फीफा विश्व कप 2026: मोरक्को के स्टार फॉरवर्ड सैबारी फ्रांस के खिलाफ क्वार्टर-फाइनल से बाहर, हैमस्ट्रिंग चोट बनी रोड़ा
सारांश
मुख्य बातें
फीफा विश्व कप 2026 के क्वार्टर-फाइनल में फ्रांस के खिलाफ निर्णायक मुकाबले से ठीक पहले मोरक्को को करारा झटका लगा है — टीम के प्रमुख फॉरवर्ड इस्माइल सैबारी हैमस्ट्रिंग चोट के चलते इस अहम मैच से बाहर हो गए हैं। 9 जुलाई 2026 को मैच-पूर्व प्रेस कॉन्फ्रेंस में मोरक्को के हेड कोच मोहम्मद ओआबी ने इसकी आधिकारिक पुष्टि की।
चोट का ब्यौरा और कोच की प्रतिक्रिया
ओआबी के अनुसार, सैबारी को कनाडा के खिलाफ राउंड ऑफ 16 की जीत के दौरान हैमस्ट्रिंग में चोट आई थी और वे क्वार्टर-फाइनल तक पूरी तरह फिट नहीं हो सके। कोच ने कहा, "वह तैयार नहीं हैं, लेकिन मुझे उम्मीद है कि यह उनके लिए टूर्नामेंट का अंत नहीं है।" ओआबी ने यह भी संकेत दिया कि यदि मोरक्को सेमीफाइनल में पहुँचता है, तो 25 वर्षीय यह खिलाड़ी वापसी कर सकता है।
टूर्नामेंट में सैबारी का प्रदर्शन
सैबारी इस विश्व कप में मोरक्को के सबसे प्रभावशाली खिलाड़ियों में रहे हैं। उन्होंने ग्रुप स्टेज के तीनों मैचों में गोल दागे और राउंड ऑफ 32 में नीदरलैंड के खिलाफ निर्णायक शूटआउट में पेनल्टी को गोल में बदला। उनकी अनुपस्थिति में मोरक्को को 2022 विश्व कप की उपविजेता फ्रांस के खिलाफ अधिक रक्षात्मक रणनीति अपनानी पड़ सकती है।
रेफरी विवाद और कोच का रुख
फीफा ने इस क्वार्टर-फाइनल के लिए पूरी तरह अर्जेंटीना के अधिकारियों की टीम नियुक्त की है, जो 2026 टूर्नामेंट में पहली बार है जब किसी मैच का संचालन एक ही देश के अधिकारी करेंगे। इस फैसले ने बड़ी बहस छेड़ दी है। हालाँकि, कोच ओआबी ने इस पर शांत रुख अपनाया। उन्होंने कहा, "हम एक बहुत अनुभवी रेफरी की बात कर रहे हैं। हम यही चाहते हैं। नीदरलैंड्स का सामना करने से पहले हमारे मैच में एक डच रेफरी था और उसने बहुत अच्छा काम किया था। फ्रांस के खिलाफ मैच में जो रेफरी होगा, वह आसानी से कार्ड नहीं देता और इसका असर पड़ सकता है, लेकिन मैं रेफरी की क्षमता के बारे में कुछ भी बुरा नहीं कहूंगा।"
फ्रांस बनाम मोरक्को: आमने-सामने का इतिहास
सभी प्रतियोगिताओं में दोनों टीमें अब तक छह बार आमने-सामने हो चुकी हैं। फ्रांस ने चार मैच जीते हैं, एक ड्रॉ रहा है और मोरक्को ने एक जीता है। दोनों टीमें 2022 विश्व कप के सेमीफाइनल में भी भिड़ी थीं, जिसमें मोरक्को को 2-0 से हार का सामना करना पड़ा था। इस बार मोरक्को अपने इतिहास को बदलने उतरेगा, लेकिन सैबारी की अनुपस्थिति में यह चुनौती और कठिन हो गई है।
आगे क्या
क्वार्टर-फाइनल में मोरक्को की रणनीति अब बदली हुई परिस्थितियों में परखी जाएगी। कोच ओआबी के लिए यह मैच न केवल रणनीतिक बल्कि मनोवैज्ञानिक परीक्षा भी है — यह देखना दिलचस्प होगा कि बिना अपने प्रमुख स्ट्राइकर के 'एटलस लायंस' फ्रांस की चुनौती का कैसे सामना करते हैं।