उत्तरी अफगानिस्तान में 5.9 तीव्रता के भूकंप ने आठ जिंदगियाँ छीन लीं

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उत्तरी अफगानिस्तान में 5.9 तीव्रता के भूकंप ने आठ जिंदगियाँ छीन लीं

सारांश

उत्तरी अफगानिस्तान में आए 5.9 तीव्रता के भूकंप ने आठ लोगों की जान ले ली। काबुल में घर के गिरने की वजह से यह त्रासदी हुई। भूकंप के झटकों ने दिल्ली-एनसीआर तक भी लोगों को डराया। जानें इस प्राकृतिक आपदा के बारे में और क्या कहती हैं रिपोर्ट्स।

Key Takeaways

  • भूकंप की तीव्रता: 5.9
  • मृतकों की संख्या: 8 लोगों की जान गई
  • केंद्र: काबुल प्रांत
  • गहराई: 186.4 किलोमीटर
  • प्रभावित क्षेत्र: उत्तरी अफगानिस्तान और दिल्ली-एनसीआर

काबुल, 4 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। अफगानिस्तान में 5.9 की तीव्रता का भूकंप आया, जिसके झटके उत्तर अफगानिस्तान में महसूस किए गए। अफगानिस्तान नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी के प्रवक्ता मोहम्मद यूसुफ हम्माद ने बताया कि इस भूकंप के कारण कम से कम आठ लोगों की जान गई है।

हम्माद ने बताया कि भूकंप के बाद काबुल प्रांत में एक घर ढह गया, जिसमें आठ लोगों की मौत हो गई और एक बच्चा घायल हुआ।

राजधानी काबुल में भी तेज झटके महसूस किए गए। न्यूज एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, भूकंप का केंद्र प्रारंभ में 36.55 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 70.85 डिग्री पूर्वी देशांतर पर स्थित था। भूकंप की गहराई 186.4 किलोमीटर थी।

शुक्रवार रात दिल्ली-एनसीआर और उत्तर भारत के कई क्षेत्रों में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए, जिससे लोग घबरा गए और घरों तथा कार्यालयों से बाहर निकल आए।

दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम, गाजियाबाद और फरीदाबाद के साथ ही उत्तर प्रदेश, हरियाणा और आसपास के क्षेत्रों में भूकंप के झटके महसूस किए गए।

लोगों ने बताया कि अचानक झटके महसूस होते ही फर्नीचर और घर में रखी वस्तुएं हिलने लगीं। कई लोगों ने कहा कि झटके कुछ सेकंड तक रहे, लेकिन इतने तेज थे कि घर के अंदर भी स्पष्ट रूप से महसूस किए जा सकते थे।

कई रिहायशी इलाकों में लोग सावधानी के तौर पर अपने घरों से बाहर आ गए, जबकि कार्यालयों में मौजूद लोग कुछ समय के लिए बाहर निकल आए।

अफगानिस्तान में कई तरह की प्राकृतिक आपदाएं आती हैं, लेकिन यहां भूकंप के कारण सबसे ज्यादा मौतें होती हैं। हर साल औसतन लगभग 560 लोग भूकंप से मारे जाते हैं और सालाना लगभग 80 मिलियन डॉलर का नुकसान होता है। शोध से पता चलता है कि 1990 से अब तक अफगानिस्तान में 5.0 से ज्यादा तीव्रता वाले कम से कम 355 भूकंप आए हैं।

अफगानिस्तान यूरेशियन टेक्टोनिक प्लेट के किनारे स्थित है, जो इंडियन प्लेट के साथ एक ट्रांसग्रेशन जोन साझा करता है। इसका मतलब है कि दोनों प्लेटें एक-दूसरे के संपर्क में आ सकती हैं, और यह अपने दक्षिण में अरेबियन प्लेट से भी प्रभावित होती है, जिससे यह दुनिया के सबसे सक्रिय टेक्टोनिक क्षेत्रों में से एक बन गई है।

इंडियन प्लेट का उत्तर की ओर बढ़ना और यूरेशियन प्लेट से टकराना आमतौर पर अफगानिस्तान में कई भूकंपों का कारण बनता है।

पूर्वी और उत्तर-पूर्वी अफगानिस्तान, विशेषकर उज्बेकिस्तान, ताजिकिस्तान और पाकिस्तान के साथ इसकी सीमाओं वाले क्षेत्र, भूकंप के प्रति विशेष रूप से संवेदनशील हैं।

इसमें अत्यधिक जनसंख्या वाला काबुल भी शामिल है, जहां भूकंप से हर साल सबसे ज्यादा औसत अनुमानित नुकसान होता है, जो कि 17 मिलियन डॉलर है।

अफगानिस्तान के पहाड़ों में भूकंप विशेष रूप से खतरनाक होते हैं। यहां भूकंप लैंडस्लाइड को ट्रिगर कर सकते हैं, जिससे जान-माल का नुकसान बढ़ जाता है।

Point of View

NationPress
05/04/2026

Frequently Asked Questions

भूकंप का केंद्र कहां था?
भूकंप का केंद्र 36.55 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 70.85 डिग्री पूर्वी देशांतर पर स्थित था।
इस भूकंप में कितने लोग मारे गए?
इस भूकंप में कम से कम आठ लोगों की जान गई है।
भूकंप के झटके किस-किस जगह महसूस किए गए?
भूकंप के झटके काबुल, दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम, गाजियाबाद और फरीदाबाद में महसूस किए गए।
अफगानिस्तान में भूकंप से होने वाले नुकसान का औसत क्या है?
अफगानिस्तान में हर साल भूकंप से औसतन 560 लोगों की मौत होती है और लगभग 80 मिलियन डॉलर का नुकसान होता है।
क्या अफगानिस्तान भूकंप के प्रति संवेदनशील है?
हां, अफगानिस्तान कई तरह की प्राकृतिक आपदाओं का सामना करता है और भूकंप से सबसे ज्यादा मौतें होती हैं।
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