गोवा क्राइम ब्रांच का बड़ा एक्शन: भारत-नेपाल सीमा से गोवा तक फैले ड्रग नेटवर्क का भंडाफोड़, बहराइच से मुख्य सप्लायर गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
गोवा पुलिस की क्राइम ब्रांच ने 1 जून 2026 को एक अंतर्राज्यीय ड्रग तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले से नेटवर्क के मुख्य सप्लायर को गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई भारत-नेपाल सीमा से गोवा तक संचालित एक संगठित हेरोइन सप्लाई चेन के खिलाफ चलाए गए बहु-चरणीय अभियान का हिस्सा है। इससे पहले गोवा में तीन नेपाली नागरिकों की गिरफ्तारी के बाद शुरू हुई जांच ने इस पूरे नेटवर्क को उजागर किया।
प्रारंभिक छापेमारी और गिरफ्तारियाँ
विशेष खुफिया सूचना के आधार पर क्राइम ब्रांच ने मांडवी पुल के नीचे स्थित बेतिम जेटी के पास थोक मछली बाजार क्षेत्र में छापेमारी की। इस दौरान दो नेपाली नागरिकों — अर्जुन बिस्वकर्मा (36 वर्ष) और चेतकंत ओली (25 वर्ष) — को अवैध ड्रग तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया गया। बाद में एक तीसरे नेपाली नागरिक नरिशोर भंडारी को भी हिरासत में लिया गया।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने लगभग 39.88 ग्राम हेरोइन बरामद की, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत ₹8.88 लाख आंकी गई है। इसके साथ एक स्कूटर और मोबाइल फोन भी जब्त किए गए। इस मामले में एनडीपीएस अधिनियम, 1985 की धारा 21(बी) और 29 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।
नेटवर्क का खुलासा: डिजिटल साक्ष्य और वित्तीय जांच
गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ, डिजिटल साक्ष्यों के विश्लेषण और वित्तीय लेन-देन की जांच से एक संगठित ड्रग सप्लाई नेटवर्क की परतें खुलती गईं। जांच में सामने आया कि आरोपी मोबाइल फोन के जरिए बहराइच स्थित सप्लायर को हेरोइन के ऑर्डर देते थे। भुगतान ऑनलाइन बैंकिंग और डिजिटल माध्यमों से किया जाता था।
भुगतान की पुष्टि होने के बाद सप्लायर गोवा-रूपईडीहा बस सेवा के जरिए पार्सल में प्रतिबंधित पदार्थ भेजता था। भारत-नेपाल सीमा पर स्थित रूपईडीहा इस नेटवर्क का प्रमुख ट्रांजिट पॉइंट था — जो दर्शाता है कि तस्कर सीमावर्ती क्षेत्रों की भौगोलिक जटिलता का फायदा उठा रहे थे।
मुख्य सप्लायर की गिरफ्तारी
वित्तीय और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने मुख्य सप्लायर की पहचान बहराइच निवासी एकलाक अहमद उर्फ मन्ना मलिक के रूप में की। जांच में यह भी उजागर हुआ कि उसके खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, डकैती, आर्म्स एक्ट और मादक पदार्थों से जुड़े कई आपराधिक मामले पहले से दर्ज हैं।
क्राइम ब्रांच ने उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (STF) के सहयोग से संयुक्त अभियान चलाकर बहराइच में मन्ना मलिक को गिरफ्तार किया। यह अंतर-राज्यीय समन्वय इस मामले की जटिलता को रेखांकित करता है।
अभियान का नेतृत्व और आगे की जांच
इस पूरे अभियान का संचालन क्राइम ब्रांच के महेश गाडेकर, माधव नाइक, कल्पेश तोरास्कर और क्रितेश किनालकर ने किया। कार्रवाई एसपी जीवबा दलवी की निगरानी और क्राइम ब्रांच के पुलिस अधीक्षक राहुल गुप्ता (IPS) के मार्गदर्शन में संपन्न हुई।
पुलिस के अनुसार, इस गिरफ्तारी से भारत-नेपाल सीमा के रास्ते संचालित बड़े ड्रग नेटवर्क के महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। नेटवर्क के अन्य सदस्यों की पहचान, नशीले पदार्थों के स्रोत और वित्तीय संबंधों की जांच अभी जारी है। गोवा पुलिस ने स्पष्ट किया है कि संगठित ड्रग तस्करी के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।