15 अगस्त 2026
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80वें स्वतंत्रता दिवस पर LG टी.एस. संधू की दिल्लीवासियों से अपील — 'विकसित भारत 2047' में राजधानी बने अग्रदूत

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80वें स्वतंत्रता दिवस पर LG टी.एस. संधू की दिल्लीवासियों से अपील — 'विकसित भारत 2047' में राजधानी बने अग्रदूत

सारांश

80वें स्वतंत्रता दिवस पर दिल्ली के LG टी.एस. संधू ने लोक निवास में तिरंगा फहराकर दिल्लीवासियों को 'विकसित भारत 2047' में अग्रणी भूमिका निभाने का आह्वान किया। यमुना सफाई, वायु प्रदूषण, महिला सुरक्षा और विरासत संरक्षण को उन्होंने राजधानी की सर्वोच्च प्राथमिकताएँ बताया।

मुख्य बातें

संधू ने 15 अगस्त 2026 को 80वें स्वतंत्रता दिवस पर लोक निवास में राष्ट्रीय ध्वज फहराया।
उन्होंने PM मोदी के 'शक्ति की सप्तधारा' विज़न — मैन्युफैक्चरिंग, कृषि, टेक्नोलॉजी, गति शक्ति, रक्षा, ग्रीन-ब्लू इकोनॉमी और सॉफ्ट पावर — को दिल्ली के संदर्भ में रेखांकित किया।
दिल्लीवासियों से 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य में देश का नेतृत्व करने की अपील की गई।
प्रमुख प्राथमिकताओं में यमुना सफाई , वायु प्रदूषण , सबके लिए आवास , महिला-बाल सुरक्षा और विरासत संरक्षण शामिल।
युवाओं, RWA, इन्फ्लुएंसर्स और व्यापारियों से नागरिक जिम्मेदारी में सक्रिय भागीदारी का आग्रह।

दिल्ली के उपराज्यपाल (लेफ्टिनेंट गवर्नर) टी.एस. संधू ने 15 अगस्त 2026 को 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लोक निवास में राष्ट्रीय ध्वज फहराया और दिल्लीवासियों से आह्वान किया कि वे 'विकसित भारत 2047' के राष्ट्रीय लक्ष्य को हासिल करने में देश का नेतृत्व करें। इस अवसर पर उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लाल किले से दिए गए भाषण में रेखांकित 'शक्ति की सप्तधारा' के विज़न को दिल्ली के संदर्भ में विस्तार दिया।

शक्ति की सप्तधारा और दिल्ली की भूमिका

उपराज्यपाल संधू ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने अपने स्वतंत्रता दिवस भाषण में 'शक्ति की सप्तधारा' — अर्थात ताकत की सात मुख्य धाराएँ — का विज़न प्रस्तुत किया। इनमें मैन्युफैक्चरिंग, कृषि और खाद्य प्रसंस्करण, टेक्नोलॉजी और इनोवेशन, गति शक्ति, रक्षा शक्ति, ग्रीन और ब्लू इकोनॉमी, तथा भारत की सॉफ्ट पावर शामिल हैं। संधू ने कहा कि ये सातों धाराएँ दिल्ली के लिए विशेष रूप से प्रासंगिक हैं और राजधानी के नागरिकों की जिम्मेदारी है कि वे इन्हीं आधारों पर 2047 तक 'विकसित भारत' के लक्ष्य को साकार करने में अग्रणी भूमिका निभाएँ।

विकसित दिल्ली का संकल्प

उपराज्यपाल ने स्पष्ट किया कि राजधानी का लक्ष्य एक ऐसी 'विकसित दिल्ली' बनाना है जो बेहतरीन शासन, सुरक्षा और नागरिक गर्व का राष्ट्रीय मॉडल बने। उन्होंने कहा कि दिल्ली की सेवा उनके लिए महज एक प्रशासनिक दायित्व नहीं, बल्कि एक पवित्र जिम्मेदारी है — वे पिछले 50 वर्षों से इस शहर को जानते हैं और इसे अपनी 'कर्मभूमि' मानते हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली का हर जिला, सड़क और मोहल्ला अपनी एक अलग कहानी कहता है, और प्रशासन की सामूहिक जिम्मेदारी है कि इस क्षमता को हर नागरिक के लिए सुविधा, सम्मान और भलाई में परिवर्तित किया जाए।

दिल्ली की प्रमुख प्राथमिकताएँ

संधू ने कहा कि दिल्ली में सार्वजनिक प्रशासन का आधार प्रधानमंत्री के 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास' के संकल्प पर होना चाहिए। उन्होंने केंद्र सरकार, दिल्ली सरकार, नगर निकायों, पड़ोसी राज्यों और नागरिकों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया। राजधानी की प्रमुख प्राथमिकताओं में उन्होंने यमुना नदी की सफाई, वायु प्रदूषण से निपटना, सबके लिए आवास, सस्ती स्वास्थ्य सेवाएँ, महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा, ट्रैफ़िक प्रबंधन और दिल्ली की ऐतिहासिक विरासत के संरक्षण को रेखांकित किया।

युवाओं और नागरिकों से आह्वान

युवाओं को संबोधित करते हुए उपराज्यपाल संधू ने कहा कि वे ही दिल्ली के भविष्य के असली निर्माता हैं और उनकी ऊर्जा, नवाचार और नागरिक चेतना ही आधुनिक दिल्ली की वास्तविक शक्ति है। उन्होंने नागरिकों से अपने आस-पास के इलाकों को स्वच्छ रखने, सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा करने और मौलिक कर्तव्यों का पालन करने का आग्रह किया। उन्होंने युवाओं, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स, रेज़िडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA), व्यापारियों और आम नागरिकों से सकारात्मक सोच के साथ आगे आने की अपील की। उपराज्यपाल ने अंत में सभी दिल्लीवासियों से संकल्प लेने को कहा कि वे मिलकर दिल्ली को दुनिया की श्रेष्ठ राजधानियों में से एक बनाएँगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यमुना सफाई और वायु प्रदूषण जैसी प्राथमिकताएँ दशकों से हर स्वतंत्रता दिवस भाषण में दोहराई जाती हैं — ठोस समयसीमा और जवाबदेही ढाँचे के बिना। 'विकसित दिल्ली' का विज़न तब तक महज़ आकांक्षा बना रहेगा जब तक केंद्र, दिल्ली सरकार और नगर निकायों के बीच का पुराना समन्वय-संकट नहीं सुलझता। नागरिकों से अपील करना सही है, लेकिन असली परीक्षा यह है कि प्रशासन खुद किस हद तक जवाबदेह है।
RashtraPress
15 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उपराज्यपाल टी.एस. संधू ने 80वें स्वतंत्रता दिवस पर क्या संदेश दिया?
उपराज्यपाल टी.एस. संधू ने 15 अगस्त 2026 को लोक निवास में ध्वजारोहण करते हुए दिल्लीवासियों से 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य में देश का नेतृत्व करने की अपील की। उन्होंने PM मोदी के 'शक्ति की सप्तधारा' विज़न को दिल्ली के संदर्भ में विस्तार दिया।
'शक्ति की सप्तधारा' क्या है?
'शक्ति की सप्तधारा' प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लाल किले के भाषण में प्रस्तुत विकास का सात-सूत्रीय विज़न है। इसमें मैन्युफैक्चरिंग, कृषि और खाद्य प्रसंस्करण, टेक्नोलॉजी और इनोवेशन, गति शक्ति, रक्षा शक्ति, ग्रीन और ब्लू इकोनॉमी, और भारत की सॉफ्ट पावर शामिल हैं।
दिल्ली के उपराज्यपाल ने राजधानी की कौन-सी प्रमुख समस्याओं का ज़िक्र किया?
उपराज्यपाल संधू ने यमुना नदी की सफाई, वायु प्रदूषण, सबके लिए आवास, सस्ती स्वास्थ्य सेवाएँ, महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा, ट्रैफ़िक प्रबंधन और दिल्ली की ऐतिहासिक विरासत के संरक्षण को राजधानी की प्रमुख प्राथमिकताएँ बताया।
उपराज्यपाल ने युवाओं से क्या अपेक्षा जताई?
उपराज्यपाल संधू ने कहा कि युवा ही दिल्ली के भविष्य के असली निर्माता हैं और उनकी ऊर्जा व नागरिक चेतना आधुनिक दिल्ली की वास्तविक शक्ति है। उन्होंने युवाओं, इन्फ्लुएंसर्स, RWA और व्यापारियों से नागरिक जिम्मेदारियों में सक्रिय भागीदारी का आग्रह किया।
'विकसित दिल्ली' से उपराज्यपाल का क्या तात्पर्य है?
उपराज्यपाल के अनुसार 'विकसित दिल्ली' वह राजधानी है जो बेहतरीन शासन, सुरक्षा और नागरिक गर्व का राष्ट्रीय मॉडल बने। इसके लिए केंद्र सरकार, दिल्ली सरकार, नगर निकायों, पड़ोसी राज्यों और नागरिकों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी बताया गया।
राष्ट्र प्रेस
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