ग्रीस और जर्मनी ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य में सैन्य भागीदारी से किया इनकार

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ग्रीस और जर्मनी ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य में सैन्य भागीदारी से किया इनकार

सारांश

ग्रीस और जर्मनी ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य में किसी भी सैन्य अभियान में भागीदारी से इनकार कर दिया है। ग्रीस के प्रवक्ता ने कहा कि देश का युद्ध में शामिल होने का कोई इरादा नहीं है। जानें, इस स्थिति का क्या मतलब है।

Key Takeaways

  • ग्रीस और जर्मनी ने सैन्य भागीदारी से इनकार किया।
  • यूरोपीय संघ के ऑपरेशन शील्ड में ग्रीस की भागीदारी केवल लाल सागर में है।
  • डोनाल्ड ट्रंप ने अन्य देशों से सुरक्षा गठबंधन में शामिल होने की मांग की है।
  • ऑस्ट्रेलिया ने आर्थिक संकट का सामना करने के लिए तैयार रहने की बात की है।
  • यात्रियों को मध्य-पूर्व के देशों में यात्रा करने से रोकने की चेतावनी दी गई है।

एथेंस, १६ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। ग्रीस ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य में किसी भी सैन्य अभियान में भाग लेने की योजना नहीं बनाई है। सरकार के प्रवक्ता पावलोस मारिनाकिस ने सोमवार को स्पष्ट किया कि देश का युद्ध में शामिल होने का कोई इरादा नहीं है।

मारिनाकिस ने नियमित प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि यूरोपीय संघ के ऑपरेशन शील्ड में ग्रीस की मौजूदा भागीदारी केवल रेड सी (लाल सागर) क्षेत्र तक ही सीमित है और इसका हॉर्मुज जलडमरूमध्य से कोई संबंध नहीं है।

उन्होंने बताया कि इस मिशन में वर्तमान में केवल ग्रीस और इटली के जहाज शामिल हैं, जिनका उद्देश्य क्षेत्र में व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा करना है।

मारिनाकिस ने कहा, "हम हमेशा अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।" उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा, "किसी भी स्थिति में हम युद्ध में शामिल नहीं होना चाहते।"

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को कहा था कि उन्होंने मध्य-पूर्व के तेल पर निर्भर कुछ देशों से हॉर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की सुरक्षा के लिए गठबंधन में शामिल होने की मांग की है। हालाँकि, उन्होंने उन देशों के नाम नहीं बताए जिनसे बातचीत चल रही है।

जर्मनी के रक्षा मंत्री बोरिस पिस्टोरियस ने भी सोमवार को अमेरिका की इस मांग को ठुकरा दिया। उन्होंने कहा कि जर्मनी इस क्षेत्र में किसी सैन्य कार्रवाई में शामिल नहीं होगा।

पिस्टोरियस ने बर्लिन में अपने लातवियाई समकक्ष एंड्रिस स्प्रुड्स के साथ बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि उन्होंने सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करने के लिए कूटनीतिक प्रयासों का समर्थन किया, लेकिन यूरोप के सैन्य हस्तक्षेप की आवश्यकता पर संदेह जताया।

उन्होंने कहा, "यह हमारी लड़ाई नहीं है। हमने इसे शुरू नहीं किया।"

ट्रंप ने रविवार को चेतावनी दी थी कि यदि नाटो सहयोगी अमेरिका की मदद के लिए आगे नहीं आए तो नाटो का भविष्य 'बहुत खराब' हो सकता है।

इस बीच, ऑस्ट्रेलिया ने भी कहा कि वह मध्य-पूर्व में जारी संघर्ष से उत्पन्न आर्थिक संकट का सामना करने के लिए तैयार है और वह इस क्षेत्र में युद्धपोत नहीं भेजेगा।

ऑस्ट्रेलिया की मंत्री कैथरीन किंग ने बताया कि देश के पास सोमवार तक लगभग ३७ दिन का पेट्रोल, ३० दिन का डीजल और २९ दिन का जेट ईंधन का भंडार है। सरकार ने ईंधन भंडारण से जुड़े कुछ नियमों में अस्थायी ढील भी दी है।

उन्होंने कहा, "हमारा देश मध्य-पूर्व की स्थिति से उत्पन्न आर्थिक संकट का सामना करने के लिए तैयार है।"

ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने शनिवार को अपने नागरिकों को चेतावनी दी कि वे बहरीन, ईरान, इराक, इजरायल, कुवैत, लेबनान, फिलिस्तीन, कतर, सीरिया, यमन और संयुक्त अरब अमीरात के रास्ते यात्रा न करें।

विदेश मंत्रालय ने कहा कि इन देशों से होकर ट्रांजिट न करें, भले ही यात्री एयरपोर्ट से बाहर न निकलें, क्योंकि संघर्ष और बढ़ सकता है और उड़ानें अचानक बदल या रद्द हो सकती हैं।

Point of View

ग्रीस और जर्मनी ने सैन्य भागीदारी से इनकार करके अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा की है। यह दर्शाता है कि यूरोप इस संकट में सैन्य हस्तक्षेप के बजाय कूटनीतिक प्रयासों पर जोर दे रहा है।
NationPress
18/03/2026

Frequently Asked Questions

ग्रीस ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य में सैन्य भागीदारी से क्यों इनकार किया?
ग्रीस ने कहा है कि उसका युद्ध में शामिल होने का कोई इरादा नहीं है और उसकी मौजूदा भागीदारी केवल लाल सागर क्षेत्र में है।
डोनाल्ड ट्रंप की प्रतिक्रिया क्या थी?
ट्रंप ने कहा कि उन्होंने मध्य-पूर्व के देशों से हॉर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की सुरक्षा के लिए गठबंधन में शामिल होने की मांग की है।
जर्मनी ने अमेरिका की मांग का क्या जवाब दिया?
जर्मनी के रक्षा मंत्री बोरिस पिस्टोरियस ने कहा कि जर्मनी इस क्षेत्र में किसी सैन्य कार्रवाई में शामिल नहीं होगा।
ऑस्ट्रेलिया ने क्या निर्णय लिया है?
ऑस्ट्रेलिया ने कहा कि वह मध्य-पूर्व में जारी संघर्ष से उत्पन्न आर्थिक संकट का सामना करने के लिए तैयार है, लेकिन वह युद्धपोत नहीं भेजेगा।
क्या यात्रियों को मध्य-पूर्व के देशों में यात्रा करने से रोक दिया गया है?
ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने अपने नागरिकों को मध्य-पूर्व के कई देशों में यात्रा न करने की चेतावनी दी है।
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