5 अक्टूबर 2026
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AIMIM प्रवक्ता वारिस पठान का UP चुनाव पर बड़ा बयान: गठबंधन को तैयार, पर 'बी-टीम' का ठप्पा नहीं मंज़ूर

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AIMIM प्रवक्ता वारिस पठान का UP चुनाव पर बड़ा बयान: गठबंधन को तैयार, पर 'बी-टीम' का ठप्पा नहीं मंज़ूर

सारांश

AIMIM के वारिस पठान ने एक साथ दो मोर्चे खोले — मुंबई के खिलाफत हाउस पर वक्फ बोर्ड को नोटिस और UP चुनाव में गठबंधन की पेशकश के साथ 'बी-टीम' के आरोप को सीधी चुनौती। यह बयान संकेत देता है कि AIMIM हाशिये पर नहीं, बल्कि अपनी शर्तों पर राजनीति में बने रहने के लिए तैयार है।

मुख्य बातें

AIMIM प्रवक्ता वारिस पठान ने 5 अक्टूबर 2026 को महाराष्ट्र वक्फ बोर्ड के CEO को खिलाफत हाउस पर नोटिस भेजा।
पठान का दावा — सर्वोच्च न्यायालय और महाराष्ट्र गजट दोनों ने खिलाफत हाउस को वक्फ संपत्ति माना है।
AIMIM ने UP विधानसभा चुनाव में BJP-विरोधी गठबंधन की इच्छा जताई, लेकिन संभावित सहयोगियों के आगे न आने पर अकेले लड़ने की घोषणा की।
पठान ने 'बी-टीम' के आरोप को खारिज करते हुए कहा — 'मुस्लिम दरी नहीं बिछाएगा, हम हिस्सेदारी की बात करते हैं।' किसान संकट पर सरकार की आलोचना करते हुए कहा — कर्ज माफी की जगह 'ऑपरेशन लोटस' पर पैसा खर्च हो रहा है।

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के राष्ट्रीय प्रवक्ता वारिस पठान ने 5 अक्टूबर 2026 को दोहरे मोर्चे पर बड़े बयान दिए — एक ओर मुंबई के विवादित खिलाफत हाउस को वक्फ संपत्ति बताते हुए महाराष्ट्र वक्फ बोर्ड को नोटिस भेजा, तो दूसरी ओर उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) को रोकने के लिए गठबंधन की इच्छा जताते हुए स्पष्ट किया कि अगर बात नहीं बनी तो AIMIM अकेले मैदान में उतरेगी। पठान ने यह भी कहा कि 'बी-टीम' का आरोप उनकी पार्टी पर नहीं चलेगा।

खिलाफत हाउस विवाद: वक्फ बोर्ड को नोटिस

पठान ने बताया कि उन्होंने महाराष्ट्र वक्फ बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) को औपचारिक नोटिस भेजा है। उनका कहना है कि खिलाफत हाउस की ज़मीन महाराष्ट्र गजट में वक्फ संपत्ति के रूप में दर्ज है और सर्वोच्च न्यायालय भी इसे वक्फ की संपत्ति मान चुका है।

उन्होंने आरोप लगाया कि खिलाफत हाउस से जुड़े लोगों ने न तो वक्फ बोर्ड से अनापत्ति प्रमाण-पत्र (NOC) लिया और न ही कोई अन्य अनुमति — फिर भी निजी बिल्डरों के ज़रिए निर्माण कार्य शुरू करा दिया गया। पठान ने कहा कि वे मौके पर गए, चर्चा के बाद परिसर पर ताला लगवाया और माँग की कि अदालत का फैसला आने तक निर्माण बंद रहे।

UP चुनाव: गठबंधन की पेशकश, लेकिन शर्तें साफ

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर पठान ने कहा कि AIMIM अध्यक्ष ने गठबंधन के लिए हरी झंडी दे दी है और पार्टी का एकमात्र लक्ष्य BJP को सत्ता से बाहर करना है। उनके शब्दों में, 'हम नहीं चाहते कि हिंदुत्व विचारधारा वाली सरकार तीसरी बार सत्ता में आए।'

हालाँकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि संभावित सहयोगी अभी तक आगे नहीं आए हैं। ऐसे में AIMIM स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ने का इरादा रखती है। पठान ने कहा, 'हम प्रतिनिधित्व और बराबरी की बात करते हैं।'

'बी-टीम' के आरोप पर पलटवार

AIMIM पर अक्सर विपक्षी दलों की ओर से यह आरोप लगाया जाता है कि वह मुस्लिम वोट काटकर परोक्ष रूप से BJP को फायदा पहुँचाती है। पठान ने इस पर तीखा जवाब देते हुए कहा कि 'जब हम चुनाव लड़ेंगे तो आप बी-टीम, बी-टीम चिल्लाएंगे' — लेकिन यह आरोप उनकी पार्टी को रोकने में कामयाब नहीं होगा।

उन्होंने यह भी कहा कि मुस्लिम राजनीतिक सशक्तीकरण की बात करना ही कुछ दलों को नागवार गुज़रता है क्योंकि 'उन्हें मुस्लिमों के वोट चाहिए, मुस्लिम नहीं।' यह बयान सीधे तौर पर उन दलों पर निशाना था जो AIMIM की आलोचना करते हैं।

किसान संकट पर सरकार को घेरा

पठान ने सूखे की स्थिति पर भी सरकार को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि किसान कर्ज के बोझ तले दबे हैं और बड़ी संख्या में आत्महत्याएँ हो रही हैं। उनका आरोप था कि सरकार के पास धन है, लेकिन वह 'ऑपरेशन लोटस' चलाकर सांसदों व विधायकों को खरीदने में उसे खर्च करना चाहती है — किसानों का कर्ज माफ करने की बजाय।

क्या होगा आगे

AIMIM का यह दोहरा बयान — खिलाफत हाउस मुद्दे पर कानूनी दाँव और UP चुनाव में स्वतंत्र रूप से उतरने की घोषणा — यह संकेत देता है कि पार्टी महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश दोनों में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने की रणनीति पर काम कर रही है। अदालत का फैसला और विधानसभा चुनाव की अधिसूचना — दोनों आने वाले महीनों में AIMIM की दिशा तय करेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

या वोट-विभाजन का अनजाना साधन? 'बी-टीम' का आरोप हर चुनाव में उठता है, पर यह सवाल भी उतना ही वैध है कि बड़े विपक्षी दल मुस्लिम प्रतिनिधित्व पर AIMIM के साथ बैठने से क्यों कतराते हैं। खिलाफत हाउस मुद्दे पर कानूनी पहल और चुनावी बयान को एक साथ जोड़ना बताता है कि AIMIM अपनी ज़मीनी पहचान बनाए रखने के लिए एक साथ कई मोर्चों पर सक्रिय है। असली परीक्षा UP के मतदाता करेंगे।
RashtraPress
5 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वारिस पठान ने खिलाफत हाउस को लेकर क्या कदम उठाया?
वारिस पठान ने महाराष्ट्र वक्फ बोर्ड के CEO को नोटिस भेजकर खिलाफत हाउस पर निजी बिल्डरों द्वारा हो रहे निर्माण कार्य को रोकने की माँग की। उनका कहना है कि यह संपत्ति महाराष्ट्र गजट में वक्फ के नाम दर्ज है और सर्वोच्च न्यायालय भी इसे वक्फ की संपत्ति मान चुका है।
AIMIM UP चुनाव में गठबंधन को लेकर क्या रुख रखती है?
AIMIM गठबंधन के लिए तैयार है और BJP को हराना उसका प्राथमिक लक्ष्य बताया गया है। हालाँकि संभावित सहयोगियों के आगे न आने की स्थिति में पार्टी अकेले चुनाव लड़ने का इरादा रखती है।
AIMIM पर लगने वाले 'बी-टीम' के आरोप पर पठान का क्या जवाब है?
पठान ने 'बी-टीम' के आरोप को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि यह आरोप उनकी पार्टी को चुनावी मैदान से दूर नहीं रख सकता। उन्होंने कहा कि मुस्लिम राजनीतिक सशक्तीकरण और प्रतिनिधित्व की माँग ही विरोधियों को नागवार गुज़रती है।
खिलाफत हाउस विवाद क्या है?
मुंबई स्थित खिलाफत हाउस को लेकर स्थानीय समिति और वक्फ पक्ष के बीच संपत्ति अधिकार का विवाद है। समिति इसे ट्रस्ट की संपत्ति बताती है, जबकि वक्फ बोर्ड और AIMIM का दावा है कि यह वक्फ की ज़मीन है जो महाराष्ट्र गजट में दर्ज है।
किसान संकट पर AIMIM का क्या रुख है?
AIMIM प्रवक्ता वारिस पठान ने कहा कि सूखा-प्रभावित किसानों का कर्ज माफ किया जाना चाहिए और सरकार की प्राथमिकताएँ गलत हैं। उनका आरोप है कि सरकार के पास धन होते हुए भी वह किसानों की मदद की बजाय जनप्रतिनिधियों को खरीदने में उसका उपयोग कर रही है।
राष्ट्र प्रेस
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