पौड़ी गढ़वाल में मानसून अलर्ट: डीएम स्वाति भदौरिया ने सभी विभागों को 24 घंटे सतर्क रहने के दिए निर्देश
सारांश
मुख्य बातें
उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले में मानसून सीजन को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियाँ पूरी कर ली हैं। जिला मजिस्ट्रेट स्वाति एस. भदौरिया ने 9 जुलाई 2025 को सभी विभागों को चौबीसों घंटे अलर्ट मोड पर रहने और किसी भी मौसमी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई करने के स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। प्रशासन का कहना है कि विभागों के बीच समन्वय सुनिश्चित कर लिया गया है और सभी आवश्यक तैयारियाँ पूर्ण हैं।
मॉक ड्रिल और विभागीय समन्वय
जिलाधिकारी भदौरिया ने बताया कि संबंधित विभागों के साथ विशेष बैठकें आयोजित कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जा चुके हैं। आपदा प्रबंधन की क्षमता परखने के लिए मॉक ड्रिल भी कराई गई हैं। ड्रिल के दौरान सामने आई खामियों को चिह्नित कर विभागों को सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। यह ऐसे समय में आया है जब उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में मानसून के दौरान भूस्खलन और सड़क अवरोध की घटनाएँ हर साल बड़ी चुनौती बनती हैं।
सड़क सुरक्षा और जेसीबी तैनाती
डीएम ने कहा कि मानसून में सबसे बड़ी चुनौती सड़क मार्गों को सुचारू बनाए रखना होती है। इसके लिए जिले भर में जेसीबी मशीनों की रणनीतिक तैनाती कर दी गई है। सभी मशीनों और उनके ऑपरेटरों के संपर्क नंबर प्रशासन के पास उपलब्ध हैं। प्रशासन की ओर से समय-समय पर फोन कर उनकी लोकेशन और उपलब्धता की पुष्टि भी की जा रही है, ताकि आपात स्थिति में विलंब न हो।
बिजली, पानी और चिकित्सा सेवाएँ भी अलर्ट पर
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि आपदा की स्थिति में केवल सड़क विभाग नहीं, बल्कि बिजली, पेयजल, चिकित्सा और अन्य आवश्यक सेवाओं से जुड़े सभी विभागों को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। किसी भी स्थान से आपात सूचना मिलने पर संबंधित विभागों के कर्मचारी तत्काल मौके पर पहुँचकर राहत और बहाली कार्य शुरू करेंगे। गौरतलब है कि पौड़ी गढ़वाल जैसे पर्वतीय जिलों में बिजली और पेयजल आपूर्ति बाधित होना मानसून में आम समस्या रही है।
राजस्व कर्मचारियों को ग्राउंड-लेवल निगरानी के निर्देश
जिले के पटवारी, तहसीलदार और अन्य राजस्व कर्मचारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय रहने के निर्देश दिए गए हैं। ये कर्मचारी स्थानीय परिस्थितियों पर नज़र रखेंगे और किसी भी आपदा की जानकारी तत्काल प्रशासन को देंगे। यह ग्राउंड-लेवल निगरानी तंत्र प्रशासन की प्रतिक्रिया क्षमता को और अधिक तेज़ बनाने का प्रयास है।
राहत केंद्र तैयार, चाबियाँ सुरक्षित
मानसून के दौरान विस्थापित होने वाले लोगों को आश्रय देने के लिए जिले में राहत केंद्रों की पहचान कर ली गई है। डीएम भदौरिया ने बताया कि सभी राहत केंद्र तैयार स्थिति में हैं और उनकी चाबियाँ सुरक्षित रखी गई हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर प्रभावित लोगों को बिना किसी देरी के वहाँ ठहराया जा सके। आने वाले हफ्तों में मानसून की तीव्रता बढ़ने के साथ यह तैयारी जिलेवासियों की सुरक्षा की असली परीक्षा होगी।