12 जुलाई 2026
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पौड़ी गढ़वाल: भारी बारिश की चेतावनी पर DM स्वाति भदौरिया ने की आपदा समीक्षा, अधिकारियों को फील्ड में तैनात रहने के आदेश

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पौड़ी गढ़वाल: भारी बारिश की चेतावनी पर DM स्वाति भदौरिया ने की आपदा समीक्षा, अधिकारियों को फील्ड में तैनात रहने के आदेश

सारांश

भारी बारिश की चेतावनी के बीच पौड़ी गढ़वाल की DM स्वाति भदौरिया ने 12 जुलाई को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से आपदा समीक्षा की — अधिकारियों को फील्ड में तैनात रहने, क्षतिग्रस्त भवनों से परिवारों को राहत केंद्रों में भेजने और चारधाम यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

मुख्य बातें

जिलाधिकारी स्वाति एस.
भदौरिया ने 12 जुलाई को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए पौड़ी गढ़वाल की आपदा तैयारियों की समीक्षा की।
सभी विभागीय अधिकारियों और राजस्व उपनिरीक्षकों को फील्ड में मौजूद रहकर घटनाओं की सूचना तत्काल कंट्रोल रूम तक पहुँचाने के निर्देश दिए गए।
श्रीनगर क्षेत्र में यातायात अस्थायी रूप से बंद; नीलकंठ यात्रा मार्ग पर मलबे के कारण वैकल्पिक मार्ग से यात्रा जारी।
कोटद्वार-दुगड्डा और दुगड्डा-गुमखाल मार्गों पर मलबा हटाकर यातायात बहाल किया गया।
क्षतिग्रस्त भवनों में रह रहे परिवारों को सुरक्षित राहत केंद्रों में स्थानांतरित करने के आदेश।
जिलाधिकारी ने कंडोलिया , एजेंसी चौक सहित मुख्यालय क्षेत्र में ड्रेनेज सिस्टम का स्थलीय निरीक्षण किया।

पौड़ी गढ़वाल में 12 जुलाई को भारी बारिश और मौसम विभाग की चेतावनी के मद्देनज़र जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने आपदा प्रबंधन तैयारियों की व्यापक समीक्षा बैठक आयोजित की और समस्त विभागीय अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय रूप से मौजूद रहने के स्पष्ट निर्देश दिए। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए हुई इस बैठक में सड़क, बिजली, पेयजल, स्वास्थ्य, संचार और राहत-बचाव व्यवस्थाओं के साथ-साथ चारधाम यात्रा की मौजूदा स्थिति की भी विस्तृत समीक्षा की गई।

मुख्य घटनाक्रम

जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने बैठक में सभी उपजिलाधिकारियों से वर्षा प्रभावित क्षेत्रों, संवेदनशील स्थानों और चल रहे राहत कार्यों की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आपदा की स्थिति में हर मिनट निर्णायक होता है और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। राजस्व उपनिरीक्षकों सहित सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे अपने क्षेत्र में रहें और प्रत्येक घटना की सूचना तत्काल कंट्रोल रूम तक पहुँचाएँ।

यातायात और चारधाम यात्रा पर असर

समीक्षा के दौरान यह जानकारी सामने आई कि श्रीनगर क्षेत्र में सुरक्षा कारणों से यातायात अस्थायी रूप से रोका गया है, जबकि यमकेश्वर क्षेत्र में नीलकंठ यात्रा मार्ग पर मलबा आने के कारण यात्रा वैकल्पिक मार्ग से संचालित की जा रही है। कोटद्वार-दुगड्डा तथा दुगड्डा-गुमखाल मार्गों पर मलबा हटाकर यातायात बहाल कर दिया गया है। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि जिन मोटर मार्गों पर भूस्खलन या मलबे का खतरा हो, वहाँ मार्ग पूरी तरह सुरक्षित घोषित होने तक यातायात न चलाया जाए।

विभागों को दिए गए निर्देश

लोक निर्माण विभाग (PWD) को संवेदनशील मार्गों पर पर्याप्त मशीनरी और कर्मचारी तैनात रखने के निर्देश दिए गए। विद्युत विभाग को संभावित व्यवधानों से निपटने के लिए आवश्यक उपकरण तैयार रखने को कहा गया, जबकि जल संस्थान को पेयजल योजनाएँ प्रभावित होने की स्थिति में टैंकरों के ज़रिए वैकल्पिक आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। मुख्य चिकित्साधिकारी को सभी स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों की अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए कहा गया।

राहत और पुनर्वास

आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त भवनों में रह रहे परिवारों को सुरक्षित राहत केंद्रों में स्थानांतरित करने तथा आवश्यक राहत सामग्री उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि जहाँ भी यात्रियों को रोका जाए, वहाँ भोजन, पेयजल, शौचालय और ठहरने की समुचित व्यवस्था अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए।

स्थलीय निरीक्षण और ड्रेनेज समीक्षा

समीक्षा बैठक के बाद जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने लोक निर्माण विभाग, सिंचाई विभाग और अन्य अधिकारियों के साथ मुख्यालय क्षेत्र में वर्षा जल निकासी व्यवस्था का स्थलीय निरीक्षण किया। कंडोलिया क्षेत्र, एजेंसी चौक, राजकीय पुस्तकालय और ईएनटी चिकित्सालय के आसपास ड्रेनेज सिस्टम की जाँच के दौरान नालियों की सफाई, ठोस अपशिष्ट हटाने, क्षतिग्रस्त संकेतक बोर्ड हटाने तथा भूमिगत विद्युत एवं पेयजल लाइनों को व्यवस्थित करने के निर्देश दिए गए। अपर बाज़ार क्षेत्र में ड्रेनेज आउटलेट का संयुक्त निरीक्षण कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के भी आदेश दिए गए।

जिलाधिकारी ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने और किसी भी आपदा की स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव अभियान शुरू करने के निर्देश दिए। आने वाले दिनों में मानसून की तीव्रता को देखते हुए प्रशासन की सतर्कता और बढ़ने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा ज़मीन पर क्रियान्वयन की होगी — हर मानसून में ऐसी बैठकें होती हैं, पर संवेदनशील मार्गों पर मशीनरी की तैनाती और राहत केंद्रों की वास्तविक तैयारी अक्सर कागज़ों तक सिमटी रह जाती है। चारधाम यात्रा के चलते इस बार दबाव दोगुना है — स्थानीय निवासियों के साथ-साथ हज़ारों तीर्थयात्रियों की सुरक्षा भी दाँव पर है। नीलकंठ मार्ग पर वैकल्पिक रूटिंग और श्रीनगर में यातायात रोका जाना बताता है कि स्थिति अभी भी नाज़ुक है। प्रशासन को यह सुनिश्चित करना होगा कि निर्देश केवल बैठक-कक्ष तक न रहें।
RashtraPress
12 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पौड़ी गढ़वाल में आपदा समीक्षा बैठक क्यों बुलाई गई?
भारी बारिश और मौसम विभाग की चेतावनी के मद्देनज़र 12 जुलाई को जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए आपदा तैयारियों की समीक्षा बैठक बुलाई। बैठक में सड़क, बिजली, पेयजल, स्वास्थ्य और चारधाम यात्रा की स्थिति का जायज़ा लिया गया।
चारधाम यात्रा पर बारिश का क्या असर पड़ा है?
श्रीनगर क्षेत्र में सुरक्षा कारणों से यातायात अस्थायी रूप से रोका गया है और नीलकंठ यात्रा मार्ग पर मलबा आने के कारण वैकल्पिक मार्ग से यात्रा संचालित की जा रही है। कोटद्वार-दुगड्डा और दुगड्डा-गुमखाल मार्गों पर मलबा हटाकर यातायात बहाल कर दिया गया है।
क्षतिग्रस्त भवनों में रह रहे परिवारों के लिए क्या व्यवस्था की गई है?
जिलाधिकारी ने आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त भवनों में रह रहे परिवारों को सुरक्षित राहत केंद्रों में स्थानांतरित करने और आवश्यक राहत सामग्री उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। यात्रियों को जहाँ रोका जाए, वहाँ भोजन, पेयजल, शौचालय और ठहरने की व्यवस्था अनिवार्य की गई है।
पौड़ी गढ़वाल में किन विभागों को विशेष निर्देश दिए गए?
लोक निर्माण विभाग को संवेदनशील मार्गों पर मशीनरी तैनात रखने, विद्युत विभाग को उपकरण तैयार रखने, जल संस्थान को टैंकर के ज़रिए वैकल्पिक जलापूर्ति सुनिश्चित करने और मुख्य चिकित्साधिकारी को सभी स्वास्थ्य केंद्रों में कर्मियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने स्थलीय निरीक्षण में क्या पाया?
जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने कंडोलिया क्षेत्र, एजेंसी चौक, राजकीय पुस्तकालय और ईएनटी चिकित्सालय के आसपास ड्रेनेज सिस्टम का निरीक्षण किया। नालियों की सफाई, ठोस अपशिष्ट हटाने और भूमिगत लाइनों को व्यवस्थित करने के निर्देश दिए गए।
राष्ट्र प्रेस
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