गढ़चिरौली में प्रेम जाल में फंसाकर युवक से लाखों की वसूली और जहर देकर हत्या की कोशिश
सारांश
Key Takeaways
- प्रेम जाल में फंसाकर लाखों की वसूली का मामला।
- युवक की जान लेने की कोशिश की गई।
- आरोपी प्रभावशाली और राजनीतिक संबंध रखने का आरोप।
- पुलिस ने देर से की कार्रवाई।
- हनी ट्रैप जैसे संगठित अपराधों की गंभीरता।
गढ़चिरौली, 4 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले के आरमोरी शहर में एक अद्भुत और सिनेमाई अंदाज में हनी ट्रैप का मामला सामने आया है। इसमें एक युवती और उसके दो साथियों पर एक युवक को प्रेम जाल में फंसाकर उससे लाखों रुपये की उगाही करने और उसके जीवन को खतरे में डालने का गंभीर आरोप लगा है। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में हंगामा मचा दिया है, और कानून-व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।
जानकारी के अनुसार, आरमोरी के 26 वर्षीय कृष्णा मारुति लाड, जो कि होटल व्यवसाय से जुड़े हैं और पढ़ाई भी कर रहे थे, की पहचान लगभग डेढ़ साल पहले 23 वर्षीय श्रेया हेमके नाम की युवती से हुई थी। यह पहचान धीरे-धीरे प्रेम संबंध में बदल गई। शुरुआत में दोनों के बीच संबंध सामान्य और सौहार्दपूर्ण थे, लेकिन कुछ समय बाद युवती के जीवन में एक अन्य युवक के प्रवेश से विवाद और तनाव उत्पन्न होने लगा।
इसी दौरान आरोप है कि श्रेया हेमके ने अपने दो साथियों नितीन जोध और राजू अंबानी के साथ मिलकर एक सुनियोजित साजिश के तहत कृष्णा को ब्लैकमेल करना शुरू किया। आरोपियों ने कृष्णा और श्रेया के बीच हुई निजी बातचीत (व्हाट्सऐप चैटिंग) को सार्वजनिक करने की धमकी दी। इसके साथ ही उसे और उसके परिवार को जान से मारने की भी धमकी दी जाती रही।
बदनामी और सामाजिक प्रतिष्ठा के डर से पीड़ित युवक ने समय-समय पर आरोपियों को करीब 3 से 4 लाख रुपये की राशि दी। हालांकि, इसके बावजूद आरोपियों की मांग थमी नहीं और उन्होंने युवक से 15 लाख रुपये की अतिरिक्त रकम की मांग की।
पीड़ित के अनुसार, 14 मार्च को रात करीब 8 से 8:15 बजे के बीच आरमोरी से ब्रह्मपुरी मार्ग पर आरोपियों ने उसे रोककर उसके साथ मारपीट की। इतना ही नहीं, उसे जबरन कीटनाशक पिलाकर उसकी हत्या करने का प्रयास भी किया गया। गंभीर अवस्था में युवक ने अपने भाई को फोन कर घटनास्थल पर बुलाया, जिसके बाद उसे तुरंत आरमोरी के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
चिकित्सकीय स्थिति गंभीर होने के कारण उसे आगे इलाज के लिए पहले ब्रह्मपुरी स्थित एक निजी अस्पताल और बाद में नागपुर के एक निजी अस्पताल में रेफर किया गया, जहां उसका उपचार किया गया।
पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि घटना के बावजूद पुलिस द्वारा समय पर मामला दर्ज नहीं किया गया। परिजनों का कहना है कि आरोपी प्रभावशाली और कथित रूप से राजनीतिक संबंध रखने वाले हैं, जिसके चलते पुलिस की ओर से प्रारंभिक स्तर पर टालमटोल की गई। 31 मार्च से 3 अप्रैल तक लगातार पुलिस थाने के चक्कर लगाने और निवेदन करने के बाद अंततः मामला दर्ज किया गया।
आरमोरी पुलिस ने इस प्रकरण में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस 2023) की धारा 109, 308(4), 115(2), 126(2) तथा 3(5) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर लिया है। इस पूरे घटनाक्रम ने न केवल हनी ट्रैप जैसे संगठित अपराधों की गंभीरता को उजागर किया है, बल्कि यह भी प्रश्न खड़े किए हैं कि ऐसे मामलों में पीड़ितों को समय पर न्याय और सुरक्षा उपलब्ध कराना कितना आवश्यक है।
फिलहाल, पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है, और आरोपियों की भूमिका, आपसी साजिश, तथा कथित राजनीतिक संरक्षण के पहलुओं की भी जांच की जा रही है।