ईरान के हमले से चीन की रक्षा प्रणाली की खामियां उजागर: नई रिपोर्ट
सारांश
Key Takeaways
- ईरान का हमला: अमेरिका के एएन/टीपीवाई-2 रडार पर हमला किया गया।
- चीन की कमजोरियां: इंटेलिजेंस और सर्विलांस प्रणाली में खामियां।
- संवेदनशील रडार: रडार प्रणाली इलेक्ट्रोमैग्नेटिक तरंगें उत्सर्जित करती हैं।
- जुड़ाव का महत्व: सभी सुरक्षा तंत्र का एकीकृत होना आवश्यक है।
- भविष्य की चुनौतियाँ: चीन की रणनीतियों में सुधार की आवश्यकता।
हांगकांग, 4 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच, ईरान द्वारा अमेरिका के उन्नत रडार सिस्टम एएन/टीपीवाई-2 पर हमला करने की घटना ने चीन की रक्षा क्षमताओं पर गंभीर प्रश्न उठाए हैं।
एक विशेष रिपोर्ट में बताया गया है कि यह हमला दक्षिण चीन सागर में चीन की इंटेलिजेंस, सर्विलांस और रिकॉनिसेंस (आईएसआर) प्रणाली की कमजोरियों को उजागर करता है।
हांगकांग के एशिया टाइम्स द्वारा प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, एएन/टीपीवाई-2 रडार को जॉर्डन के मुवाफ्फाक सलती एयर बेस पर तैनात किया गया था, लेकिन यह किसी “सिस्टम-ऑफ-सिस्टम्स” नेटवर्क से जुड़ा नहीं था। इसलिए, यह संभावित हमले को प्रभावी ढंग से रोकने में असफल रहा।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि चीन ने दक्षिण चीन सागर में बहु-स्तरीय और ओवरलैपिंग आईएसआर प्रणाली विकसित की है, लेकिन ये अभी तक एक मजबूत, वास्तविक समय के नेटवर्क में पूरी तरह से एकीकृत नहीं हो पाई हैं। इस स्थिति में, ये प्रणाली एक दूसरे के साथ सीमित समर्थन प्रदान कर रही हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, रडार प्रणाली स्वभाव से संवेदनशील होती हैं क्योंकि ये इलेक्ट्रोमैग्नेटिक तरंगें उत्सर्जित करती हैं, जिससे दुश्मन इन्हें पहचानकर निशाना बना सकता है। ऐसे में, इन्हें सुरक्षित रखने के लिए एकीकृत हवाई, समुद्री और जमीनी सुरक्षा तंत्र का होना आवश्यक है।
रिपोर्ट में यह भी दर्शाया गया है कि दक्षिण चीन सागर का भौगोलिक स्वरूप और रडार तकनीक की सीमाएं चीन के लिए “इन्फॉर्मेशन डॉमिनेंस” प्राप्त करना कठिन बना देती हैं। यदि सभी प्रणालियाँ आपस में जुड़ी न हों, तो उनकी क्षमता का पूरा उपयोग नहीं हो पाता, जिससे विरोधी देशों के लिए कमजोरियाँ उत्पन्न होती हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, यही कमजोरी दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों, अमेरिका और उसके सहयोगियों के लिए एक अवसर बन सकती है, जिससे वे किसी संभावित संघर्ष की स्थिति में चीन की “इन्फॉर्मेशनाइज्ड वॉरफेयर” रणनीति को चुनौती दे सकते हैं।