सलीम डोला की कस्टडी के लिए मुंबई क्राइम ब्रांच ने NDPS कोर्ट में दाखिल की अर्जी, सांगली-मैसूर-तेलंगाना ड्रग्स केस में होगी पूछताछ
सारांश
मुख्य बातें
मुंबई क्राइम ब्रांच ने 5 मई 2026 को विशेष एनडीपीएस कोर्ट में अर्जी दाखिल कर अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के कथित करीबी सलीम डोला की कस्टडी की माँग की है। क्राइम ब्रांच का इरादा है कि एनसीबी की रिमांड समाप्त होते ही डोला से सांगली, मैसूर और तेलंगाना ड्रग्स केस समेत कई मामलों में पूछताछ की जाए। फिलहाल सलीम डोला 8 मई तक नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) की हिरासत में है।
कस्टडी की कानूनी प्रक्रिया
मुंबई क्राइम ब्रांच ने एनडीपीएस कोर्ट से प्रोडक्शन वारंट जारी करने की माँग की है। कानूनी प्रक्रिया के तहत जाँच एजेंसी को पहले अदालत में यह स्पष्ट करना होता है कि आरोपी की कस्टडी क्यों आवश्यक है। यदि न्यायालय को लगता है कि अन्य मामलों में पूछताछ जरूरी है, तो वह प्रोडक्शन वारंट जारी कर देती है और इसके बाद संबंधित एजेंसी आरोपी को अपनी हिरासत में ले सकती है।
किन-किन मामलों में होगी जाँच
क्राइम ब्रांच के अनुसार, डोला से पहले सांगली ड्रग्स केस, उसके बाद मैसूर ड्रग्स केस और फिर तेलंगाना ड्रग्स केस में लगातार कस्टडी ली जाएगी। इसके अलावा 2024 में 4 किलो एमडी ड्रग्स जब्ती मामले में भी डोला का नाम कथित तौर पर सामने आया था। जाँच में यह भी संदेह है कि सांगली, मैसूर और तेलंगाना में सामने आई ड्रग्स फैक्ट्रियों में उसकी भूमिका रही है।
ड्रग्स नेटवर्क से संबंध का दावा
मुंबई क्राइम ब्रांच का दावा है कि सलीम डोला कई बड़े ड्रग्स नेटवर्क का अहम हिस्सा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि डोला से गहन पूछताछ के ज़रिए ड्रग्स तस्करी के बड़े गिरोह का पर्दाफाश हो सकता है। गौरतलब है कि डोला को दाऊद इब्राहिम के करीबी सहयोगियों में गिना जाता है, हालाँकि यह आरोप अभी जाँच के दायरे में है।
एनसीबी और क्राइम ब्रांच में समन्वय
अभी तक NCB डोला से ड्रग्स से जुड़े मामलों में पूछताछ कर रही है और उसकी रिमांड 8 मई तक है। एनडीपीएस कोर्ट की मंजूरी और NCB की रिमांड समाप्त होने के बाद ही क्राइम ब्रांच को डोला की कस्टडी मिल सकेगी। दोनों एजेंसियों के बीच समन्वय यह सुनिश्चित करेगा कि जाँच की कड़ियाँ टूटने न पाएँ।
अब आगे क्या होगा
अंतिम निर्णय एनडीपीएस कोर्ट को लेना है। यदि अदालत प्रोडक्शन वारंट जारी करती है, तो 8 मई के बाद डोला को NCB से मुंबई क्राइम ब्रांच को सौंपा जाएगा। इस मामले की अगली सुनवाई पर सबकी नज़रें टिकी हैं, क्योंकि जाँच के नतीजे कई राज्यों में फैले ड्रग्स नेटवर्क की कड़ियों को उजागर कर सकते हैं।