क्या अफगानिस्तान में भूकंप के झटके महसूस हुए?
सारांश
Key Takeaways
- भूकंप की तीव्रता 4.2
- केंद्र अश्कशाम, बदख्शां
- गहराई 100 किलोमीटर
- भूकंप से कोई जानमाल का नुकसान नहीं
- अफगानिस्तान में भूकंप का खतरा अधिक है
नई दिल्ली, 15 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। अफगानिस्तान में 4.2 तीव्रता के भूकंप के झटके अनुभव किए गए हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह भूकंप गुरुवार को दोपहर करीब 01.08 बजे (स्थानीय समय 4.30) पर अश्कशाम, बदख्शां में महसूस किया गया। भूकंप का केंद्र अफगानिस्तान से 33 किलोमीटर (21 मील) दूर स्थित है। हालाँकि, इस भूकंप से जान-माल के नुकसान की कोई जानकारी नहीं मिली है।
भूकंप की गहराई 100 किलोमीटर (62 मील) थी। इसके पूर्व बुधवार को 3.8 तीव्रता के भूकंप के झटके अनुभव किए गए थे, जिसकी गहराई 90 किलोमीटर थी। पिछले कुछ दिनों से अफगानिस्तान में लगातार भूकंप के झटके महसूस किए जा रहे हैं।
मंगलवार को भी 4.1 तीव्रता का भूकंप आया, जो 10 किलोमीटर की कम गहराई पर था। इससे वहां आफ्टरशॉक्स का खतरा बढ़ गया है। कम गहरे भूकंप सामान्यतः अधिक खतरनाक होते हैं, क्योंकि इनसे उत्पन्न सीस्मिक लहरें सतह तक कम दूरी तय करती हैं, जिससे जमीन अधिक हिलती है, ढांचों को अधिक नुकसान होता है, और मृत्यु दर भी बढ़ सकती है। अफगानिस्तान में भूकंप का खतरा आम है, विशेषकर हिंदू कुश क्षेत्र में, जो एक अत्यधिक सक्रिय सीस्मिक जोन है।
अफगानिस्तान में भूकंप का खतरा इसलिए ज्यादा है क्योंकि यह भारतीय और यूरेशियन टेक्टोनिक प्लेटों के टकराव वाले क्षेत्र में स्थित है। इस देश में एक बड़ी फॉल्ट लाइन भी है, जो कुछ हिस्सों से होकर गुजरती है, जिसमें हेरात क्षेत्र शामिल है।
वहीं, समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, इजरायल जियोलॉजिकल सर्वे के मुताबिक, गुरुवार को दक्षिण-पूर्वी डेड सी क्षेत्र में 4.2 की प्रारंभिक तीव्रता वाला भूकंप आया। जिस स्थान पर भूकंप के झटके महसूस हुए, वह धरती का सबसे निचला प्वाइंट है।
यह झटका जेरूसलम के स्थानीय समय के अनुसार सुबह 9 बजे आया और देश के कई हिस्सों में महसूस किया गया। भूकंप का केंद्र दक्षिणी डेड सी क्षेत्र में 26 किलोमीटर की गहराई पर, 31.1 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 35.5 डिग्री पूर्वी देशांतर पर था।
इजरायल की नेशनल इमरजेंसी सर्विस, मैगन डेविड एडोम, ने कहा कि उन्हें किसी के घायल होने की कोई रिपोर्ट नहीं मिली है और उन्होंने जनता के लिए सुरक्षा दिशानिर्देश दोहराए। पुलिस ने कहा कि अधिकारियों को सड़कों और इमारतों में संभावित खतरों की जांच के लिए तैनात किया गया था।