अफगानिस्तान में 6.2 तीव्रता का भूकंप, दिल्ली-NCR और जम्मू-कश्मीर में महसूस हुए झटके
सारांश
मुख्य बातें
अफगानिस्तान में 27 जून 2026 की शाम 7 बजकर 19 मिनट 51 सेकेंड पर रिक्टर स्केल पर 6.2 तीव्रता का भूकंप आया, जिसके झटके दिल्ली-NCR, जम्मू-कश्मीर और उत्तर भारत के कई राज्यों में स्पष्ट रूप से महसूस किए गए। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) — भूकंपीय गतिविधियों की निगरानी के लिए भारत सरकार की नोडल एजेंसी — ने पुष्टि की कि भूकंप का केंद्र अफगानिस्तान में स्थित था।
मुख्य घटनाक्रम
NCS के अनुसार, भूकंप शाम 7:04 बजे IST के आसपास दर्ज किया गया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा की गई जानकारी में 7 बजकर 19 मिनट 51 सेकेंड का समय उल्लेखित किया गया। झटके इतने तीव्र थे कि दिल्ली-NCR के निवासियों ने घरों और कार्यालयों में कंपन महसूस किया और कई लोग घबराकर बाहर निकल आए।
जम्मू-कश्मीर में भी इस भूकंप का असर देखा गया। श्रीनगर मौसम विज्ञान केंद्र द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 5.9 दर्ज की गई — जो केंद्र से दूरी के कारण कुछ भिन्न आँकड़ा है।
पाकिस्तान में भी असर
पाकिस्तान मौसम विज्ञान विभाग (PMD) के राष्ट्रीय भूकंप निगरानी केंद्र (NSMC) के अनुसार, भूकंप 199 किलोमीटर की गहराई पर आया और इसकी तीव्रता 5.5 रही। स्वात, हांगू, उत्तरी वजीरिस्तान और चित्राल में झटके महसूस किए गए, जबकि रावलपिंडी के निवासियों ने तीव्र कंपन का अनुभव किया।
पूर्व की घटनाओं से तुलना
यह घटना अफगानिस्तान-हिंदूकुश क्षेत्र की लगातार भूकंपीय सक्रियता की कड़ी में एक और कड़ी है। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अप्रैल में 5.5 तीव्रता का भूकंप अफगानिस्तान के हिंदूकुश क्षेत्र में 190 किलोमीटर की गहराई पर आया था, जिसके झटके इस्लामाबाद, पेशावर, खैबर पख्तूनख्वा, मुजफ्फरबाद और स्कार्दू में भी महसूस किए गए थे।
इसी अप्रैल में 6.1 तीव्रता का एक अन्य भूकंप इस्लामाबाद, पंजाब के कुछ हिस्सों, खैबर पख्तूनख्वा, पाकिस्तान अधिकृत गिलगित-बाल्टिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में दर्ज किया गया था, जिसका केंद्र भी अफगानिस्तान के हिंदूकुश क्षेत्र में था। इससे पहले फरवरी में 5.8 तीव्रता के भूकंप ने इस्लामाबाद, स्वात और हुंजा को हिला दिया था।
गौरतलब है कि इसी महीने दिल्ली-NCR और उत्तर भारत के कई हिस्सों में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए थे, जिसका केंद्र अफगानिस्तान में 150 किलोमीटर की गहराई पर था।
आम जनता पर असर
भूकंप के झटके महसूस होने के बाद दिल्ली-NCR में लोग घरों और दफ्तरों से बाहर निकल आए। हालाँकि, अभी तक किसी जानमाल के नुकसान की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। अधिकारियों ने स्थिति पर नज़र बनाए रखने की बात कही है।
क्या होगा आगे
अफगानिस्तान-हिंदूकुश क्षेत्र भूकंपीय दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील है और यहाँ बार-बार आने वाले झटके उत्तर भारत, पाकिस्तान और मध्य एशिया तक महसूस होते हैं। NCS और संबंधित एजेंसियाँ स्थिति की निगरानी जारी रखे हुए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इस क्षेत्र में भविष्य में भी इस तरह की भूकंपीय गतिविधियाँ जारी रह सकती हैं।