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अमरावती विवाद: अपराधी को सजा दो, मुस्लिम समाज को निशाना न बनाओ - वारिस पठान

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अमरावती विवाद: अपराधी को सजा दो, मुस्लिम समाज को निशाना न बनाओ - वारिस पठान

सारांश

अमरावती में युवतियों के साथ हुई घटना को लेकर वारिस पठान ने बयान दिया है कि आरोपी का एआईएमआईएम से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने पूरे मुस्लिम समुदाय को निशाना बनाने की आलोचना की है। आइए जानते हैं उन्होंने क्या कहा।

मुख्य बातें

अमरावती में महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार का मामला सामने आया है।
वारिस पठान ने आरोपी का एआईएमआईएम से संबंध न होने की पुष्टि की।
उन्होंने पूरे मुस्लिम समुदाय को निशाना बनाने की आलोचना की।
कानूनी प्रक्रिया पर विश्वास जताते हुए सजा की मांग की।
बेबुनियाद आरोपों के खिलाफ सख्त आवाज उठाई।

मुंबई, 15 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। अमरावती में युवतियों को प्रेमजाल में फंसाकर ब्लैकमेल करने वाले आरोपी के संदर्भ में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। वारिस पठान, जो कि पार्टी के नेता हैं, ने यह स्पष्ट किया है कि इस आरोपी का ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) से कोई संबंध नहीं है।

पठान ने राष्ट्र प्रेस से वार्ता करते हुए कहा कि उनके जिला स्तर के एक नेता ने हाल ही में सोशल मीडिया पर महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार और अनुचित तस्वीरें लेने के मामले में एक बयान जारी किया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि उस व्यक्ति का पार्टी से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि जो भी इस तरह का जघन्य अपराध करेगा, उसे कड़ी सजा मिलनी चाहिए।

पठान ने नवनीत राणा के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी, जिसमें राणा ने कहा था कि ऐसे लोगों को केवल हिंदू लड़कियों को निशाना बनाकर एनकाउंटर किया जाना चाहिए। वारिस पठान ने इसे संविधान के खिलाफ बताया। उनका कहना था कि ऐसे बयानों से न्याय नहीं मिलता।

उन्होंने कहा, "सरकार को उचित जांच करनी चाहिए। अपराधी को कानूनी प्रक्रिया के तहत सजा मिलनी चाहिए।" उन्होंने यह भी कहा कि बेबुनियाद आरोप लगाकर पूरे मुस्लिम समुदाय को निशाना बनाना गलत है।

कांग्रेस नेता यशोमती ठाकुर के बयान पर भी पठान ने टिप्पणी की और कहा कि यदि लड़कियों पर आरोप लगाया गया है कि उन्हें समझ नहीं आया, तो यह पीड़िताओं पर दोषारोपण है।

पठान ने नितेश राणे के बयान पर भी निशाना साधा, जिसमें उन्होंने कहा था कि केवल हिंदुओं को ही काम दिया जाना चाहिए। उन्होंने इसे सामाजिक बहिष्कार बताया और कहा कि कोई भी धर्म जबरदस्ती धर्म परिवर्तन नहीं सिखाता।

वारिस पठान ने ‘कॉर्पोरेट जिहाद’, ‘लव जिहाद’, ‘थूक जिहाद’ जैसे शब्दों की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि इन शब्दों का इस्तेमाल करके नफरत फैलाने की कोशिश की जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह सामाजिक संतुलन और न्याय के मुद्दों को भी उजागर करता है। एक जिम्मेदार नेता के रूप में वारिस पठान का यह कहना महत्वपूर्ण है कि हमें केवल एक व्यक्ति के अपराध के लिए पूरे समुदाय को नहीं दंडित करना चाहिए।
RashtraPress
19 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या वारिस पठान ने आरोपी का संबंध एआईएमआईएम से बताया?
नहीं, वारिस पठान ने स्पष्ट किया कि आरोपी का एआईएमआईएम से कोई संबंध नहीं है।
क्या वारिस पठान ने पूरे मुस्लिम समुदाय को निशाना बनाने की बात की?
जी हां, उन्होंने कहा कि बेबुनियाद आरोप लगाकर पूरे मुस्लिम समुदाय को निशाना बनाना गलत है।
नवनीत राणा के बयान पर वारिस पठान की क्या प्रतिक्रिया थी?
पठान ने इसे संविधान के खिलाफ बताया और कहा कि ऐसे बयानों से न्याय नहीं मिलता।
क्या वारिस पठान ने किसी विशेष नीति की आलोचना की?
उन्होंने 'कॉर्पोरेट जिहाद', 'लव जिहाद' जैसे शब्दों की आलोचना की।
क्या वारिस पठान ने सजा का समर्थन किया?
जी हां, उन्होंने कहा कि अपराधी को कानूनी प्रक्रिया के तहत सजा मिलनी चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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