रही है, ताकि ड्रग तस्करी के आर्थिक नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त किया जा सके। मामले में अन्य लाभार्थियों, सहयोगियों और अवैध संपत्तियों की पहचान के लिए जाँच जारी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि उस वित्तीय ढाँचे की गिरफ्तारी है जो भारत के ड्रग बाजार को अंतरराष्ट्रीय कार्टेल से जोड़ता है — और यह बताती है कि क्रिप्टो करेंसी अब तस्करी की नई 'हवाला' बन चुकी है। ईडी का बी2बी मॉडल और डार्कनेट पर ध्यान केंद्रित करना रणनीतिक बदलाव दर्शाता है, लेकिन असली परीक्षा यह है कि क्या इन गिरफ्तारियों से नेटवर्क की आपूर्ति श्रृंखला वास्तव में टूटती है या केवल एक कड़ी बदलती है। ब्राजील और थाईलैंड तक फैले इस नेटवर्क की जाँच में अंतरराष्ट्रीय सहयोग की कमी एक बड़ी चुनौती बनी रहेगी।
RashtraPress
23 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ईडी ने गोवा में किसे और क्यों गिरफ्तार किया?
ईडी ने 23 जुलाई 2026 को दुबई निवासी निहाल वीएन को पीएमएलए, 2002 के तहत गिरफ्तार किया। आरोप है कि वह अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी गिरोहों के लिए क्रिप्टो करेंसी और विदेशी मुद्रा के जरिए मनी लॉन्ड्रिंग का वित्तीय नेटवर्क चला रहा था।
इस मामले में क्रिप्टो हवाला कैसे काम करता था?
आरोपों के अनुसार, भारत में ड्रग बिक्री की अवैध कमाई को क्रिप्टो करेंसी और विदेशी मुद्रा में बदलकर विदेश भेजा जाता था। इस धन का उपयोग ब्राजील और थाईलैंड के ड्रग कार्टेल भारत में सिंथेटिक ड्रग्स की तस्करी के लिए करते थे।
ईडी ने छापेमारी में क्या जब्त किया?
ईडी ने सात राज्यों — गोवा, महाराष्ट्र, केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक, ओडिशा और दिल्ली — के 26 स्थानों पर छापेमारी में करीब ₹3 करोड़ नकद, आपत्तिजनक दस्तावेज, डिजिटल उपकरण, अवैध क्रिप्टो वॉलेट और विदेशी बैंक खातों की जानकारी जब्त की।
इस मामले में पहले कौन गिरफ्तार हुआ था?
मुख्य आरोपी मधुपन एस.एस. को 17 जनवरी 2026 को पीएमएलए की धारा 19 के तहत गिरफ्तार किया गया था और वह फिलहाल न्यायिक हिरासत में है। निहाल वीएन इस मामले में दूसरी प्रमुख गिरफ्तारी है।
निहाल वीएन को कितने दिन की हिरासत में भेजा गया है?
विशेष पीएमएलए अदालत, गोवा ने निहाल वीएन को 28 जुलाई 2026 तक सात दिन की ईडी हिरासत में भेजा है। इस दौरान ईडी अन्य लाभार्थियों और अवैध संपत्तियों की पहचान के लिए उससे पूछताछ करेगी।
राष्ट्र प्रेस
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