80वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर तिरंगे रंगों से जगमगाई दिल्ली विधानसभा, स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने दी बधाई
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली विधानसभा के स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने 14 अगस्त 2026 को 80वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर दिल्ली के नागरिकों और विश्वभर के भारतीयों को हार्दिक बधाई दी। इस अवसर पर 115 वर्ष पुरानी दिल्ली विधानसभा को तिरंगे के जीवंत रंगों — केसरिया, सफ़ेद और हरे — से विशेष रूप से रोशन किया गया, जिसने सैकड़ों नागरिकों को अपनी ओर खींचा।
विधानसभा में उमड़ा देशभक्ति का जोश
शाम 5 बजे से 8 बजे तक आम नागरिकों के लिए खुले इस ऐतिहासिक परिसर में परिवार, युवा और दर्शक बड़ी संख्या में पहुँचे। उन्होंने विधानसभा भवन की शानदार वास्तुकला और इसकी समृद्ध लोकतांत्रिक विरासत को करीब से देखा। देशभक्ति के माहौल में डूबे दर्शकों ने परिसर में घूमते हुए इस संस्थान के इतिहास को महसूस किया।
बीएसएफ और सीआरपीएफ बैंड ने बाँधा समाँ
सीमा सुरक्षा बल (BSF) और केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल (CRPF) के बैंड दलों ने जोश भरी देशभक्तिपूर्ण धुनें प्रस्तुत कीं, जिन पर दर्शक तालियाँ बजाते और उत्साहवर्धन करते नज़र आए। साहित्य कला परिषद द्वारा आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने भारत की विविध कलात्मक परंपराओं की झलक पेश कर उत्सव के माहौल को और जीवंत बना दिया।
स्पीकर गुप्ता का संदेश: लोकतंत्र नागरिकों का है
स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने कहा, 'स्वतंत्रता दिवस के इस पावन अवसर पर मैं दिल्ली के हर नागरिक और दुनिया भर के सभी भारतीयों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ देता हूँ।' उन्होंने यह भी कहा कि 'यह ऐतिहासिक विधानसभा हमारी समृद्ध लोकतांत्रिक विरासत और राष्ट्रीय गौरव के प्रतीक के रूप में खड़ी है।'
गुप्ता ने इस बात पर ज़ोर दिया कि विधानसभा के दरवाजे नागरिकों के लिए खोलना उस मूल सिद्धांत को रेखांकित करता है कि लोकतांत्रिक संस्थान वास्तव में उन्हीं नागरिकों के हैं जिनकी वे सेवा करते हैं।
'हर घर तिरंगा' अभियान को जन-आंदोलन बनाने की अपील
स्पीकर गुप्ता ने दिल्ली के हर निवासी से अपने घर पर तिरंगा फहराने और 'हर घर तिरंगा' अभियान को एक सच्चे 'जन-उत्सव' का रूप देने की अपील की। उन्होंने नागरिकों से आह्वान किया कि वे भारत के संवैधानिक मूल्यों की रक्षा करें, राष्ट्रीय एकता को मज़बूत करें और राजधानी के विकास के लिए मिलकर काम करने का संकल्प लें।
आगे क्या
गौरतलब है कि दिल्ली विधानसभा का यह 'ओपन हाउस' आयोजन नागरिकों को संसदीय संस्थाओं से जोड़ने की व्यापक पहल का हिस्सा है। 80वाँ स्वतंत्रता दिवस भारत के लिए एक महत्त्वपूर्ण पड़ाव है, और इस तरह के आयोजन लोकतांत्रिक जागरूकता को जमीनी स्तर पर मज़बूत करने का प्रयास करते हैं।