फीफा विश्व कप 2026: मोरक्को से हार के बाद कोच रोनाल्ड कोमैन ने नीदरलैंड के भविष्य पर छोड़ा सवाल
सारांश
मुख्य बातें
नीदरलैंड के मुख्य कोच रोनाल्ड कोमैन ने 30 जून 2026 को मॉन्टेरी में फीफा विश्व कप 2026 के नॉकआउट दौर में मोरक्को के खिलाफ पेनल्टी शूटआउट में हार के बाद राष्ट्रीय टीम के साथ अपने भविष्य पर अनिश्चितता जताई। कोमैन ने स्वीकार किया कि मैच का सदमा अभी भी ताज़ा है और वे एक दिन में अपने फैसले पर पहुँचने की कोशिश करेंगे।
कोमैन का बयान: 'मैं सोचूंगा और शायद कल तक नतीजे पर पहुँचूंगा'
मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कोमैन ने कहा, 'मैंने हार नहीं मानी है। मैं अपने भविष्य के बारे में सोचूंगा। मैच की निराशा अभी भी बहुत ताज़ा है। मैं सोचूंगा और शायद कल सुबह तक किसी नतीजे पर पहुँचूंगा।' उन्होंने यह भी कहा कि जब से ग्रुप ड्रॉ में मोरक्को का नाम सामने आया था, तभी से यह एक कठिन चुनौती थी।
कोमैन ने कहा, 'हमने इस मैच में बहुत ऊर्जा लगाई। मोरक्को ने हमसे बेहतर मौके बनाए। हमने बढ़त बना ली। मुझे नहीं लगा कि उनके पास कोई असली हल है। उन्होंने किस्मत से एक गोल कर दिया। स्टॉपेज टाइम में यह और भी दर्दनाक होता है। हम पेनल्टी शूटआउट में भी बदकिस्मत थे।'
पाँच डिफेंडरों की रणनीति का बचाव
कोमैन ने मैच के दौरान पाँच लोगों के डिफेंस पर स्विच करने के अपने फैसले को उचित ठहराया और रक्षात्मक खेल के आरोपों को सिरे से खारिज किया। उन्होंने तर्क दिया, 'हमने स्वीडन और ट्यूनीशिया के मुकाबले बहुत कम गोल खाए। अगर बराबरी का गोल नहीं हुआ होता, तो लोग शायद इस फैसले की तारीफ करते।'
कोमैन ने आगे कहा, 'पिछले मैचों में हमने अक्सर विपक्षी को बहुत ज़्यादा मौके दिए। अगर आज रात ऐसा होता तो शायद हम अतिरिक्त समय तक भी नहीं पहुँच पाते। लोग बाहर से मैच देखते हैं। मैं हर दिन टीम के साथ रहता हूँ। मुझे यह दोबारा करना पड़े, तो मैं कुछ भी नहीं बदलूंगा।'
आक्रमण की कमज़ोरियाँ भी स्वीकारीं
हालाँकि कोमैन ने माना कि नीदरलैंड के आक्रमण में कमियाँ रहीं। उन्होंने कहा, 'मुझे लगा कि हम मिकी और कोडी के साथ लेफ्ट में और ज़्यादा खतरनाक हो सकते थे। हम गेंद को और तेज़ी से मूव कर सकते थे। हम कुछ बार राइट में अच्छी पोज़ीशन में पहुँचे, लेकिन फाइनल पास अच्छा नहीं था।' यह स्वीकारोक्ति टीम की उस कमज़ोरी को उजागर करती है जो पूरे टूर्नामेंट में देखी गई।
नीदरलैंड का विश्व कप इतिहास और इंतज़ार जारी
फीफा विश्व कप के इतिहास में नीदरलैंड तीन बार — 1974, 1978 और 2010 में — फाइनल तक पहुँची, लेकिन तीनों बार खिताब से चूक गई। विश्व कप 2026 से बाहर होने के बाद अब यह इंतज़ार कम से कम 4 साल और बढ़ गया है। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब नीदरलैंड की टीम युवा प्रतिभाओं के दम पर एक नए स्वर्णिम दौर की उम्मीद जगा रही थी।
कोमैन के भविष्य पर फैसला आने वाले दिनों में नीदरलैंड फुटबॉल संघ की प्राथमिकता सूची में सबसे ऊपर रहेगा।