बंगाल की खाड़ी में 4.5 तीव्रता का भूकंप, विशाखापत्तनम के कई इलाकों में सुबह 5 बजे महसूस हुए झटके
सारांश
मुख्य बातें
बंगाल की खाड़ी में 12 जुलाई 2026 की सुबह 5 बजकर 5 मिनट पर रिक्टर पैमाने पर 4.5 तीव्रता का भूकंप आया, जिसके झटके आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम और आसपास के कई जिलों में महसूस किए गए। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार, भूकंप का केंद्र काकीनाडा तट से लगभग 225 किलोमीटर दूर बंगाल की खाड़ी में 10 किलोमीटर की गहराई पर स्थित था। राहत की बात यह रही कि किसी भी तरह के जान-माल के नुकसान की कोई सूचना नहीं मिली।
प्रभावित इलाके
भूकंप के झटके विशाखापत्तनम शहर के गाजुवाका, मंगलापालेम, सागर नगर, पेड्डा वाल्टेयर, अरिलोवा, एमवीपी कॉलोनी और अप्पुघर सहित कई इलाकों में महसूस किए गए। इसके अलावा अनकापल्ली, विजयनगरम, काकीनाडा और कोनसीमा जिलों के कुछ हिस्सों से भी झटके महसूस होने की खबरें सामने आई हैं। तड़के आए इन झटकों से कुछ देर के लिए लोगों में घबराहट का माहौल बन गया।
भूकंप का केंद्र और तकनीकी विवरण
भारतीय राष्ट्रीय महासागर सूचना सेवा केंद्र (INCOIS) ने पुष्टि की कि यह भूकंप रविवार सुबह 5:05:46 बजे दर्ज किया गया। इसका केंद्र 16.805 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 84.381 डिग्री पूर्वी देशांतर पर था, जो काकीनाडा तट से लगभग 225 किलोमीटर दूर समुद्र में स्थित है। भूकंप की गहराई 10 किलोमीटर मापी गई।
विशेषज्ञों की राय
विशेषज्ञों का कहना है कि यह क्षेत्र भूकंपीय दृष्टि से अपेक्षाकृत स्थिर माना जाता है और धरती की आंतरिक संरचनात्मक हलचल के कारण ऐसे हल्के झटके समय-समय पर महसूस होते हैं। उन्होंने आम जनता से घबराने की बजाय सतर्क रहने की अपील की है।
पिछली घटनाओं का संदर्भ
गौरतलब है कि पिछले वर्ष नवंबर में भी विशाखापत्तनम और अल्लूरी सीताराम राजू जिले में हल्के भूकंप के झटके दर्ज किए गए थे। इससे पहले 4 नवंबर 2015 को अल्लूरी जिले में 3.7 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसका केंद्र जी. मडुगुला क्षेत्र में 10 किलोमीटर की गहराई पर था — विशाखापत्तनम से लगभग 110 किलोमीटर दूर। उस घटना में भी कोई जान-माल का नुकसान नहीं हुआ था। यह पैटर्न दर्शाता है कि बंगाल की खाड़ी और आंध्र प्रदेश का तटीय क्षेत्र छोटे-छोटे भूकंपीय झटकों के प्रति संवेदनशील बना रहता है।
फिलहाल प्रशासन की ओर से स्थिति सामान्य बताई गई है और किसी आपातकालीन उपाय की आवश्यकता नहीं पड़ी।