आत्मनिर्भर भारत ही विकसित भारत का महामार्ग: PM मोदी का 80वें स्वतंत्रता दिवस पर लालकिले से संदेश
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त 2026 को 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लालकिले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया कि 'आत्मनिर्भर भारत' ही 'विकसित भारत' तक पहुँचने का सबसे सशक्त महामार्ग है। उन्होंने कहा कि 'मेक इन इंडिया', स्वदेशी और 'वोकल फॉर लोकल' जैसी पहलों से हर भारतीय का मन जुड़ता जा रहा है।
सेमीकंडक्टर: आत्मनिर्भरता की नई इबारत
मोदी ने सेमीकंडक्टर को आत्मनिर्भरता की प्रतीक उपलब्धि के रूप में रेखांकित किया। उन्होंने कहा, "देश आजाद होने के बाद विश्व में सेमीकंडक्टर की चर्चा हो चुकी थी। हमारे यहां भी बातें होती थीं, लेकिन सेमीकंडक्टर का कोई बड़ा प्लांट हम आगे नहीं बढ़ा पाए। आज की डिजिटल दुनिया और टेक्नोलॉजी में चिप का महत्व हम समझते हैं। कोई भी इलेक्ट्रॉनिक बूथ और मेडिकल इक्विपमेंट, ट्रांसपोर्ट के रास्ते होंगे, हर किसी में चिप अनिवार्य है। इस चिप के बिना दुनिया थम जाए, ऐसी स्थिति पैदा हो चुकी है। इसलिए भारत ने 'आत्मनिर्भर' होने की दिशा में अपने तीन सेमीकंडक्टर प्लांट शुरू कर लिए हैं।"
उन्होंने यह भी बताया कि इन प्लांट से उत्पादन का निर्यात शुरू हो चुका है और आने वाले 7-8 वर्षों में 5 से 8 और सेमीकंडक्टर प्लांट स्थापित किए जाएंगे। गौरतलब है कि चिप की वैश्विक आपूर्ति शृंखला में भारत की अब तक न्यूनतम भूमिका रही है — यह घोषणा उस रिक्तता को भरने की दिशा में एक ठोस कदम मानी जा रही है।
महत्वपूर्ण खनिज मिशन: भविष्य की तकनीक की नींव
प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय महत्वपूर्ण खनिज मिशन और महत्वपूर्ण खनिज कॉरिडोर की घोषणा का उल्लेख करते हुए कहा कि पूरी आधुनिक तकनीक इन्हीं खनिजों पर टिकी है। उन्होंने बताया कि कई देशों के साथ इस दिशा में समझौते हो रहे हैं और विश्व के अनेक देश अब भारत को महत्वपूर्ण खनिजों के विश्वसनीय साझेदार के रूप में देखने लगे हैं। यह ऐसे समय में आया है जब चीन की खनिज आपूर्ति पर पश्चिमी देशों की निर्भरता को लेकर वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ रही है।
ऊर्जा सुरक्षा: परमाणु शक्ति पर बड़ा दांव
मोदी ने ऊर्जा सुरक्षा को इस नई तकनीकी दुनिया की अनिवार्यता बताया। उन्होंने कहा कि चिप, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डाटा सेंटर के लिए भारी मात्रा में बिजली की ज़रूरत होगी। इसी संदर्भ में उन्होंने परमाणु ऊर्जा को ऊर्जा सुरक्षा का सबसे बड़ा माध्यम बताया।
उन्होंने घोषणा की कि संसद में 'शांति एक्ट' पास कर 2047 तक 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा का लक्ष्य तय किया गया है। साथ ही, इसी दशक में 5 नए परमाणु रिएक्टर शुरू करने का संकल्प भी व्यक्त किया। यह भारत के ऊर्जा मिश्रण में परमाणु की हिस्सेदारी को मौजूदा स्तर से कई गुना बढ़ाने की महत्वाकांक्षा को दर्शाता है।
आगे की राह
स्वतंत्रता दिवस के इस संबोधन में सेमीकंडक्टर, महत्वपूर्ण खनिज और परमाणु ऊर्जा — तीनों को एक साझा रणनीतिक दृष्टि से जोड़ा गया है। ये घोषणाएँ 2047 के 'विकसित भारत' के लक्ष्य की ओर तकनीकी और ऊर्जा संप्रभुता की दिशा में भारत की नीतिगत प्रतिबद्धता को रेखांकित करती हैं।