4 मई के बाद TMC के हर गुंडे का चुन-चुनकर हिसाब होगा: PM मोदी का आरामबाग में बड़ा ऐलान
सारांश
Key Takeaways
- PM नरेंद्र मोदी ने 26 अप्रैल को आरामबाग में 'विजय संकल्प सभा' को संबोधित करते हुए TMC के गुंडों के खिलाफ 4 मई के बाद कड़ी कार्रवाई का ऐलान किया।
- TMC सरकार पर 15 साल तक बंगाल की जनता को लूटने और शिक्षक भर्ती घोटाले में हजारों युवाओं का भविष्य बर्बाद करने का आरोप लगाया गया।
- 2023 पंचायत चुनावों में न्यायालय को केंद्रीय बलों की तैनाती का आदेश देना पड़ा था, जिसे मोदी ने TMC की विश्वसनीयता शून्य होने का प्रमाण बताया।
- भाजपा ने बंगाल की 75 लाख महिलाओं को लखपति दीदी योजना और बेटियों को 20 लाख रुपए तक का मुद्रा लोन देने का वादा किया।
- भाजपा सरकार बनने पर पहली कैबिनेट बैठक में आयुष्मान भारत योजना के तहत 5 लाख रुपए तक का मुफ्त इलाज बंगाल में लागू करने का भरोसा दिलाया गया।
- 23 अप्रैल को पहले चरण में रिकॉर्ड मतदान हुआ, PM मोदी ने दूसरे चरण में भी इस रिकॉर्ड को तोड़ने की अपील की।
आरामबाग, 26 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे चरण के मतदान से पहले रविवार, 26 अप्रैल को आरामबाग में आयोजित 'विजय संकल्प सभा' को संबोधित करते हुए कड़ी चेतावनी दी कि 4 मई के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) के हर गुंडे, अत्याचारी और भ्रष्टाचारी का चुन-चुनकर हिसाब किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बंगाल की जनता का गुस्सा अपने चरम पर पहुंच चुका है और अब बदलाव का वक्त आ गया है।
जनता का गुस्सा चरम पर, TMC सरकार पर हमला
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कुछ समय पहले जब वे सिंगूर आए थे, तब उन्होंने TMC की निर्मम सरकार के प्रति जनता का आक्रोश साफ देखा था। उन्होंने कहा, "आज वो गुस्सा अपने चरम पर पहुंच चुका है और बंगाल का एक ही उद्देश्य है — भय आउट, भरोसा इन।"
उन्होंने आरोप लगाया कि 15 वर्षों तक तृणमूल कांग्रेस ने बंगाल की जनता को लूटा। उन्होंने कहा कि जब अत्याचार की हद हो जाती है तो जनता मां दुर्गा का रूप धारण कर अन्याय का विसर्जन कर देती है। उन्होंने कहा कि आज बंगाल के हर बूथ पर उमड़ता जनसैलाब यही संदेश दे रहा है।
TMC सरकार की विश्वसनीयता शून्य — न्यायालयों को देने पड़े आदेश
PM मोदी ने कहा कि TMC की निर्मम सरकार नबन्ना सचिवालय से नहीं, बल्कि गुंडों के इशारे पर चलती है। उन्होंने कहा कि इस सरकार को या तो गुंडे चलाते हैं या फिर हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सरकार हरकत में आती है।
उन्होंने शिक्षक भर्ती घोटाले का उल्लेख करते हुए कहा कि TMC के मंत्रियों ने भर्ती प्रक्रिया को लूट लिया और हजारों युवाओं के भविष्य को बर्बाद कर दिया। उन्होंने कहा कि एक संवेदनशील सरकार होती तो ईमानदारी से जांच करती, लेकिन न्यायालय को जांच के आदेश देने पड़े — यही इस सरकार की विश्वसनीयता की असलियत है।
उन्होंने 2023 के पंचायत चुनावों का उदाहरण देते हुए कहा कि न्यायालय को केंद्रीय बलों की तैनाती का आदेश देना पड़ा क्योंकि TMC सरकार सुरक्षा प्रदान करने में असमर्थ थी। इसके अलावा संदेशखाली मामले में भी न्यायालय ने TMC सरकार पर गंभीर सवाल उठाए।
मतदान रिकॉर्ड टूटे, TMC नेता हैरान
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उन्होंने पहले ही कहा था कि बंगाल में मतदान के सभी पिछले रिकॉर्ड टूट जाएंगे और 23 अप्रैल को बंगाल की जनता ने इसे सच कर दिखाया। उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि अब 23 अप्रैल के रिकॉर्ड को भी तोड़ना होगा।
उन्होंने कहा कि जनता के मिजाज का अंदाजा न लगा पाने वाले TMC नेता भारी मतदान से हैरान और चिंतित हैं क्योंकि उन्होंने इतनी बड़ी संख्या में मतदाताओं के आने की उम्मीद नहीं की थी।
महिला सशक्तीकरण: लखपति दीदी योजना और मुद्रा लोन का वादा
PM मोदी ने कहा कि आज बंगाल की हर महिला कह रही है — "अब और नहीं।" उन्होंने घोषणा की कि 4 मई के बाद TMC के हर गुंडे, हर अत्याचारी और हर भ्रष्टाचारी का चुन-चुनकर हिसाब होगा।
उन्होंने कहा कि नारी सशक्तीकरण भाजपा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। लखपति दीदी अभियान के तहत बंगाल में बनने वाली भाजपा सरकार राज्य की 75 लाख बहनों को सहायता प्रदान करेगी ताकि वे प्रतिवर्ष एक लाख रुपए से अधिक कमा सकें।
इसके अलावा बंगाल की बेटियों को अपना रोजगार शुरू करने के लिए 20 लाख रुपए तक का मुद्रा लोन दिए जाने का वादा किया गया। उन्होंने भरोसा जताया कि भाजपा सरकार की पहली कैबिनेट बैठक में आयुष्मान भारत योजना को बंगाल में लागू करने का निर्णय लिया जाएगा, जिससे महिलाओं को पांच लाख रुपए तक का मुफ्त इलाज मिलेगा।
उन्होंने कहा कि बंगाल कभी महिला सशक्तीकरण का अगुआ हुआ करता था, लेकिन आज यहां बलात्कार और हत्याओं की खबरें आती हैं — और इसके लिए TMC की क्रूर सरकार सीधे जिम्मेदार है। बंगाल की महिलाओं ने अपना मन बना लिया है और उनका आशीर्वाद भाजपा के साथ है।
आगामी दिनों में पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के शेष चरणों में मतदान होगा और 4 मई की तारीख सत्ता परिवर्तन की दिशा में निर्णायक मानी जा रही है।