15 अगस्त 2026
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स्वतंत्रता दिवस पर एलजी तरणजीत सिंह संधू का आह्वान: 'विकसित दिल्ली' बने पूरे देश का रोल मॉडल

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स्वतंत्रता दिवस पर एलजी तरणजीत सिंह संधू का आह्वान: 'विकसित दिल्ली' बने पूरे देश का रोल मॉडल

सारांश

80वें स्वतंत्रता दिवस पर एलजी संधू का संदेश साफ था — 'विकसित दिल्ली' महज नारा नहीं, पूरे देश के लिए एक जीवंत मॉडल बने। यमुना, प्रदूषण, आवास और सुरक्षा जैसी पुरानी चुनौतियों के बीच उन्होंने समन्वय और नागरिक भागीदारी को असली हथियार बताया।

मुख्य बातें

एलजी तरणजीत सिंह संधू ने 15 अगस्त 2026 को लोक निवास में देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया।
उन्होंने 'विकसित दिल्ली' को पूरे देश के लिए आदर्श मॉडल बनाने का आह्वान किया।
प्रमुख प्राथमिकताओं में यमुना सफाई , वायु प्रदूषण , आवास , स्वास्थ्य सेवाएँ और नागरिक सुरक्षा शामिल हैं।
एलजी ने प्रधानमंत्री मोदी के 'शक्ति की सप्तधारा' विजन और 'सबका साथ, सबका विकास' के संकल्प का उल्लेख किया।
एक्स पर संदेश में उन्होंने विकसित भारत 2047 की यात्रा में दिल्ली को नेतृत्वकर्ता बताया।

दिल्ली के उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू ने 15 अगस्त 2026 को देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लोक निवास में राष्ट्रीय ध्वज फहराया और नागरिकों से एक सुरक्षित, स्वच्छ और गौरवपूर्ण 'विकसित दिल्ली' के निर्माण में सहभागी बनने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि दिल्ली को पूरे देश के लिए एक प्रेरणादायक आदर्श मॉडल के रूप में स्थापित किया जाना चाहिए।

समारोह का मुख्य घटनाक्रम

ध्वजारोहण के बाद पुलिस दल ने राष्ट्रीय सलामी दी। इसके उपरांत एलजी संधू ने स्वतंत्रता सेनानियों, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) के प्रतिनिधियों, युवा प्रेरणास्रोतों और छात्रों को संबोधित किया। यह समारोह ऐसे समय में आयोजित हुआ जब दिल्ली में शासन और नागरिक सेवाओं को लेकर केंद्र-राज्य समन्वय की बहस एक बार फिर चर्चा में है।

दिल्ली की प्रमुख चुनौतियाँ

एलजी ने अपने संबोधन में दिल्ली के सामने मौजूद पाँच बड़ी चुनौतियों को रेखांकित किया — यमुना की सफाई, वायु प्रदूषण पर नियंत्रण, सभी के लिए आवास, सस्ती स्वास्थ्य सेवाएँ और नागरिकों की सुरक्षा व संरक्षा। उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा, ट्रैफिक प्रबंधन और दिल्ली की ऐतिहासिक विरासत के संरक्षण पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता जताई।

संधू ने कहा कि इन जटिल चुनौतियों को अवसरों में बदलने के लिए केंद्र सरकार, दिल्ली सरकार, नगर निकायों, पड़ोसी राज्यों और नागरिकों के बीच प्रभावी समन्वय अनिवार्य है।

सुशासन का आधार और 'सप्तधारा' विजन

एलजी ने कहा कि दिल्ली में सुशासन की नींव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास' के संकल्प पर आधारित होनी चाहिए। उन्होंने उसी सुबह लाल किले से प्रधानमंत्री द्वारा प्रस्तुत 'शक्ति की सप्तधारा' के विजन का भी उल्लेख किया।

इस विजन के अंतर्गत सात प्रमुख क्षेत्र हैं — विनिर्माण, कृषि और खाद्य प्रसंस्करण, प्रौद्योगिकी और नवाचार, गति शक्ति, रक्षा शक्ति, हरित व नीली अर्थव्यवस्था, और भारत की सॉफ्ट पावर। संधू ने कहा कि ये सातों धाराएँ आने वाले वर्षों में देश की विकास यात्रा को नई गति देंगी।

एक्स पर साझा किए संदेश

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने संदेश में एलजी संधू ने लिखा, 'मैंने हमारे स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि दी और उनके सर्वोच्च बलिदान को याद किया, जो आज भी पीढ़ियों को प्रेरित करता है। उनकी विरासत का सम्मान करते हुए हमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'सप्तधारा' और 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास' के विजन के साथ अपने संकल्प को और मजबूत करना चाहिए।'

उन्होंने युवाओं को संदेश देते हुए लिखा, 'दिल्ली को आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत 2047 की यात्रा में देश का नेतृत्व करना होगा। युवाओं से मैं कहना चाहता हूँ कि हम ऐसी दिल्ली बनाएँ, जहाँ हर नागरिक खुद को सुरक्षित, सम्मानित और सशक्त महसूस करे।'

आगे की राह

गौरतलब है कि यह पहला स्वतंत्रता दिवस है जब संधू ने एलजी के रूप में दिल्ली में ध्वजारोहण किया। उनके संबोधन में प्रशासनिक समन्वय और नागरिक भागीदारी पर दिया गया जोर, आने वाले महीनों में दिल्ली की शासन-नीति की दिशा का संकेत देता है। यमुना सफाई और वायु प्रदूषण जैसे दीर्घकालिक मुद्दों पर ठोस कार्रवाई ही 'विकसित दिल्ली' के विजन को वास्तविकता में बदल सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यमुना सफाई और वायु प्रदूषण जैसी चुनौतियाँ दशकों पुरानी हैं और कई सरकारों के वादों के बावजूद जस की तस हैं। एलजी का समन्वय पर जोर सही दिशा में है, पर असली सवाल यह है कि केंद्र, राज्य और नगर निकायों के बीच जिम्मेदारी का बँटवारा किस तरह होगा। 'विकसित दिल्ली' तब तक एक आदर्श मॉडल नहीं बन सकती जब तक मापने योग्य लक्ष्य और जवाबदेही तंत्र सार्वजनिक न हों।
RashtraPress
15 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एलजी तरणजीत सिंह संधू ने स्वतंत्रता दिवस पर कहाँ ध्वजारोहण किया?
एलजी तरणजीत सिंह संधू ने 15 अगस्त 2026 को लोक निवास में राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इस अवसर पर पुलिस दल ने राष्ट्रीय सलामी दी और स्वतंत्रता सेनानियों, RWA प्रतिनिधियों व छात्रों को संबोधित किया गया।
'विकसित दिल्ली' का विजन क्या है?
'विकसित दिल्ली' एलजी संधू का वह लक्ष्य है जिसमें दिल्ली को सुरक्षित, स्वच्छ और गौरवपूर्ण शहर के रूप में विकसित कर पूरे देश के लिए आदर्श मॉडल बनाया जाए। इसमें यमुना सफाई, वायु प्रदूषण नियंत्रण, आवास, स्वास्थ्य सेवाएँ और नागरिक सुरक्षा प्रमुख प्राथमिकताएँ हैं।
एलजी ने 'शक्ति की सप्तधारा' का उल्लेख क्यों किया?
एलजी संधू ने प्रधानमंत्री मोदी द्वारा लाल किले से प्रस्तुत 'शक्ति की सप्तधारा' विजन का उल्लेख यह बताने के लिए किया कि दिल्ली का विकास राष्ट्रीय प्राथमिकताओं — विनिर्माण, प्रौद्योगिकी, रक्षा, हरित अर्थव्यवस्था आदि — से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि ये सातों धाराएँ देश की विकास यात्रा को गति देंगी।
दिल्ली में सुशासन के लिए एलजी ने किन बातों पर जोर दिया?
एलजी ने केंद्र सरकार, दिल्ली सरकार, नगर निकायों, पड़ोसी राज्यों और नागरिकों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया। उन्होंने महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा, ट्रैफिक प्रबंधन और दिल्ली की विरासत के संरक्षण को विशेष प्राथमिकता बताया।
एलजी संधू ने एक्स पर युवाओं को क्या संदेश दिया?
एलजी ने एक्स पर लिखा कि दिल्ली को आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत 2047 की यात्रा में देश का नेतृत्व करना होगा। उन्होंने युवाओं से ऐसी दिल्ली बनाने का आग्रह किया जहाँ हर नागरिक सुरक्षित, सम्मानित और सशक्त महसूस करे।
राष्ट्र प्रेस
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