27 जून 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या बंगाल और दिल्ली में कोयला तस्करी और हवाला नेटवर्क मामले में ईडी की छापेमारी ममता बनर्जी के लिए मुश्किलें बढ़ा रही है?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या बंगाल और दिल्ली में कोयला तस्करी और हवाला नेटवर्क मामले में ईडी की छापेमारी ममता बनर्जी के लिए मुश्किलें बढ़ा रही है?

सारांश

प्रवर्तन निदेशालय की छापेमारी से पश्चिम बंगाल और दिल्ली में कोयला तस्करी और हवाला नेटवर्क की गहराई उजागर हुई। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर जांच में बाधा डालने का आरोप, जिससे राजनीतिक हलचल बढ़ सकती है। क्या यह मामला ममता बनर्जी के लिए नई चुनौतियाँ लेकर आएगा?

मुख्य बातें

ईडी ने कोयला तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में छापेमारी की।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर जांच में बाधा डालने का आरोप।
अनूप माजी के नेतृत्व में एक सिंडिकेट का खुलासा।
हवाला नेटवर्क से जुड़े लेनदेन का खुलासा।
राजनीतिक दलों पर प्रभाव पड़ सकता है।

नई दिल्ली, 8 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गुरुवार को कोयला तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग से संबंधित एक मामले में पश्चिम बंगाल के 6 और दिल्ली के 4 ठिकानों पर छापेमारी की। ईडी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर जांच में बाधा डालने का आरोप लगाया है।

जांच में यह सामने आया है कि अनूप माजी के नेतृत्व में एक संगठित कोयला तस्करी सिंडिकेट पश्चिम बंगाल के ईसीएल लीजहोल्ड क्षेत्रों से अवैध रूप से कोयला निकालता था, जिसे बांकुरा, बर्धमान, पुरुलिया सहित विभिन्न जिलों में स्थित फैक्ट्रियों और प्लांट्स में बेचा जाता था। जांच एजेंसियों के अनुसार, इस अवैध कोयले का एक बड़ा हिस्सा शाकंभरी ग्रुप की कंपनियों को बेचा गया।

ईडी की जांच में हवाला ऑपरेटरों के साथ गहरे संबंध भी उजागर हुए हैं। कई बयानों और दस्तावेजी सबूतों से यह पुष्टि हुई है कि कोयला तस्करी से अर्जित धन को हवाला नेटवर्क के जरिए लेयरिंग किया गया।

इस नेटवर्क में इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी (आई-पैक) को करोड़ों रुपये के लेनदेन में मदद मिलने के संकेत मिले हैं। 8 जनवरी 2026 को पीएमएलए के तहत हुई तलाशी में कोयला तस्करी से जुड़े लोग, हवाला ऑपरेटर और हैंडलर शामिल पाए गए हैं।

गुरुवार को हुई कार्रवाई के दौरान पश्चिम बंगाल में 6 और दिल्ली में 4 ठिकानों पर छापेमारी की गई। सर्च के दौरान कुछ स्थानों पर स्थिति तनावपूर्ण हो गई। ईडी का आरोप है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और राज्य पुलिस ने जांच में हस्तक्षेप किया और कुछ जगहों से भौतिक दस्तावेज व इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य हटा लिए गए।

ईडी ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई पूरी तरह से सबूतों के आधार पर की गई है, किसी राजनीतिक संस्था या पार्टी कार्यालय को निशाना नहीं बनाया गया है और इसका किसी चुनाव से कोई संबंध नहीं है। यह मनी लॉन्ड्रिंग के खिलाफ नियमित और कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई कार्रवाई है।

अधिकारियों ने बताया कि ईडी ने 28 नवंबर 2020 को ईसीआईआर दर्ज किया था। जांच अनूप माजी और अन्य के खिलाफ चल रही है। यह कार्रवाई सीबीआई कोलकाता की एफआईआर संख्या आरसी0102020ए0022 27 नवंबर 2020 के आधार पर की गई। इस मामले में जल्द ही कई लोगों की गिरफ्तारी हो सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट करना आवश्यक है कि किसी भी राजनीतिक दल या नेता को बिना सबूत के लक्ष्य नहीं बनाया जाना चाहिए। हमें हमेशा न्याय प्रक्रिया और निष्पक्षता का सम्मान करना चाहिए।
RashtraPress
27 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ईडी ने किस मामले में छापेमारी की?
ईडी ने कोयला तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में छापेमारी की।
ममता बनर्जी पर क्या आरोप हैं?
ममता बनर्जी पर जांच में बाधा डालने का आरोप लगाया गया है।
क्या इस मामले में गिरफ्तारियां होंगी?
इस मामले में जल्द ही कई लोगों की गिरफ्तारी की संभावना है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 5 महीने पहले
  5. 5 महीने पहले
  6. 5 महीने पहले
  7. 5 महीने पहले
  8. 7 महीने पहले