15 अगस्त 2026
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टाटा स्टील ने जमशेदपुर एफसी की कमान चर्चिल ब्रदर्स को सौंपी, सितंबर 2026 से नई शुरुआत

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टाटा स्टील ने जमशेदपुर एफसी की कमान चर्चिल ब्रदर्स को सौंपी, सितंबर 2026 से नई शुरुआत

सारांश

टाटा स्टील ने जमशेदपुर एफसी से अपना हाथ खींच लिया — लेकिन खिलाड़ियों को बेसहारा नहीं छोड़ा। चार दशक पुराने गोवा क्लब चर्चिल ब्रदर्स को ISL लाइसेंस और पूरा दस्ता सौंपकर, कंपनी ने जमीनी फुटबॉल और टाटा अकादमी पर ध्यान केंद्रित करने का संकल्प लिया है।

मुख्य बातें

टाटा स्टील ने 14 अगस्त 2026 को जमशेदपुर एफसी की इक्विटी हिस्सेदारी चर्चिल ब्रदर्स फुटबॉल क्लब को टोकन कीमत पर ट्रांसफर की।
सौदे में ISL स्पोर्टिंग लाइसेंस , 12 खिलाड़ी और 2 कोच शामिल; सितंबर 2026 से प्रभावी।
चर्चिल ब्रदर्स का भारतीय फुटबॉल में लगभग 40 वर्षों का इतिहास और 2 आई-लीग खिताब ।
टाटा फुटबॉल अकादमी ( 1987 में स्थापित) ने 300+ कैडेट्स को प्रशिक्षित किया, जिनमें से 150 ने राष्ट्रीय टीम का प्रतिनिधित्व किया।
टाटा स्टील ग्रासरूट व यूथ फुटबॉल और AIFF के साथ साझेदारी जारी रखेगी।

टाटा स्टील ने 14 अगस्त 2026 को इंडियन सुपर लीग (ISL) क्लब जमशेदपुर एफसी की मालिक कंपनी 'जमशेदपुर फुटबॉल एंड स्पोर्टिंग प्राइवेट लिमिटेड' में अपनी इक्विटी हिस्सेदारी गोवा के चर्चिल ब्रदर्स फुटबॉल क्लब को एक टोकन कीमत पर ट्रांसफर करने की औपचारिक सहमति दे दी। इस कदम का मुख्य उद्देश्य क्लब के खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ के लिए पेशेवर फुटबॉल करियर की निरंतरता सुनिश्चित करना है।

ट्रांसफर में क्या शामिल है

ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन (AIFF) के नियमों के अनुरूप संपन्न हुए इस सौदे में क्लब का ISL स्पोर्टिंग लाइसेंस, 12 खिलाड़ी और 2 कोच भी चर्चिल ब्रदर्स को हस्तांतरित किए जाएंगे। सितंबर 2026 से चर्चिल ब्रदर्स सभी जमशेदपुर एफसी खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ के अनुबंध अपने अधीन ले लेंगे।

टाटा स्टील का आधिकारिक बयान

टाटा स्टील के कॉर्पोरेट सर्विसेज के वाइस प्रेसिडेंट डी. बी. सुंदरा रामम ने कहा, 'चर्चिल ब्रदर्स भारतीय फुटबॉल में एक असली इतिहास वाला क्लब है, और हमें खुशी है कि इस एग्रीमेंट से हमारे खिलाड़ियों और कोचों को क्लब फुटबॉल खेलना जारी रखने का मौका मिल रहा है।' उन्होंने AIFF और चर्चिल ब्रदर्स को इस बदलाव को सुगम बनाने में साझेदारी के लिए धन्यवाद दिया।

चर्चिल ब्रदर्स की पृष्ठभूमि

गोवा स्थित चर्चिल ब्रदर्स फुटबॉल क्लब का भारतीय घरेलू फुटबॉल में लगभग चार दशकों का समृद्ध इतिहास है, जिसमें दो आई-लीग खिताब शामिल हैं। यह ट्रांसफर उन्हें ISL में पहली बार प्रत्यक्ष उपस्थिति दर्ज कराने का अवसर देता है।

टाटा की ग्रासरूट फुटबॉल प्रतिबद्धता बरकरार

इस हस्तांतरण के बावजूद टाटा स्टील ने स्पष्ट किया कि वह जमशेदपुर में ग्रासरूट और यूथ स्तर पर फुटबॉल विकास जारी रखेगी। 1987 में स्थापित टाटा फुटबॉल अकादमी अब तक 300 से अधिक कैडेट्स को प्रशिक्षित कर चुकी है, जिनमें से 150 ने भारतीय राष्ट्रीय टीम का प्रतिनिधित्व किया है। झारखंड की अंडर-14 और अंडर-16 टीमों के अधिकांश खिलाड़ी टाटा स्टील फाउंडेशन के फुटबॉल ट्रेनिंग सेंटर्स से आए हैं, जो मुख्यतः आदिवासी समुदायों के साथ काम करते हैं।

आगे क्या होगा

रामम ने कहा कि टाटा स्टील अपने स्पोर्ट्स इन्फ्रास्ट्रक्चर को बनाए रखेगी और उसे जमीनी स्तर के फुटबॉल व एथलीट विकास के लिए नए सिरे से उपयोग में लाएगी। AIFF के साथ मिलकर यूथ सिस्टम को आधुनिक बनाने और उसमें निवेश बढ़ाने की भी योजना है। यह बदलाव भारतीय फुटबॉल में कॉर्पोरेट स्वामित्व की बदलती तस्वीर को रेखांकित करता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

पर यह भी देखना होगा कि ISL की चमक के बिना वह प्रतिभाओं को शीर्ष स्तर तक पहुँचाने की पाइपलाइन कैसे बनाए रखती है।
RashtraPress
15 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

टाटा स्टील ने जमशेदपुर एफसी क्यों बेचा?
टाटा स्टील ने जमशेदपुर एफसी की इक्विटी हिस्सेदारी चर्चिल ब्रदर्स को इसलिए ट्रांसफर की ताकि क्लब के खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ का पेशेवर करियर बाधित न हो। कंपनी ने संकेत दिया कि वह अब ISL संचालन की बजाय ग्रासरूट और यूथ फुटबॉल पर ध्यान केंद्रित करेगी।
चर्चिल ब्रदर्स को जमशेदपुर एफसी का ISL लाइसेंस कब मिलेगा?
सितंबर 2026 से चर्चिल ब्रदर्स सभी खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ के अनुबंध अपने अधीन ले लेंगे और ISL स्पोर्टिंग लाइसेंस भी उन्हें हस्तांतरित हो जाएगा। यह ट्रांजैक्शन AIFF के नियमों के अनुसार संपन्न हुआ है।
चर्चिल ब्रदर्स फुटबॉल क्लब कौन है?
चर्चिल ब्रदर्स गोवा स्थित एक प्रतिष्ठित भारतीय फुटबॉल क्लब है, जिसका भारतीय घरेलू फुटबॉल में लगभग चार दशकों का इतिहास है और उसने दो आई-लीग खिताब जीते हैं। यह ट्रांसफर उन्हें पहली बार ISL में सीधी भागीदारी का अवसर देता है।
क्या टाटा स्टील पूरी तरह फुटबॉल से बाहर हो गई है?
नहीं, टाटा स्टील ने स्पष्ट किया है कि वह जमशेदपुर में ग्रासरूट और यूथ स्तर पर फुटबॉल जारी रखेगी। 1987 में स्थापित टाटा फुटबॉल अकादमी और आदिवासी समुदायों के लिए फुटबॉल ट्रेनिंग सेंटर्स संचालित होते रहेंगे।
इस ट्रांसफर से जमशेदपुर एफसी के खिलाड़ियों पर क्या असर पड़ेगा?
12 खिलाड़ी और 2 कोच सितंबर 2026 से चर्चिल ब्रदर्स के अनुबंध में आ जाएंगे और ISL में अपना करियर जारी रख सकेंगे। टाटा स्टील के अनुसार, इस सौदे का मुख्य उद्देश्य ही खिलाड़ियों की रोज़गार सुरक्षा सुनिश्चित करना था।
राष्ट्र प्रेस
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