ईडी का बड़ा एक्शन: मुंबई, सूरत, अंकलेश्वर और राजकोट में 20 ठिकानों पर छापे, सलीम डोला का ड्रग नेटवर्क निशाने पर
सारांश
मुख्य बातें
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के मुंबई क्षेत्रीय कार्यालय ने 2 जून 2026 को मुंबई, सूरत, अंकलेश्वर और राजकोट में एक साथ 20 स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया। यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ तस्करी गिरोह के संचालक सलीम इस्माइल डोला और उनके सहयोगियों के विरुद्ध चल रही जांच का हिस्सा है।
कौन है सलीम डोला और क्यों है निशाने पर
सरकार ने पिछले महीने सलीम डोला को तुर्की से प्रत्यर्पित किया था। जांच एजेंसियों के अनुसार वह दाऊद इब्राहिम का करीबी सहयोगी है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मादक पदार्थों का नेटवर्क संचालित करता है। मुंबई में उसके और अन्य आरोपियों के खिलाफ नारकोटिक्स एवं मनोरोगी पदार्थों की अवैध तस्करी से जुड़ी कई एफआईआर दर्ज हैं, जिनके आधार पर पीएमएलए जांच शुरू की गई थी।
छापों में क्या-क्या आया जांच के दायरे में
तलाशी अभियान उन परिसरों पर केंद्रित है जो रासायनिक पदार्थों के आपूर्तिकर्ताओं, व्यापारिक बिचौलियों, सिंथेटिक मादक पदार्थ मेफेड्रोन (एमडी) के निर्माण व वितरण में शामिल तस्करों, हवाला संचालकों और बेनामी संपत्तियों के मालिकों से जुड़े हैं। इसके अलावा वित्तीय सुविधादाताओं, उनसे संबद्ध चार्टर्ड अकाउंटेंट और लेखाकारों की भूमिका की भी गहन पड़ताल की जा रही है।
नेटवर्क की कार्यप्रणाली
अब तक की जांच से एक उच्च संगठित अंतरराष्ट्रीय आपराधिक ढाँचे का खुलासा हुआ है। अधिकारियों के अनुसार यह नेटवर्क रासायनिक पदार्थों की खरीद, मेफेड्रोन के गुप्त निर्माण, मादक पदार्थों के अंतरराज्यीय परिवहन, अंतरराष्ट्रीय तस्करी, हवाला चैनलों से अपराध की आय एकत्र करने और उसे छिपाने तथा सहयोगियों के नाम पर भारत में बेनामी संपत्तियाँ खरीदने व विदेशों में निवेश करने में लिप्त है।
आगे क्या होगा
यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र सरकार ने संगठित अपराध और मनी लॉन्ड्रिंग के खिलाफ अभियान तेज किया है। गौरतलब है कि सलीम डोला का प्रत्यर्पण इस जांच में एक निर्णायक मोड़ माना जा रहा है। ईडी की तलाशी से प्राप्त दस्तावेज़ों और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आगे संपत्ति कुर्की और गिरफ्तारियों की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।