80वें स्वतंत्रता दिवस पर दिल्ली के उपराज्यपाल संधू, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता समेत कई नेताओं ने दी शुभकामनाएं
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली, 15 अगस्त 2026: 80वें स्वतंत्रता दिवस के ऐतिहासिक अवसर पर दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और दिल्ली सरकार के कई मंत्रियों ने देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। नेताओं ने स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को नमन करते हुए विकसित भारत के निर्माण का संकल्प दोहराया।
उपराज्यपाल संधू का संदेश
उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर लिखा, 'हमारे 80वें स्वतंत्रता दिवस पर सभी को हार्दिक शुभकामनाएं! जब हमारा पवित्र तिरंगा भारत के हर कोने में गर्व के साथ लहरा रहा है, तो हम उन बहादुर शहीदों के प्रति अनंत कृतज्ञता के साथ नमन करते हैं, जिनके सर्वोच्च बलिदानों ने हमें आजादी दिलाई।' उन्होंने आगे कहा कि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से लेकर हर गाँव और शहर तक, विकसित भारत के मिशन को आगे बढ़ाते हुए एक मज़बूत और समृद्ध राष्ट्र के निर्माण के लिए एकजुट होने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का आह्वान
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अपने संदेश में कहा, 'यह पावन दिवस हमें उस संघर्ष की याद दिलाता है, जिसने भारत को स्वतंत्रता दी, और उस संकल्प की भी, जो भारत को विकसित राष्ट्र बनाएगा।' उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि जिन वीरों ने अपने त्याग और बलिदान से स्वतंत्र भारत सौंपा, उनके सपनों को साकार करने की जिम्मेदारी आज की पीढ़ी की है। मुख्यमंत्री ने नागरिकों से अपने कर्तव्य को राष्ट्रसेवा और प्रयास को राष्ट्रनिर्माण से जोड़ने का आग्रह किया।
मंत्री प्रवेश वर्मा और कपिल मिश्रा के संदेश
दिल्ली सरकार के मंत्री प्रवेश वर्मा ने कहा कि आजादी केवल एक पर्व नहीं, बल्कि उन अनगिनत वीरों के त्याग, बलिदान और संघर्ष की अमर कहानी है। उन्होंने देश की एकता, अखंडता, शांति और समृद्धि को सर्वोपरि रखने का संकल्प लिया और भारत को आत्मनिर्भर एवं गौरवशाली बनाने में योगदान देने का आह्वान किया।
मंत्री कपिल मिश्रा ने भगत सिंह, राजगुरु, चंद्रशेखर आज़ाद और नेताजी सुभाष चंद्र बोस जैसे स्वतंत्रता सेनानियों को याद करते हुए कहा कि 15 अगस्त 1947 को मिली आज़ादी लाखों बलिदानियों के शौर्य का परिणाम है। उन्होंने चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर तिरंगे की शान, डिजिटल इंडिया और स्टार्टअप इंडिया जैसी उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए 2047 तक 'विकसित भारत' के निर्माण में सर्वोच्च योगदान देने का आग्रह किया।
राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य
यह ऐसे समय में आया है जब पूरे देश में 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर 'हर घर तिरंगा' अभियान के तहत राष्ट्रीय ध्वज फहराया जा रहा है। गौरतलब है कि इस वर्ष का स्वतंत्रता दिवस विशेष महत्व रखता है, क्योंकि यह स्वतंत्रता की आठवीं दशाब्दी का प्रारंभ है। नेताओं के संदेशों में 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य की झलक स्पष्ट रूप से दिखती है, जो केंद्र सरकार की दीर्घकालिक नीतिगत प्राथमिकता है।
आगे की राह
स्वतंत्रता दिवस के इन संदेशों के साथ दिल्ली के नेताओं ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रनिर्माण में आम नागरिकों की भागीदारी अनिवार्य है। 2047 के 'विकसित भारत' के संकल्प को ज़मीन पर उतारने के लिए नीतिगत प्रयासों के साथ-साथ सामाजिक एकता और सामूहिक जिम्मेदारी की आवश्यकता पर बल दिया गया।