29 सितंबर 2026
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मुंबई: वारिस पठान के खिलाफ BJP के वसीम खान ने DCP से शिकायत दर्ज कराई, खिलाफत हाउस ताला विवाद

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मुंबई: वारिस पठान के खिलाफ BJP के वसीम खान ने DCP से शिकायत दर्ज कराई, खिलाफत हाउस ताला विवाद

सारांश

मुंबई में वक्फ संपत्ति विवाद ने नया मोड़ लिया — BJP माइनॉरिटी सेल अध्यक्ष वसीम खान ने AIMIM नेता वारिस पठान पर खिलाफत हाउस में ताला लगाने का आरोप लगाते हुए DCP जोन-3 से शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने जाँच का आश्वासन दिया है।

मुख्य बातें

BJP माइनॉरिटी सेल अध्यक्ष वसीम खान ने 29 सितंबर 2026 को मुंबई में DCP जोन-3 से मुलाकात कर वारिस पठान के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई।
आरोप है कि वारिस पठान कथित तौर पर खिलाफत हाउस पहुँचे और वहाँ का गेट बंद कर ताला लगाया।
खान ने पूछा कि पठान को किसी सरकारी विभाग या वक्फ बोर्ड ने ताला लगाने के लिए अधिकृत किया था या नहीं।
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त डॉ.
मनोज शर्मा और DCP ने जाँच के बाद कानूनी कार्रवाई का आश्वासन दिया।
खान ने AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी पर वक्फ कानून के विरोध और वक्फ बोर्ड के सहारे की कथित राजनीतिक विरोधाभासी स्थिति को लेकर सवाल उठाए।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) माइनॉरिटी सेल के अध्यक्ष वसीम खान ने 29 सितंबर 2026 को मुंबई में डीसीपी जोन-3 से मुलाकात कर ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) नेता वारिस पठान के खिलाफ पुलिस शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में आरोप लगाया गया कि पठान कथित तौर पर खिलाफत हाउस पहुँचे और वहाँ के गेट पर ताला लगाया, जो एक विवादित स्थल है और जिसे लेकर वक्फ बोर्ड तथा अन्य पक्षों के बीच संपत्ति-संबंधी विवाद चल रहा है।

मुख्य आरोप और घटनाक्रम

खान ने अपनी शिकायत में सवाल उठाया कि वारिस पठान को खिलाफत हाउस के गेट पर ताला लगाने का अधिकार किसने दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी सरकारी विभाग अथवा वक्फ बोर्ड की ओर से पठान को ऐसा करने के लिए कथित तौर पर अधिकृत नहीं किया गया था। खान के अनुसार, मौके पर तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई और बड़ा विवाद होते-होते बचा।

खान ने जोर देकर कहा कि यदि दो पक्षों के बीच वक्फ संपत्ति को लेकर विवाद है, तो उसका समाधान पुलिस या न्यायालय के माध्यम से होना चाहिए — किसी व्यक्ति को स्वयं मौके पर जाकर कार्रवाई करने का अधिकार नहीं है।

पुलिस का आश्वासन

डीसीपी जोन-3 ने खान को आश्वासन दिया कि मामले की जाँच के बाद कानून के तहत आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। खान ने पुलिस से यह भी अनुरोध किया कि विवादित स्थल पर लगाए गए ताले को खुलवाया जाए। इसके अतिरिक्त उन्होंने अतिरिक्त पुलिस आयुक्त डॉ. मनोज शर्मा और अपने वरिष्ठ नेताओं से भी इस विषय पर बातचीत की।

AIMIM नेतृत्व पर राजनीतिक सवाल

खान ने इस घटना को राजनीतिक दृष्टि से भी उठाया। उन्होंने कहा कि AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने वक्फ कानून को लेकर पहले कड़ी आपत्ति जताई थी और बड़े आंदोलन की बात कही थी। यह ऐसे समय में आया है जब वक्फ संशोधन कानून को लेकर देशभर में विभिन्न दलों के बीच तीखी बहस जारी है। खान ने कहा कि जिस वक्फ बोर्ड का AIMIM नेतृत्व विरोध करता रहा है, उसी का सहारा लेकर पठान का कथित तौर पर विवादित स्थल पर पहुँचना 'चिंताजनक और निराशाजनक' है।

कानून-व्यवस्था और सामाजिक शांति पर ज़ोर

खान ने कहा कि महाराष्ट्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखना अनिवार्य है। उन्होंने स्पष्ट किया कि BJP कार्यकर्ता शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखने में विश्वास रखते हैं, लेकिन यदि जनहित में आंदोलन की आवश्यकता पड़ी, तो वे पीछे नहीं हटेंगे — और ऐसा आंदोलन भी शांतिपूर्ण एवं मुद्दा-आधारित होगा।

उन्होंने यह भी कहा कि किसी समुदाय का प्रतिनिधित्व करने वाले नेता से यह अपेक्षा की जाती है कि वह समाज में शांति बनाए रखें। पठान की कथित भाषा और बयानों पर सवाल उठाते हुए खान ने कहा कि ऐसी भाषा 'सभ्य समाज में स्वीकार्य नहीं' है।

आगे क्या होगा

पुलिस की ओर से जाँच का आश्वासन मिलने के बाद मामले में अगले कदम की प्रतीक्षा है। खान ने स्पष्ट किया कि किसी को भी अपनी राजनीतिक या सामाजिक पहचान के आधार पर कानून से ऊपर नहीं समझना चाहिए और कानून तोड़ने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।

संपादकीय दृष्टिकोण

और अब उसी बोर्ड के आधार पर विवादित स्थल पर कार्रवाई के आरोप उठना उस विरोध की विश्वसनीयता पर सवाल खड़ा करता है। दूसरी ओर, BJP के माइनॉरिटी सेल का इस मुद्दे पर सक्रिय होना स्पष्ट संकेत देता है कि वक्फ विवाद को पार्टी राजनीतिक लामबंदी के अवसर के रूप में देख रही है। असली परीक्षा यह है कि पुलिस तंत्र इस दबाव के बीच निष्पक्ष जाँच कर पाता है या नहीं।
RashtraPress
29 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वारिस पठान पर वसीम खान ने क्या आरोप लगाए हैं?
वसीम खान ने आरोप लगाया है कि AIMIM नेता वारिस पठान कथित तौर पर खिलाफत हाउस पहुँचे और वहाँ के गेट पर ताला लगाया। खान का कहना है कि पठान को किसी सरकारी विभाग या वक्फ बोर्ड की ओर से इसके लिए अधिकृत नहीं किया गया था, और यह कृत्य कानून हाथ में लेने के समान है।
खिलाफत हाउस विवाद क्या है?
खिलाफत हाउस मुंबई में एक विवादित संपत्ति है, जिसे लेकर वक्फ बोर्ड और अन्य पक्षों के बीच स्वामित्व विवाद कथित तौर पर चल रहा है। इस विवाद के बीच वारिस पठान के वहाँ पहुँचने और ताला लगाने की घटना ने नया तनाव पैदा किया।
पुलिस ने इस मामले में क्या कहा है?
DCP जोन-3 और अतिरिक्त पुलिस आयुक्त डॉ. मनोज शर्मा ने वसीम खान को आश्वासन दिया है कि मामले की जाँच के बाद कानून के तहत आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। खान ने पुलिस से यह भी अनुरोध किया है कि विवादित स्थल पर लगाया गया ताला हटवाया जाए।
BJP ने AIMIM के वक्फ रुख पर क्या सवाल उठाए?
वसीम खान ने कहा कि AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने वक्फ संशोधन कानून का विरोध किया था, लेकिन अब वारिस पठान उसी वक्फ बोर्ड का सहारा लेकर विवादित स्थल पर कार्रवाई करते दिखे। खान ने इसे राजनीतिक दृष्टि से 'चिंताजनक और निराशाजनक' बताया।
इस पूरे मामले में आगे क्या हो सकता है?
पुलिस की जाँच के बाद वारिस पठान के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की संभावना है। वसीम खान ने यह भी संकेत दिया है कि यदि जनहित में आंदोलन की जरूरत पड़ी तो BJP कार्यकर्ता शांतिपूर्ण प्रदर्शन से पीछे नहीं हटेंगे।
राष्ट्र प्रेस
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