18 जुलाई 2026
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गोवा क्राइम ब्रांच का बड़ा एक्शन: भारत-नेपाल सीमा से गोवा तक फैले ड्रग नेटवर्क का भंडाफोड़, बहराइच से मुख्य सप्लायर गिरफ्तार

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गोवा क्राइम ब्रांच का बड़ा एक्शन: भारत-नेपाल सीमा से गोवा तक फैले ड्रग नेटवर्क का भंडाफोड़, बहराइच से मुख्य सप्लायर गिरफ्तार

सारांश

गोवा क्राइम ब्रांच ने भारत-नेपाल सीमा से संचालित हेरोइन सप्लाई चेन का पर्दाफाश किया। तीन नेपाली नागरिकों की गिरफ्तारी से शुरू हुई जांच ने बहराइच तक पहुँचकर मुख्य सप्लायर एकलाक अहमद उर्फ मन्ना मलिक को दबोचा। रूपईडीहा बस सेवा और डिजिटल भुगतान का उपयोग इस नेटवर्क की तकनीकी परिष्कार को दर्शाता है।

मुख्य बातें

गोवा क्राइम ब्रांच ने 1 जून 2026 को भारत-नेपाल सीमा से गोवा तक फैले अंतर्राज्यीय ड्रग नेटवर्क का भंडाफोड़ किया।
बेतिम जेटी के पास छापेमारी में 39.88 ग्राम हेरोइन (अनुमानित कीमत ₹8.88 लाख ) जब्त; दो नेपाली नागरिक अर्जुन बिस्वकर्मा और चेतकंत ओली गिरफ्तार।
तीसरे आरोपी नरिशोर भंडारी को भी हिरासत में लिया गया; एनडीपीएस अधिनियम, 1985 की धारा 21(बी) और 29 के तहत मुकदमा दर्ज।
मुख्य सप्लायर एकलाक अहमद उर्फ मन्ना मलिक को UP STF के सहयोग से बहराइच से गिरफ्तार किया गया।
नेटवर्क में गोवा-रूपईडीहा बस सेवा और ऑनलाइन बैंकिंग का उपयोग ट्रांजिट और भुगतान के लिए होता था।
कार्रवाई SP राहुल गुप्ता (IPS) के मार्गदर्शन में; नेटवर्क के अन्य सदस्यों की जांच जारी।

गोवा पुलिस की क्राइम ब्रांच ने 1 जून 2026 को एक अंतर्राज्यीय ड्रग तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले से नेटवर्क के मुख्य सप्लायर को गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई भारत-नेपाल सीमा से गोवा तक संचालित एक संगठित हेरोइन सप्लाई चेन के खिलाफ चलाए गए बहु-चरणीय अभियान का हिस्सा है। इससे पहले गोवा में तीन नेपाली नागरिकों की गिरफ्तारी के बाद शुरू हुई जांच ने इस पूरे नेटवर्क को उजागर किया।

प्रारंभिक छापेमारी और गिरफ्तारियाँ

विशेष खुफिया सूचना के आधार पर क्राइम ब्रांच ने मांडवी पुल के नीचे स्थित बेतिम जेटी के पास थोक मछली बाजार क्षेत्र में छापेमारी की। इस दौरान दो नेपाली नागरिकों — अर्जुन बिस्वकर्मा (36 वर्ष) और चेतकंत ओली (25 वर्ष) — को अवैध ड्रग तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया गया। बाद में एक तीसरे नेपाली नागरिक नरिशोर भंडारी को भी हिरासत में लिया गया।

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने लगभग 39.88 ग्राम हेरोइन बरामद की, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत ₹8.88 लाख आंकी गई है। इसके साथ एक स्कूटर और मोबाइल फोन भी जब्त किए गए। इस मामले में एनडीपीएस अधिनियम, 1985 की धारा 21(बी) और 29 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।

नेटवर्क का खुलासा: डिजिटल साक्ष्य और वित्तीय जांच

गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ, डिजिटल साक्ष्यों के विश्लेषण और वित्तीय लेन-देन की जांच से एक संगठित ड्रग सप्लाई नेटवर्क की परतें खुलती गईं। जांच में सामने आया कि आरोपी मोबाइल फोन के जरिए बहराइच स्थित सप्लायर को हेरोइन के ऑर्डर देते थे। भुगतान ऑनलाइन बैंकिंग और डिजिटल माध्यमों से किया जाता था।

भुगतान की पुष्टि होने के बाद सप्लायर गोवा-रूपईडीहा बस सेवा के जरिए पार्सल में प्रतिबंधित पदार्थ भेजता था। भारत-नेपाल सीमा पर स्थित रूपईडीहा इस नेटवर्क का प्रमुख ट्रांजिट पॉइंट था — जो दर्शाता है कि तस्कर सीमावर्ती क्षेत्रों की भौगोलिक जटिलता का फायदा उठा रहे थे।

मुख्य सप्लायर की गिरफ्तारी

वित्तीय और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने मुख्य सप्लायर की पहचान बहराइच निवासी एकलाक अहमद उर्फ मन्ना मलिक के रूप में की। जांच में यह भी उजागर हुआ कि उसके खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, डकैती, आर्म्स एक्ट और मादक पदार्थों से जुड़े कई आपराधिक मामले पहले से दर्ज हैं।

क्राइम ब्रांच ने उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (STF) के सहयोग से संयुक्त अभियान चलाकर बहराइच में मन्ना मलिक को गिरफ्तार किया। यह अंतर-राज्यीय समन्वय इस मामले की जटिलता को रेखांकित करता है।

अभियान का नेतृत्व और आगे की जांच

इस पूरे अभियान का संचालन क्राइम ब्रांच के महेश गाडेकर, माधव नाइक, कल्पेश तोरास्कर और क्रितेश किनालकर ने किया। कार्रवाई एसपी जीवबा दलवी की निगरानी और क्राइम ब्रांच के पुलिस अधीक्षक राहुल गुप्ता (IPS) के मार्गदर्शन में संपन्न हुई।

पुलिस के अनुसार, इस गिरफ्तारी से भारत-नेपाल सीमा के रास्ते संचालित बड़े ड्रग नेटवर्क के महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। नेटवर्क के अन्य सदस्यों की पहचान, नशीले पदार्थों के स्रोत और वित्तीय संबंधों की जांच अभी जारी है। गोवा पुलिस ने स्पष्ट किया है कि संगठित ड्रग तस्करी के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि केंद्रीय एजेंसियों की समन्वित और निरंतर प्रतिक्रिया की माँग करता है।
RashtraPress
18 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गोवा क्राइम ब्रांच ने किस ड्रग नेटवर्क का भंडाफोड़ किया?
गोवा क्राइम ब्रांच ने एक अंतर्राज्यीय हेरोइन सप्लाई नेटवर्क का भंडाफोड़ किया जो भारत-नेपाल सीमा के रूपईडीहा ट्रांजिट पॉइंट से गोवा तक संचालित था। नेटवर्क में नेपाली नागरिक स्थानीय वितरक के रूप में काम करते थे और उत्तर प्रदेश के बहराइच से हेरोइन की आपूर्ति होती थी।
मुख्य सप्लायर एकलाक अहमद उर्फ मन्ना मलिक को कहाँ से गिरफ्तार किया गया?
मुख्य सप्लायर एकलाक अहमद उर्फ मन्ना मलिक को उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले से गिरफ्तार किया गया। यह गिरफ्तारी गोवा क्राइम ब्रांच और उत्तर प्रदेश STF के संयुक्त अभियान के तहत हुई।
इस मामले में कितनी हेरोइन जब्त की गई और उसकी कीमत क्या है?
कार्रवाई के दौरान लगभग 39.88 ग्राम हेरोइन जब्त की गई, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत ₹8.88 लाख आंकी गई है। इसके साथ एक स्कूटर और मोबाइल फोन भी जब्त किए गए।
इस नेटवर्क में ड्रग की सप्लाई किस तरह होती थी?
आरोपी मोबाइल फोन के जरिए बहराइच स्थित सप्लायर को हेरोइन के ऑर्डर देते थे और ऑनलाइन बैंकिंग व डिजिटल माध्यमों से भुगतान करते थे। भुगतान की पुष्टि होने के बाद सप्लायर गोवा-रूपईडीहा बस सेवा के जरिए पार्सल में हेरोइन भेजता था।
इस कार्रवाई में कितने लोगों को गिरफ्तार किया गया और उन पर क्या धाराएँ लगाई गईं?
कुल चार लोगों को गिरफ्तार किया गया — तीन नेपाली नागरिक (अर्जुन बिस्वकर्मा, चेतकंत ओली, नरिशोर भंडारी) और बहराइच से मुख्य सप्लायर एकलाक अहमद उर्फ मन्ना मलिक। सभी पर एनडीपीएस अधिनियम, 1985 की धारा 21(बी) और 29 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
राष्ट्र प्रेस
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