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भूटान में 4.9 तीव्रता का भूकंप, ग्येलपोजिंग रहा केंद्र; पूर्वोत्तर भारत में भी महसूस हुए झटके

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भूटान में 4.9 तीव्रता का भूकंप, ग्येलपोजिंग रहा केंद्र; पूर्वोत्तर भारत में भी महसूस हुए झटके

सारांश

भूटान में शनिवार शाम ग्येलपोजिंग केंद्रित 4.9 तीव्रता के भूकंप ने पूर्वोत्तर भारत तक झटके पहुँचाए। NCS के अनुसार गहराई 5 किमी रही। असम आपदा प्रबंधन ने नुकसान से इनकार किया। जून 2026 में भी भूटान में 5.6 तीव्रता का भूकंप आ चुका है।

मुख्य बातें

19 सितंबर 2026 की शाम 4:01 बजे IST भूटान में 4.9 तीव्रता का भूकंप आया।
भूकंप का केंद्र ग्येलपोजिंग , गहराई जमीन से 5 किलोमीटर नीचे।
पूर्वोत्तर भारत में भी झटके महसूस किए गए, किसी नुकसान की पुष्टि नहीं।
असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) ने नागरिकों से संयम और सतर्कता की अपील की।
इससे पहले 7 जून 2026 को भूटान के पुणखा में 5.6 तीव्रता का भूकंप आया था।
भूटान भारतीय और यूरेशियन प्लेटों के टकराव क्षेत्र में होने के कारण भूकंप-संवेदनशील है।

भूटान में शनिवार, 19 सितंबर 2026 की शाम 4 बजकर 01 मिनट IST पर 4.9 तीव्रता का भूकंप आया, जिसका केंद्र ग्येलपोजिंग बताया जा रहा है। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के आँकड़ों के अनुसार भूकंप की गहराई जमीन से 5 किलोमीटर नीचे दर्ज की गई। झटके पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों तक महसूस किए गए, हालाँकि अब तक किसी जनहानि या संपत्ति के नुकसान की सूचना नहीं है।

मुख्य घटनाक्रम

असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) ने सोशल मीडिया पर नागरिकों से संयम बरतने और अफवाहों से दूर रहने की अपील की। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया कि फिलहाल किसी नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है।

गौरतलब है कि इसी वर्ष 7 जून 2026 को भी भूटान में भूकंप आया था, जिसकी तीव्रता 5.6 और गहराई 10 किलोमीटर थी। उस भूकंप का केंद्र पुणखा में था और उत्तर बंगाल, पूर्वोत्तर के कुछ हिस्सों तथा बांग्लादेश में भी झटके अनुभव किए गए थे।

भूटान क्यों है भूकंप-संवेदनशील क्षेत्र

भूटान भारतीय प्लेट और यूरेशियन प्लेट के टकराव क्षेत्र में स्थित है, जिससे यहाँ भूकंपीय गतिविधि की संभावना सदैव बनी रहती है। यह टकराव ही हिमालय पर्वत श्रृंखला के निर्माण का कारण है और इसी फॉल्ट लाइन के कारण इस क्षेत्र में बार-बार भूकंप आते हैं।

पृथ्वी की बाहरी परत में टेक्टॉनिक प्लेटें निरंतर गतिमान रहती हैं। जहाँ ये प्लेटें अधिक टकराती हैं, उन्हें फॉल्ट लाइन जोन कहा जाता है। अत्यधिक दबाव बनने पर प्लेटें टूटती हैं और उनके भीतर संचित ऊर्जा भूकंप के रूप में बाहर आती है।

रिक्टर स्केल पर 4.9 तीव्रता का अर्थ

रिक्टर स्केल पर 4.5 या अधिक तीव्रता के भूकंप इमारतों और घरों को क्षति पहुँचाने में सक्षम माने जाते हैं, जबकि 7.0 या उससे ऊपर के भूकंप खतरनाक श्रेणी में आते हैं। 2.0 या उससे कम तीव्रता वाले भूकंप 'माइक्रो भूकंप' कहलाते हैं, जिन्हें अधिकतर लोग अनुभव नहीं कर पाते। शनिवार का 4.9 तीव्रता का भूकंप हल्के से मध्यम श्रेणी में आता है।

आम जनता पर असर और राहत स्थिति

पूर्वोत्तर भारत के निवासियों ने कुछ क्षणों के लिए झटके अनुभव किए, लेकिन स्थिति सामान्य बताई जा रही है। ASDMA ने लोगों से सतर्क रहने और आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने को कहा है।

क्या होगा आगे

भूटान और पूर्वोत्तर भारत जैसे सक्रिय भूकंपीय क्षेत्रों में आफ्टरशॉक (परवर्ती झटकों) की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। विशेषज्ञ नागरिकों को कुछ घंटों तक सतर्क रहने और खुले स्थानों में रहने की सलाह देते हैं। अधिकारी स्थिति पर नज़र बनाए हुए हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक स्थायी भूवैज्ञानिक वास्तविकता है। पूर्वोत्तर भारत के आठ राज्य और भूटान दोनों उच्च-जोखिम सिस्मिक ज़ोन में हैं, फिर भी इन क्षेत्रों में आपदा-रोधी निर्माण मानकों का पालन अधूरा है। 4.9 तीव्रता का यह झटका इस बार नुकसान नहीं ला सका, लेकिन विशेषज्ञ बार-बार चेतावनी देते हैं कि एक बड़ा भूकंप, जो इस क्षेत्र में आ सकता है, तैयारियों की असली परीक्षा लेगा। आपदा प्रबंधन एजेंसियों का सोशल मीडिया पर सक्रिय होना सराहनीय है, लेकिन दीर्घकालिक भूकंप-सुरक्षा नीति पर गंभीर संवाद अभी भी अपेक्षित है।
RashtraPress
19 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भूटान में आज कितनी तीव्रता का भूकंप आया?
19 सितंबर 2026 को भूटान में 4.9 तीव्रता का भूकंप आया। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के अनुसार यह शाम 4:01 बजे IST दर्ज हुआ और इसकी गहराई जमीन से 5 किलोमीटर नीचे थी।
भूकंप का केंद्र कहाँ था?
भूकंप का केंद्र भूटान के ग्येलपोजिंग में बताया जा रहा है। झटके पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों में भी महसूस किए गए।
क्या इस भूकंप से कोई नुकसान हुआ?
असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) के अनुसार अब तक किसी जनहानि या संपत्ति के नुकसान की सूचना नहीं मिली है। अधिकारी स्थिति पर नज़र बनाए हुए हैं।
क्या पहले भी भूटान में इस साल भूकंप आया था?
हाँ, 7 जून 2026 को भूटान के पुणखा में 5.6 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसकी गहराई 10 किलोमीटर थी। उस समय उत्तर बंगाल, पूर्वोत्तर भारत के कुछ हिस्सों और बांग्लादेश में भी झटके महसूस किए गए थे।
भूटान में बार-बार भूकंप क्यों आते हैं?
भूटान भारतीय प्लेट और यूरेशियन प्लेट के सक्रिय टकराव क्षेत्र में स्थित है, जिससे यह एक उच्च भूकंपीय संवेदनशीलता वाला क्षेत्र है। दोनों प्लेटों के बीच निरंतर दबाव और घर्षण से यहाँ भूकंप की आशंका हमेशा बनी रहती है।
राष्ट्र प्रेस
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