30 जून 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

फीफा विश्व कप 2026: मोरक्को से हार के बाद कोच रोनाल्ड कोमैन ने नीदरलैंड के भविष्य पर उठाए सवाल

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
फीफा विश्व कप 2026: मोरक्को से हार के बाद कोच रोनाल्ड कोमैन ने नीदरलैंड के भविष्य पर उठाए सवाल

सारांश

मोरक्को ने पेनल्टी शूटआउट में नीदरलैंड को हराकर फीफा विश्व कप 2026 से बाहर किया। कोच रोनाल्ड कोमैन ने संकेत दिया कि वे अपने भविष्य पर पुनर्विचार करेंगे। तीन बार के फाइनलिस्ट नीदरलैंड का खिताबी इंतजार अब कम से कम 4 साल और लंबा हो गया।

मुख्य बातें

नीदरलैंड फीफा विश्व कप 2026 से बाहर हुआ — मोरक्को ने पेनल्टी शूटआउट में हराया।
कोच रोनाल्ड कोमैन ने कहा, 'मैं अपने भविष्य के बारे में सोचूंगा' — पद पर बने रहने पर अनिश्चितता।
नीदरलैंड ने बढ़त बनाई थी, लेकिन मोरक्को ने स्टॉपेज टाइम में बराबरी कर शूटआउट में जीत दर्ज की।
कोमैन ने पाँच डिफेंडरों की रणनीति का बचाव किया, लेकिन आक्रमण में कमज़ोरी स्वीकार की।
नीदरलैंड 1974, 1978 और 2010 में तीन बार फाइनल खेल चुका है, लेकिन खिताब कभी नहीं जीता; इंतजार अब 4 साल और बढ़ा।

फीफा विश्व कप 2026 से नीदरलैंड के बाहर होने के बाद कोच रोनाल्ड कोमैन ने मंगलवार, 30 जून को मॉन्टेरी में प्रेस कॉन्फ्रेंस में संकेत दिया कि वे राष्ट्रीय टीम के साथ अपने भविष्य पर पुनर्विचार कर सकते हैं। मोरक्को ने पेनल्टी शूटआउट में नीदरलैंड को हराकर टूर्नामेंट से बाहर किया, जिससे नीदरलैंड का विश्व कप खिताब जीतने का इंतजार कम से कम 4 साल और लंबा हो गया।

कोमैन का बयान — 'मैं सोचूंगा'

मैच के बाद कोमैन ने कहा, 'मैंने हार नहीं मानी है। मैं अपने भविष्य के बारे में सोचूंगा। मैच की निराशा अभी भी बहुत ताज़ा है। मैं सोचूंगा और शायद कल सुबह तक किसी नतीजे पर पहुंचूंगा।' उनका यह बयान इस बात का संकेत है कि नीदरलैंड की कोचिंग की कुर्सी पर उनका भविष्य अनिश्चित है।

मैच का घटनाक्रम

नीदरलैंड ने मैच में बढ़त बना ली थी, लेकिन मोरक्को ने स्टॉपेज टाइम में बराबरी का गोल दागकर मुकाबले को अतिरिक्त समय में खींचा और अंततः पेनल्टी शूटआउट में जीत हासिल की। कोमैन के अनुसार, 'मोरक्को ने हमसे बेहतर मौके बनाए। उन्होंने किस्मत से एक गोल कर दिया। स्टॉपेज टाइम में यह और भी दर्दनाक होता है। हम पेनल्टी शूटआउट में भी बदकिस्मत थे।'

कोमैन ने यह भी स्वीकार किया कि ग्रुप चरण से ही यह एक कठिन ड्रॉ था। उन्होंने कहा, 'जब हमने मोरक्को को अपने ग्रुप में देखा, उसी पल से यह एक मुश्किल ड्रॉ था, लेकिन यही फुटबॉल है।'

रणनीतिक फैसले का बचाव

कोमैन ने मैच के दौरान पाँच डिफेंडरों की रणनीति अपनाने के अपने फैसले का पुरज़ोर बचाव किया और इसे रक्षात्मक सोच मानने से इनकार किया। उन्होंने कहा, 'अगर बराबरी का गोल नहीं हुआ होता, तो लोग शायद इस फैसले की तारीफ करते। मुझे लगा कि यह बदलाव ज़रूरी था। पिछले मैचों में हमने अक्सर विपक्षी को बहुत ज़्यादा मौके दिए।' उन्होंने जोड़ा, 'मुझे यह दोबारा करना पड़े, तो मैं कुछ भी नहीं बदलूंगा।'

हालांकि कोमैन ने माना कि आक्रमण पंक्ति में टीम अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाई। उन्होंने कहा, 'हम मिकी और कोडी के साथ लेफ्ट में और ज़्यादा खतरनाक हो सकते थे। हम गेंद को और तेज़ी से मूव कर सकते थे। फाइनल पास अच्छा नहीं था।'

नीदरलैंड का विश्व कप इतिहास

फीफा विश्व कप के इतिहास में नीदरलैंड तीन बार — 1974, 1978 और 2010 — फाइनल तक पहुंची है, लेकिन तीनों अवसरों पर उसे हार का सामना करना पड़ा। यह ऐसे समय में आया है जब नीदरलैंड की युवा प्रतिभाओं से भरी टीम से बड़ी उम्मीदें थीं। विश्व कप 2026 से बाहर होने के बाद खिताब जीतने का उनका इंतजार अब कम से कम 4 साल और बढ़ गया है।

आगे क्या होगा

कोमैन के भविष्य को लेकर नीदरलैंड फुटबॉल संघ जल्द ही कोई आधिकारिक बयान दे सकता है। गौरतलब है कि बड़े टूर्नामेंट से समयपूर्व बाहर होने के बाद कोच के भविष्य पर अनिश्चितता डच फुटबॉल में नई बात नहीं है। अगले कुछ दिनों में यह तय होगा कि कोमैन टीम के साथ आगे बढ़ेंगे या नहीं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि संरचनात्मक है। कोमैन के जाने या रहने से ज़्यादा ज़रूरी सवाल यह है कि नीदरलैंड बड़े मंच पर दबाव में प्रदर्शन क्यों नहीं कर पाता।
RashtraPress
30 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नीदरलैंड फीफा विश्व कप 2026 से कैसे बाहर हुआ?
नीदरलैंड को मोरक्को ने पेनल्टी शूटआउट में हराकर विश्व कप 2026 से बाहर किया। नीदरलैंड ने मैच में बढ़त बनाई थी, लेकिन मोरक्को ने स्टॉपेज टाइम में बराबरी कर अतिरिक्त समय और फिर शूटआउट में जीत दर्ज की।
रोनाल्ड कोमैन ने हार के बाद क्या कहा?
कोमैन ने कहा कि वे अपने भविष्य के बारे में सोचेंगे और शायद अगली सुबह तक किसी नतीजे पर पहुंचेंगे। उन्होंने पाँच डिफेंडरों की रणनीति का बचाव किया लेकिन आक्रमण में टीम की कमज़ोरी स्वीकार की।
नीदरलैंड का फीफा विश्व कप में अब तक का रिकॉर्ड कैसा रहा है?
नीदरलैंड तीन बार — 1974, 1978 और 2010 — विश्व कप के फाइनल में पहुंचा है, लेकिन तीनों बार हार का सामना करना पड़ा। 2026 से बाहर होने के बाद खिताब जीतने का इंतजार कम से कम 4 साल और बढ़ गया है।
कोमैन ने पाँच डिफेंडरों की रणनीति क्यों अपनाई?
कोमैन के अनुसार, पिछले मैचों में नीदरलैंड ने विपक्षी को बहुत ज़्यादा मौके दिए थे, इसलिए यह बदलाव ज़रूरी था। उन्होंने कहा कि अगर उन्हें दोबारा यही फैसला लेना पड़े तो वे कुछ भी नहीं बदलेंगे।
क्या रोनाल्ड कोमैन नीदरलैंड के कोच पद से इस्तीफा देंगे?
कोमैन ने अभी तक कोई स्पष्ट निर्णय नहीं लिया है। उन्होंने संकेत दिया कि वे अगले कुछ घंटों में अपने भविष्य पर विचार करेंगे। नीदरलैंड फुटबॉल संघ की ओर से आधिकारिक बयान का इंतजार है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 5 घंटे पहले
  2. 5 घंटे पहले
  3. 5 घंटे पहले
  4. 8 घंटे पहले
  5. 8 घंटे पहले
  6. 8 घंटे पहले
  7. 10 घंटे पहले
  8. 10 घंटे पहले