दिल्ली में ड्रग सिंडिकेट का भंडाफोड़: 5 करोड़ की कोकीन समेत 2 गिरफ्तार
सारांश
Key Takeaways
- दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने इंटरस्टेट ड्रग सिंडिकेट का भंडाफोड़ करते हुए 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया।
- 500 ग्राम उच्च गुणवत्ता वाली कोकीन बरामद, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत ₹5 करोड़।
- पहला आरोपी जावेद हुसैन (29 वर्ष, बरेली) को 10 अप्रैल 2026 को गाजियाबाद राउंडअबाउट से पकड़ा गया।
- दूसरा आरोपी सोइब खान (25 वर्ष, बरेली) को 22 अप्रैल 2026 को उसके घर से गिरफ्तार किया गया।
- मामले में एनडीपीएस एक्ट की धारा 21 के तहत एफआईआर दर्ज, दोनों आरोपियों का कोई पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड नहीं।
- पुलिस नेटवर्क के बड़े मास्टरमाइंड की तलाश में छापेमारी जारी, और गिरफ्तारियां संभव।
नई दिल्ली, 26 अप्रैल। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच इंटरस्टेट सेल (आईएससी) ने एक बड़े अंतरराज्यीय ड्रग सिंडिकेट का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है और उनके पास से लगभग 500 ग्राम उच्च गुणवत्ता वाली कोकीन बरामद की है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस नशीले पदार्थ की कीमत करीब 5 करोड़ रुपए आंकी जा रही है। यह नशा दिल्ली और एनसीआर क्षेत्र में बड़े पैमाने पर सप्लाई किया जा रहा था।
ऑपरेशन की पूरी टीम और निगरानी
यह पूरा अभियान इंस्पेक्टर सतेंद्र खारी के नेतृत्व में संचालित किया गया। उनकी टीम में एसआई संदीप, विनीत, अमित, अर्जुन, एएसआई रंधीर, हेड कांस्टेबल सनोज और कांस्टेबल विकास शामिल थे। पूरे ऑपरेशन की वरिष्ठ निगरानी एसीपी आर.एस. लांबा कर रहे थे।
पुलिस की यह कार्रवाई सुनियोजित खुफिया सूचना पर आधारित थी, जो दर्शाती है कि दिल्ली पुलिस का नशा-विरोधी नेटवर्क कितना सक्रिय और प्रभावी है।
पहली गिरफ्तारी: गाजियाबाद राउंडअबाउट पर जाल
10 अप्रैल 2026 को पुलिस को विश्वसनीय सूत्रों से सूचना मिली कि एक संदिग्ध व्यक्ति गाजियाबाद राउंडअबाउट, दिल्ली के निकट ड्रग्स की डिलीवरी करने वाला है। इस सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए पुलिस ने जाल बिछाया और जावेद हुसैन (29 वर्ष), निवासी बरेली, उत्तर प्रदेश को मौके पर ही दबोच लिया।
जावेद के पास से 456 ग्राम उच्च गुणवत्ता वाली कोकीन बरामद हुई। इस मामले में थाना क्राइम ब्रांच में एनडीपीएस एक्ट की धारा 21 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई और आगे की जांच प्रारंभ की गई।
पूछताछ में खुला सप्लाई चेन का राज़
पुलिस हिरासत में जावेद हुसैन से की गई गहन पूछताछ के दौरान यह खुलासा हुआ कि उसे यह नशीला पदार्थ बरेली के ही रहने वाले सोइब खान (25 वर्ष) ने उपलब्ध कराया था। इस सुराग पर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई शुरू की।
22 अप्रैल 2026 को स्थानीय पुलिस के सहयोग से बरेली में छापेमारी की गई और सोइब खान को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया गया। तलाशी के दौरान पुलिस को कई अहम सुराग भी हाथ लगे हैं जो इस नेटवर्क की व्यापकता की ओर इशारा करते हैं।
आरोपियों की पृष्ठभूमि और नेटवर्क की गहराई
जावेद हुसैन दिल्ली की एक जींस फैक्ट्री में मजदूरी करता था। दोनों ही आरोपी कम शिक्षित हैं और उनका कोई पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। यह पहली बार है जब वे किसी इतने संगीन मामले में पकड़े गए हैं।
यह तथ्य चिंताजनक है कि बिना किसी आपराधिक पृष्ठभूमि के भी आम लोग इस तरह के बड़े ड्रग नेटवर्क का हिस्सा बन रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे नेटवर्क जानबूझकर आर्थिक रूप से कमजोर और कम पढ़े-लिखे लोगों को 'कैरियर' के रूप में इस्तेमाल करते हैं।
जांच जारी, बड़े मास्टरमाइंड की तलाश
फिलहाल सोइब खान पुलिस रिमांड पर है और उससे लगातार पूछताछ की जा रही है। दिल्ली पुलिस का कहना है कि इस पूरे नेटवर्क में और भी कई लोग शामिल हो सकते हैं, जिनकी पहचान और गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी जारी है।
गौरतलब है कि दिल्ली-एनसीआर में पिछले कुछ महीनों में कोकीन और अन्य हार्ड ड्रग्स की बरामदगी के मामलों में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है, जो इस क्षेत्र में अंतरराज्यीय ड्रग नेटवर्क की बढ़ती सक्रियता को दर्शाती है। आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं और नेटवर्क के मास्टरमाइंड तक पहुंचने की कोशिश जारी रहेगी।