वारिस पठान का नितेश राणे पर पलटवार: 'सुर्खियों के लिए AIMIM को आतंकी संगठनों से जोड़ना गलत'
सारांश
मुख्य बातें
एआईएमआईएम के राष्ट्रीय प्रवक्ता और विधायक वारिस पठान ने 9 जून 2026 को महाराष्ट्र सरकार के मंत्री नितेश राणे के उस बयान की कड़ी निंदा की, जिसमें उन्होंने एआईएमआईएम की तुलना आईएसआई और जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकी संगठनों से की थी। पठान ने कहा कि इस तरह के बयान केवल मीडिया में बने रहने की कोशिश हैं और मुख्यमंत्री को अपने मंत्री की इस प्रवृत्ति पर ध्यान देना चाहिए।
मुख्य विवाद
वारिस पठान ने स्पष्ट किया कि जिस मामले को लेकर यह विवाद खड़ा किया जा रहा है, उसमें चार्जशीट पहले ही दाखिल हो चुकी है और पूरा प्रकरण अदालत में विचाराधीन है। उनके अनुसार, किसी भी राजनेता को न्यायपालिका से पहले किसी पार्टी या व्यक्ति को दोषी ठहराने का अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा, 'जब मामला अदालत में लंबित है, तब किसी पार्टी को आतंकी संगठनों से जोड़ना पूरी तरह गलत है।'
राणे पर आरोप
पठान ने आरोप लगाया कि नितेश राणे लगातार एआईएमआईएम और उसके नेताओं पर निराधार आरोप लगाते रहते हैं, जबकि कानूनी प्रक्रिया अभी जारी है। उन्होंने कहा, 'कई बार उनकी बातें समझ से परे होती हैं।' पठान के अनुसार, यह रणनीति केवल मीडिया की सुर्खियाँ बटोरने के लिए अपनाई जाती है।
AIMIM की लोकतांत्रिक साख
एआईएमआईएम के प्रवक्ता ने पार्टी का बचाव करते हुए कहा कि वे पूरे भारत में लोकतांत्रिक तरीके से चुनाव लड़ते हैं। उन्होंने बताया कि पार्टी अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी पाँच बार सांसद रह चुके हैं। इसके अलावा पार्टी के कई विधायक, पार्षद और जनप्रतिनिधि देश के विभिन्न हिस्सों में जनसेवा कर रहे हैं। पठान ने कहा कि एआईएमआईएम दलितों, वंचितों, गरीबों और समाज के कमजोर वर्गों की आवाज़ उठाने का काम करती है।
न्यायपालिका पर भरोसा
पठान ने अंत में कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है और अदालत जो भी निर्णय सुनाएगी, उसे सभी पक्षों को स्वीकार करना चाहिए। यह बयान ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ गठबंधन और विपक्षी दलों के बीच राजनीतिक तनाव बढ़ता दिख रहा है। गौरतलब है कि न्यायालय में विचाराधीन मामलों पर राजनीतिक टिप्पणी की परंपरा पर पहले भी सवाल उठते रहे हैं।