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वारिस पठान का नितेश राणे पर पलटवार: 'सुर्खियों के लिए AIMIM को आतंकी संगठनों से जोड़ना गलत'

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वारिस पठान का नितेश राणे पर पलटवार: 'सुर्खियों के लिए AIMIM को आतंकी संगठनों से जोड़ना गलत'

सारांश

महाराष्ट्र मंत्री नितेश राणे ने AIMIM की तुलना आईएसआई और जैश-ए-मोहम्मद से की — पार्टी विधायक वारिस पठान ने इसे 'सुर्खियों की भूख' करार दिया। मामला अदालत में विचाराधीन है, फिर भी राजनीतिक बयानबाज़ी जारी है।

मुख्य बातें

महाराष्ट्र मंत्री नितेश राणे ने एआईएमआईएम की तुलना आईएसआई और जैश-ए-मोहम्मद से की।
वारिस पठान ने बयान को 'केवल सुर्खियाँ बटोरने की कोशिश' बताया और मुख्यमंत्री से मंत्री पर ध्यान देने की माँग की।
पठान ने कहा कि संबंधित मामले में चार्जशीट दाखिल हो चुकी है और मामला अदालत में विचाराधीन है।
असदुद्दीन ओवैसी के पाँच बार सांसद रहने का हवाला देकर पार्टी की लोकतांत्रिक साख का बचाव किया गया।
पठान ने न्यायपालिका पर भरोसा जताते हुए कहा कि अदालत का फैसला सभी को स्वीकार करना चाहिए।

एआईएमआईएम के राष्ट्रीय प्रवक्ता और विधायक वारिस पठान ने 9 जून 2026 को महाराष्ट्र सरकार के मंत्री नितेश राणे के उस बयान की कड़ी निंदा की, जिसमें उन्होंने एआईएमआईएम की तुलना आईएसआई और जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकी संगठनों से की थी। पठान ने कहा कि इस तरह के बयान केवल मीडिया में बने रहने की कोशिश हैं और मुख्यमंत्री को अपने मंत्री की इस प्रवृत्ति पर ध्यान देना चाहिए।

मुख्य विवाद

वारिस पठान ने स्पष्ट किया कि जिस मामले को लेकर यह विवाद खड़ा किया जा रहा है, उसमें चार्जशीट पहले ही दाखिल हो चुकी है और पूरा प्रकरण अदालत में विचाराधीन है। उनके अनुसार, किसी भी राजनेता को न्यायपालिका से पहले किसी पार्टी या व्यक्ति को दोषी ठहराने का अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा, 'जब मामला अदालत में लंबित है, तब किसी पार्टी को आतंकी संगठनों से जोड़ना पूरी तरह गलत है।'

राणे पर आरोप

पठान ने आरोप लगाया कि नितेश राणे लगातार एआईएमआईएम और उसके नेताओं पर निराधार आरोप लगाते रहते हैं, जबकि कानूनी प्रक्रिया अभी जारी है। उन्होंने कहा, 'कई बार उनकी बातें समझ से परे होती हैं।' पठान के अनुसार, यह रणनीति केवल मीडिया की सुर्खियाँ बटोरने के लिए अपनाई जाती है।

AIMIM की लोकतांत्रिक साख

एआईएमआईएम के प्रवक्ता ने पार्टी का बचाव करते हुए कहा कि वे पूरे भारत में लोकतांत्रिक तरीके से चुनाव लड़ते हैं। उन्होंने बताया कि पार्टी अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी पाँच बार सांसद रह चुके हैं। इसके अलावा पार्टी के कई विधायक, पार्षद और जनप्रतिनिधि देश के विभिन्न हिस्सों में जनसेवा कर रहे हैं। पठान ने कहा कि एआईएमआईएम दलितों, वंचितों, गरीबों और समाज के कमजोर वर्गों की आवाज़ उठाने का काम करती है।

न्यायपालिका पर भरोसा

पठान ने अंत में कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है और अदालत जो भी निर्णय सुनाएगी, उसे सभी पक्षों को स्वीकार करना चाहिए। यह बयान ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ गठबंधन और विपक्षी दलों के बीच राजनीतिक तनाव बढ़ता दिख रहा है। गौरतलब है कि न्यायालय में विचाराधीन मामलों पर राजनीतिक टिप्पणी की परंपरा पर पहले भी सवाल उठते रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

तब ऐसे बयान न केवल न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करने का जोखिम उठाते हैं, बल्कि राजनीतिक ध्रुवीकरण को भी हवा देते हैं। वारिस पठान की प्रतिक्रिया रक्षात्मक ज़रूर है, लेकिन उनका न्यायपालिका पर भरोसे का आह्वान उस बहस को सही दिशा में ले जाता है जो मीडिया में नहीं, अदालत में होनी चाहिए।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नितेश राणे ने AIMIM के बारे में क्या बयान दिया था?
महाराष्ट्र सरकार के मंत्री नितेश राणे ने एआईएमआईएम की तुलना आईएसआई और जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकी संगठनों से की थी। यह बयान राजनीतिक विवाद का कारण बना।
वारिस पठान ने राणे के बयान पर क्या कहा?
वारिस पठान ने कहा कि राणे केवल मीडिया सुर्खियाँ बटोरने के लिए ऐसे बयान देते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जब मामला अदालत में विचाराधीन है, तब किसी पार्टी को आतंकी संगठनों से जोड़ना पूरी तरह गलत है।
इस मामले में अदालत की स्थिति क्या है?
वारिस पठान के अनुसार संबंधित मामले में चार्जशीट पहले ही दाखिल हो चुकी है और पूरा मामला न्यायालय में विचाराधीन है। उन्होंने कहा कि किसी राजनेता को अदालत से पहले फैसला सुनाने का अधिकार नहीं है।
AIMIM को किस आधार पर लोकतांत्रिक पार्टी बताया गया?
वारिस पठान ने कहा कि एआईएमआईएम पूरे भारत में लोकतांत्रिक तरीके से चुनाव लड़ती है। पार्टी अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी पाँच बार सांसद रह चुके हैं और पार्टी के कई विधायक व पार्षद देशभर में जनसेवा कर रहे हैं।
क्या मुख्यमंत्री से कोई माँग की गई?
हाँ, वारिस पठान ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री से अपील की कि वे मंत्री नितेश राणे की इस प्रवृत्ति पर ध्यान दें। उन्होंने इसे राजनीतिक जिम्मेदारी का विषय बताया।
राष्ट्र प्रेस
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