सांगली ड्रग्स केस: सलीम डोला आज कोर्ट में पेश, दाऊद इब्राहिम के अंडरवर्ल्ड नेटवर्क की जांच तेज
सारांश
मुख्य बातें
मुंबई क्राइम ब्रांच की यूनिट 7 ने अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के कथित करीबी सहयोगी सलीम डोला को 2024 के सांगली ड्रग्स मामले में आगे की पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया है। 13 मई को उसे स्पेशल एनडीपीएस कोर्ट में पेश किया जाएगा। जांच एजेंसियों को इस मामले में अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी और अंडरवर्ल्ड से जुड़े कई अहम खुलासों की उम्मीद है।
मुख्य घटनाक्रम
क्राइम ब्रांच के अनुसार, मार्च 2024 में जांच एजेंसियों ने सांगली में संचालित एक अवैध ड्रग्स फैक्ट्री पर छापा मारा था। इस कार्रवाई में 122 किलो एमडी ड्रग्स बरामद की गई, साथ ही भारी मात्रा में नकदी और सोना भी जब्त किया गया। जब्त सामान की कुल कीमत लगभग ₹253 करोड़ बताई गई है।
इस छापेमारी में पुलिस ने 6 लोगों को गिरफ्तार किया था, जिनमें प्रवीण शिंदे भी शामिल था। पुलिस का दावा है कि वही इस अवैध फैक्ट्री को संचालित कर रहा था। इससे पहले इसी मामले में दुबई से प्रत्यर्पण के बाद ताहिर डोला और कुब्बावाला को भी गिरफ्तार किया जा चुका है।
सलीम डोला की भूमिका
जांच में सामने आया है कि सलीम डोला इस पूरे ड्रग्स रैकेट को आर्थिक मदद पहुंचा रहा था। इतना ही नहीं, कथित तौर पर वह ड्रग्स की सप्लाई और ट्रांसपोर्ट नेटवर्क की निगरानी भी करता था। पुलिस का कहना है कि इस नेटवर्क के तार अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी से जुड़े हुए हैं और इसमें कई बड़े नाम शामिल हो सकते हैं।
सलीम डोला मुंबई की आर्थर रोड जेल में बंद था। वहीं से क्राइम ब्रांच की टीम ने उसे अपनी कस्टडी में लिया। इसके लिए मुंबई क्राइम ब्रांच ने स्पेशल एनडीपीएस कोर्ट में याचिका दाखिल की थी, जिसे कोर्ट ने मंजूर कर लिया।
कोर्ट में क्राइम ब्रांच की दलील
कोर्ट में पुलिस ने तर्क दिया कि सलीम डोला अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी से जुड़ा हुआ है और मामले की गहराई से जांच के लिए उसकी कस्टडी अनिवार्य है। इसके बाद कोर्ट ने क्राइम ब्रांच को उसकी हिरासत सौंप दी। अब उसे नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) की हिरासत से लेकर आगे की पूछताछ शुरू की गई है।
आगे क्या होगा
क्राइम ब्रांच का मानना है कि सलीम डोला से पूछताछ में ड्रग्स सिंडिकेट और अंडरवर्ल्ड कनेक्शन से जुड़े कई अहम राज सामने आ सकते हैं। यह मामला ऐसे समय में और संवेदनशील हो जाता है जब अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी नेटवर्क और संगठित अपराध के बीच संबंधों की जांच देशभर में तेज हो रही है। गौरतलब है कि दुबई से प्रत्यर्पण की प्रक्रिया पहले ही इस मामले की व्यापकता को उजागर कर चुकी है, और अब सलीम डोला की गिरफ्तारी से जांच एक नए और निर्णायक मोड़ पर आ गई है।