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क्या नेपाल भूकंप के झटकों से प्रभावित हुआ? 3.9 रही तीव्रता

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क्या नेपाल भूकंप के झटकों से प्रभावित हुआ? 3.9 रही तीव्रता

सारांश

नेपाल में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए हैं, जिनकी तीव्रता 3.9 मापी गई। लोग घरों से बाहर निकल आए, लेकिन जानमाल के नुकसान की कोई खबर नहीं है। क्या यह एक नए भूकंप का संकेत है? जानें इस लेख में।

मुख्य बातें

नेपाल में भूकंप की तीव्रता 3.9 मापी गई।
भूकंप के कारण लोग घर से बाहर निकल आए।
जानमाल का कोई नुकसान नहीं हुआ।
नेपाल भूकंप के लिए संवेदनशील देश है।
भूकंप-रोधी निर्माण की आवश्यकता है।

काठमांडू, 30 जून (राष्ट्र प्रेस)। नेपाल में सोमवार को भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए हैं। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 3.9 थी। अचानक आए भूकंप के कारण लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। हालांकि, अभी तक जानमाल के नुकसान की कोई खबर नहीं है।

नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के अनुसार, 30 जून 2025 को सुबह 8:24 बजे (भारतीय समयानुसार) नेपाल में भूकंप के झटके महसूस किए गए। इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 3.9 थी। इसका केंद्र 29.24 उत्तरी अक्षांश और 81.77 पूर्वी देशांतर पर जमीन से 14 किलोमीटर की गहराई पर था।

इससे पहले, 29 जून को दोपहर 2:19 बजे (भारतीय समयानुसार) नेपाल में भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.2 थी। इसका केंद्र 29.35 उत्तरी अक्षांश और 81.94 पूर्वी देशांतर पर जमीन से 10 किलोमीटर की गहराई पर था। हालांकि, भूकंप के कारण जानमाल का नुकसान नहीं हुआ।

नेपाल के पड़ोसी देश तिब्बत में 23 मई की सुबह भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। भारतीय समयानुसार भूकंप 9 बजकर 27 मिनट और 27 सेकंड पर आया था। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 4.2 मापी गई। इसकी गहराई 20 किलोमीटर थी। हालांकि, इससे किसी भी तरह के नुकसान की कोई खबर नहीं थी।

बता दें कि नेपाल भारतीय और यूरेशियन टेक्टोनिक प्लेटों के बीच स्थित है, जिसके कारण यह भूकंप के लिए अत्यधिक संवेदनशील है। 2015 में गोरखा में आए 7.8 तीव्रता के भूकंप ने 8 हजार से अधिक लोगों की जान ले ली और लाखों लोग बेघर हो गए थे।

नेपाल में हर साल औसतन छोटे-मध्यम के कई भूकंप आते हैं। हिमालय क्षेत्र में प्लेटों की टक्कर से लगातार तनाव जमा होता है, जो भूकंप का कारण बनता है। यहां अधिकांश इमारतें भूकंप-रोधी नहीं हैं, विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों और काठमांडू जैसे घनी आबादी वाले शहरों में। भूकंप अक्सर भूस्खलन को ट्रिगर करते हैं, जो पहाड़ी क्षेत्रों में नुकसान को बढ़ाते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो लगातार भूकंप के खतरे में रहता है। इसके लिए हमें बेहतर निर्माण तकनीकों और आपातकालीन प्रबंधन की आवश्यकता है।
RashtraPress
19 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नेपाल में भूकंप क्यों आते हैं?
नेपाल भारतीय और यूरेशियन टेक्टोनिक प्लेटों के बीच स्थित है, जिससे यह भूकंप के लिए संवेदनशील है।
भूकंप की तीव्रता कैसे मापी जाती है?
भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर मापी जाती है, जो भूकंप की शक्ति को दर्शाती है।
क्या भूकंप से नुकसान होता है?
भूकंप से अक्सर जानमाल का नुकसान होता है, विशेषकर जब इमारतें भूकंप-रोधी नहीं होती हैं।
नेपाल में भूकंप से सुरक्षा के लिए क्या किया जा सकता है?
नेपाल में भूकंप-रोधी इमारतों का निर्माण और आपातकालीन सेवाओं का व्यापक प्रबंधन आवश्यक है।
क्या भूकंप के बाद भूस्खलन होते हैं?
हां, भूकंप अक्सर भूस्खलन को ट्रिगर करते हैं, जिससे पहाड़ी क्षेत्रों में नुकसान बढ़ सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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