20 जुलाई 2026
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ईडी का बड़ा एक्शन: मुंबई, सूरत, अंकलेश्वर और राजकोट में 20 ठिकानों पर छापे, सलीम डोला का ड्रग नेटवर्क निशाने पर

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ईडी का बड़ा एक्शन: मुंबई, सूरत, अंकलेश्वर और राजकोट में 20 ठिकानों पर छापे, सलीम डोला का ड्रग नेटवर्क निशाने पर

सारांश

ईडी ने एक साथ चार शहरों में 20 ठिकानों पर छापे मारकर सलीम डोला के अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क की जड़ें खोदने की कोशिश की है। तुर्की से प्रत्यर्पित यह दाऊद का कथित करीबी मेफेड्रोन निर्माण से लेकर हवाला और बेनामी संपत्तियों तक फैले जाल का सूत्रधार बताया जाता है।

मुख्य बातें

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 2 जून 2026 को मुंबई , सूरत , अंकलेश्वर और राजकोट में 20 स्थानों पर एक साथ छापे मारे।
कार्रवाई पीएमएलए, 2002 के तहत सलीम इस्माइल डोला और उनके सहयोगियों के खिलाफ चल रही जांच का हिस्सा है।
सलीम डोला को पिछले महीने तुर्की से भारत प्रत्यर्पित किया गया था; वह कथित तौर पर दाऊद इब्राहिम का करीबी सहयोगी है।
नेटवर्क पर मेफेड्रोन (एमडी) के गुप्त निर्माण, अंतरराज्यीय व अंतरराष्ट्रीय तस्करी और हवाला चैनलों से मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप हैं।
जांच के दायरे में रासायनिक आपूर्तिकर्ता, बिचौलिये, चार्टर्ड अकाउंटेंट , हवाला संचालक और बेनामी संपत्तियों के मालिक शामिल हैं।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के मुंबई क्षेत्रीय कार्यालय ने 2 जून 2026 को मुंबई, सूरत, अंकलेश्वर और राजकोट में एक साथ 20 स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया। यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ तस्करी गिरोह के संचालक सलीम इस्माइल डोला और उनके सहयोगियों के विरुद्ध चल रही जांच का हिस्सा है।

कौन है सलीम डोला और क्यों है निशाने पर

सरकार ने पिछले महीने सलीम डोला को तुर्की से प्रत्यर्पित किया था। जांच एजेंसियों के अनुसार वह दाऊद इब्राहिम का करीबी सहयोगी है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मादक पदार्थों का नेटवर्क संचालित करता है। मुंबई में उसके और अन्य आरोपियों के खिलाफ नारकोटिक्स एवं मनोरोगी पदार्थों की अवैध तस्करी से जुड़ी कई एफआईआर दर्ज हैं, जिनके आधार पर पीएमएलए जांच शुरू की गई थी।

छापों में क्या-क्या आया जांच के दायरे में

तलाशी अभियान उन परिसरों पर केंद्रित है जो रासायनिक पदार्थों के आपूर्तिकर्ताओं, व्यापारिक बिचौलियों, सिंथेटिक मादक पदार्थ मेफेड्रोन (एमडी) के निर्माण व वितरण में शामिल तस्करों, हवाला संचालकों और बेनामी संपत्तियों के मालिकों से जुड़े हैं। इसके अलावा वित्तीय सुविधादाताओं, उनसे संबद्ध चार्टर्ड अकाउंटेंट और लेखाकारों की भूमिका की भी गहन पड़ताल की जा रही है।

नेटवर्क की कार्यप्रणाली

अब तक की जांच से एक उच्च संगठित अंतरराष्ट्रीय आपराधिक ढाँचे का खुलासा हुआ है। अधिकारियों के अनुसार यह नेटवर्क रासायनिक पदार्थों की खरीद, मेफेड्रोन के गुप्त निर्माण, मादक पदार्थों के अंतरराज्यीय परिवहन, अंतरराष्ट्रीय तस्करी, हवाला चैनलों से अपराध की आय एकत्र करने और उसे छिपाने तथा सहयोगियों के नाम पर भारत में बेनामी संपत्तियाँ खरीदने व विदेशों में निवेश करने में लिप्त है।

आगे क्या होगा

यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र सरकार ने संगठित अपराध और मनी लॉन्ड्रिंग के खिलाफ अभियान तेज किया है। गौरतलब है कि सलीम डोला का प्रत्यर्पण इस जांच में एक निर्णायक मोड़ माना जा रहा है। ईडी की तलाशी से प्राप्त दस्तावेज़ों और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आगे संपत्ति कुर्की और गिरफ्तारियों की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

संपादकीय दृष्टिकोण

असली कसौटी यह होगी कि क्या अभियोजन पक्ष विदेशी संपत्तियों और अंतरराष्ट्रीय वित्तीय प्रवाह को अदालत में साबित कर पाता है — जो भारतीय मनी लॉन्ड्रिंग मामलों में ऐतिहासिक रूप से सबसे कठिन कड़ी रही है। दाऊद नेटवर्क से कथित जुड़ाव इस मामले को राजनीतिक और कूटनीतिक दोनों आयाम देता है, जो आगे चलकर जांच की दिशा को प्रभावित कर सकता है।
RashtraPress
20 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ईडी ने यह छापेमारी किसके खिलाफ और क्यों की?
ईडी ने यह कार्रवाई सलीम इस्माइल डोला और उनके सहयोगियों के खिलाफ पीएमएलए, 2002 के तहत चल रही मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत की। डोला पर अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ तस्करी नेटवर्क संचालित करने और हवाला चैनलों के ज़रिए अपराध की आय को वैध बनाने के आरोप हैं।
सलीम डोला कौन है और उसे कहाँ से प्रत्यर्पित किया गया?
सलीम इस्माइल डोला कथित तौर पर दाऊद इब्राहिम का करीबी सहयोगी है और अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ नेटवर्क का संचालक बताया जाता है। सरकार ने पिछले महीने उसे तुर्की से भारत प्रत्यर्पित किया था।
इस नेटवर्क में किस मादक पदार्थ के निर्माण का आरोप है?
जांच एजेंसियों के अनुसार यह नेटवर्क सिंथेटिक मादक पदार्थ मेफेड्रोन (एमडी) के गुप्त निर्माण और अंतरराज्यीय व अंतरराष्ट्रीय वितरण में लिप्त है। रासायनिक कारखानों और आपूर्तिकर्ताओं की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
छापेमारी में किन-किन लोगों और संस्थाओं की जांच हो रही है?
ईडी की जांच के दायरे में रासायनिक पदार्थों के आपूर्तिकर्ता, व्यापारिक बिचौलिये, हवाला संचालक, मनी लॉन्ड्रिंग में सहायक चार्टर्ड अकाउंटेंट और लेखाकार, तथा बेनामी संपत्तियों के मालिक शामिल हैं।
इस मामले में आगे क्या कार्रवाई हो सकती है?
तलाशी से प्राप्त दस्तावेज़ों और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर संपत्ति कुर्की और गिरफ्तारियों की संभावना है। ईडी भारत में बेनामी संपत्तियों के साथ-साथ विदेशों में निवेश की गई अपराध की आय का भी पता लगा रही है।
राष्ट्र प्रेस
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