दाऊद इब्राहिम का सहयोगी सलीम डोला तुर्की से प्रत्यर्पित, दिल्ली में खुफिया एजेंसियों की पूछताछ शुरू

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दाऊद इब्राहिम का सहयोगी सलीम डोला तुर्की से प्रत्यर्पित, दिल्ली में खुफिया एजेंसियों की पूछताछ शुरू

सारांश

तुर्की के इस्तांबुल से प्रत्यर्पित सलीम डोला की गिरफ्तारी दाऊद इब्राहिम नेटवर्क के खिलाफ भारत की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक है। ₹5,000 करोड़ के कथित ड्रग साम्राज्य का यह संचालक अब NCB की गिरफ्त में है — और इससे पहले बेटे ताहिर डोला भी UAE से प्रत्यर्पित हो चुके हैं।

Key Takeaways

  • सलीम डोला को 28 अप्रैल 2026 को तुर्की से प्रत्यर्पित कर नई दिल्ली लाया गया।
  • CBI के अनुरोध पर जारी इंटरपोल रेड कॉर्नर नोटिस के आधार पर इस्तांबुल में गिरफ्तारी हुई थी।
  • अधिकारियों के अनुसार डोला लगभग ₹5,000 करोड़ के ड्रग साम्राज्य का संचालन करता था।
  • जून 2025 में बेटे ताहिर डोला को UAE से और सहयोगी सलीम मोहम्मद सोहेल शेख को दुबई से प्रत्यर्पित किया जा चुका है।
  • डोला को दिल्ली में पूछताछ के बाद मुंबई NCB को सौंपा जाएगा।
  • जाँचकर्ताओं के अनुसार ड्रग धन का उपयोग कथित तौर पर भारत-विरोधी गतिविधियों के वित्त पोषण में हुआ।

भारतीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों को अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कामयाबी मिली है — फरार गैंगस्टर दाऊद इब्राहिम का करीबी सहयोगी और अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट का अहम सदस्य सलीम डोला को मंगलवार, 28 अप्रैल 2026 को तुर्की से प्रत्यर्पित कर नई दिल्ली लाया गया। सूत्रों के अनुसार, उसे विशेष विमान से तड़के दिल्ली हवाई अड्डे पर उतारा गया, जहाँ खुफिया एजेंसियों ने तत्काल पूछताछ शुरू कर दी।

प्रत्यर्पण की पूरी प्रक्रिया

अधिकारियों ने पुष्टि की कि यह प्रत्यर्पण केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) के अनुरोध पर जारी इंटरपोल रेड कॉर्नर नोटिस के आधार पर हुआ। इस्तांबुल में स्थानीय कानून प्रवर्तन और खुफिया इकाइयों के संयुक्त अभियान में डोला को गिरफ्तार किया गया था। अधिकारियों के अनुसार, भारतीय खुफिया एजेंसियों और उनके अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों के बीच निरंतर समन्वय के बाद यह अभियान सफल हुआ।

सूत्रों के अनुसार, फिलहाल दिल्ली में खुफिया एजेंसियाँ डोला से पूछताछ कर रही हैं। इसके बाद उसे आगे की जाँच के लिए मुंबई स्थित नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) को सौंपा जाएगा। मुंबई पुलिस कई वर्षों से मादक पदार्थों से जुड़े विभिन्न मामलों में उसकी हिरासत की माँग कर रही थी।

सलीम डोला की आपराधिक पृष्ठभूमि

सलीम डोला का जन्म 1966 में मुंबई में हुआ था और वह कम उम्र में ही अंडरवर्ल्ड के संपर्क में आ गया था। उसने दाऊद के खास आदमी छोटा शकील के साथ मिलकर काम किया। गुटखा आपूर्ति से शुरुआत करने के बाद उसने गांजा तस्करी की ओर कदम बढ़ाया।

2012 में NCB ने 80 ग्राम गांजा बरामद होने के बाद उसे गिरफ्तार किया। पाँच साल जेल में बिताने के बाद उसे बरी कर दिया गया। रिहाई के बाद उसने फेंटानिल का उपयोग करके बनाई जाने वाली सिंथेटिक ड्रग 'बटन' के निर्माण के लिए एक उत्पादन इकाई स्थापित की। 2018 में मुंबई के सांता क्रूज़ में उसके पास से 100 किलोग्राम फेंटानिल जब्त की गई, हालाँकि फोरेंसिक रिपोर्ट में नमूने नेगेटिव आने के बाद चार महीने में उसे जमानत मिल गई। जमानत पर रहते हुए वह संयुक्त अरब अमीरात (UAE) भाग गया।

नेटवर्क पर लगातार कार्रवाई

यह प्रत्यर्पण एकाकी घटना नहीं है — यह भारतीय एजेंसियों द्वारा इस नेटवर्क के खिलाफ चलाए जा रहे व्यापक अभियान की कड़ी है। जून 2025 में डोला के बेटे ताहिर डोला को UAE से प्रत्यर्पित किया गया था। कुछ महीनों बाद एक अन्य प्रमुख सहयोगी सलीम मोहम्मद सोहेल शेख को दुबई से प्रत्यर्पित कर मुंबई एंटी-नारकोटिक्स सेल द्वारा गिरफ्तार किया गया। गौरतलब है कि यह नेटवर्क कई देशों में फैली सिंथेटिक मादक पदार्थों की तस्करी प्रणाली का संचालन करता था और कथित तौर पर भारत के विभिन्न हिस्सों में अवैध उत्पादन इकाइयाँ स्थापित की थीं।

वित्तीय आयाम और सुरक्षा चिंताएँ

अधिकारियों के अनुमान के अनुसार, डोला लगभग ₹5,000 करोड़ के ड्रग साम्राज्य का संचालन करता था, जिससे वह इस सिंडिकेट के सबसे महत्वपूर्ण खिलाड़ियों में से एक था। जाँचकर्ताओं का मानना है कि नशीले पदार्थों की तस्करी से प्राप्त धन का उपयोग कथित तौर पर भारत के सुरक्षा हितों के लिए हानिकारक गतिविधियों को वित्त पोषित करने में किया गया था। सुरक्षा विशेषज्ञों ने रेखांकित किया है कि ड्रग नेटवर्क को नष्ट करना आतंकवाद-रोधी प्रयासों का अभिन्न हिस्सा है, क्योंकि ऐसे गिरोह अक्सर चरमपंथी गतिविधियों के लिए वित्तीय आधार का काम करते हैं।

आगे क्या होगा

NCB और अन्य जाँच एजेंसियाँ डोला से मादक पदार्थों की तस्करी और अंतरराष्ट्रीय तस्करी से जुड़े कई मामलों में पूछताछ करेंगी। विशेषज्ञों का मानना है कि डोला, उसके बेटे और करीबी सहयोगियों की गिरफ्तारी से दाऊद नेटवर्क की गतिविधियाँ धीरे-धीरे कमजोर हो रही हैं — हालाँकि नेटवर्क की पूर्ण निष्क्रियता की पुष्टि अभी बाकी है।

Point of View

लेकिन असली परीक्षा अब शुरू होती है — पूछताछ से कितनी नई कड़ियाँ सामने आती हैं। यह ऐसे समय में आया है जब पहलगाम हमले के बाद भारत-पाकिस्तान तनाव चरम पर है और दाऊद नेटवर्क के वित्तीय चैनलों की जाँच राष्ट्रीय सुरक्षा के नज़रिए से और भी संवेदनशील हो गई है। ₹5,000 करोड़ के कथित ड्रग साम्राज्य का संचालक हाथ लग गया है, पर नेटवर्क की जड़ें कितनी गहरी हैं — यह तभी स्पष्ट होगा जब NCB की पूछताछ के नतीजे सामने आएँगे। बेटे, सहयोगी और अब मुखिया — तीनों की गिरफ्तारी एक सुनियोजित रणनीति का संकेत देती है, पर दाऊद खुद अभी भी पहुँच से बाहर है।
NationPress
28/04/2026

Frequently Asked Questions

सलीम डोला कौन है और उसे क्यों प्रत्यर्पित किया गया?
सलीम डोला दाऊद इब्राहिम का करीबी सहयोगी और अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट का प्रमुख सदस्य है। उसे CBI के अनुरोध पर जारी इंटरपोल रेड कॉर्नर नोटिस के आधार पर तुर्की से 28 अप्रैल 2026 को भारत प्रत्यर्पित किया गया।
सलीम डोला पर क्या आरोप हैं?
डोला पर मादक पदार्थों की तस्करी, सिंथेटिक ड्रग 'बटन' के निर्माण और अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क संचालन के आरोप हैं। 2018 में मुंबई के सांता क्रूज़ में उसके पास से 100 किलोग्राम फेंटानिल जब्त की गई थी।
सलीम डोला से अब कौन पूछताछ करेगा?
फिलहाल दिल्ली में खुफिया एजेंसियाँ उससे पूछताछ कर रही हैं। इसके बाद उसे मुंबई स्थित नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) को सौंपा जाएगा, जो मादक पदार्थों से जुड़े कई मामलों में जाँच करेगी।
दाऊद इब्राहिम नेटवर्क के खिलाफ पहले क्या कार्रवाई हुई है?
जून 2025 में डोला के बेटे ताहिर डोला को UAE से प्रत्यर्पित किया गया था। इसके बाद सहयोगी सलीम मोहम्मद सोहेल शेख को दुबई से प्रत्यर्पित कर मुंबई एंटी-नारकोटिक्स सेल ने गिरफ्तार किया था।
सलीम डोला का ड्रग साम्राज्य कितना बड़ा था?
अधिकारियों के अनुमान के अनुसार डोला लगभग ₹5,000 करोड़ के ड्रग साम्राज्य का संचालन करता था। जाँचकर्ताओं के अनुसार इस धन का उपयोग कथित तौर पर भारत-विरोधी गतिविधियों के वित्त पोषण में भी किया गया।
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