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फ्रांस बनाम मोरक्को क्वार्टर-फाइनल 2026: अबौखलाल बोले, 'सिर्फ डिफेंस से काम नहीं चलेगा'

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फ्रांस बनाम मोरक्को क्वार्टर-फाइनल 2026: अबौखलाल बोले, 'सिर्फ डिफेंस से काम नहीं चलेगा'

सारांश

2022 की 2-0 की हार का बदला लेने का मौका है मोरक्को के पास — लेकिन पूर्व विंगर अबौखलाल की चेतावनी साफ है: फ्रांस के खिलाफ सिर्फ डिफेंस की दीवार खड़ी करना काफी नहीं होगा। 10 जुलाई का क्वार्टर-फाइनल तय करेगा कि 'एटलस लायंस' की परिपक्वता असली है या नहीं।

मुख्य बातें

फीफा विश्व कप 2026 में मोरक्को और फ्रांस के बीच क्वार्टर-फाइनल 10 जुलाई को खेला जाएगा।
मोरक्को के पूर्व विंगर जकारिया अबौखलाल ने कहा कि टीम को केवल डिफेंस पर नहीं, बॉल के साथ साहस पर भी ध्यान देना होगा।
कतर 2022 के सेमीफाइनल में फ्रांस ने मोरक्को को 2-0 से हराया था — यह उसी प्रतिद्वंद्विता की पुनरावृत्ति है।
अबौखलाल ने चेताया कि खतरा सिर्फ किलियन एम्बाप्पे से नहीं, फ्रांस की पूरी टीम से है।
अबौखलाल 2026 विश्व कप दल में नहीं हैं, लेकिन मौजूदा टीम को परिपक्व और आत्मविश्वासी बताया।

फीफा विश्व कप 2026 के क्वार्टर-फाइनल में 10 जुलाई को फ्रांस से भिड़ने से पहले मोरक्को के पूर्व विंगर जकारिया अबौखलाल ने 'एटलस लायंस' को स्पष्ट संदेश दिया है — केवल रक्षात्मक खेल से यह मुकाबला नहीं जीता जा सकता। रबात से मिली जानकारी के अनुसार, अबौखलाल का मानना है कि मोरक्को को गेंद पर नियंत्रण रखते हुए आक्रामक साहस भी दिखाना होगा।

2022 की हार की यादें और सबक

कतर 2022 के सेमीफाइनल में फ्रांस ने मोरक्को को 2-0 से हराया था। अबौखलाल उस मैच में दूसरे हाफ में बतौर सब्स्टीट्यूट उतरे थे। उन्होंने उस मुकाबले को याद करते हुए कहा, "मुझे वह तीव्रता और यह एहसास याद है कि हम गेम में बने हुए थे। भले ही हम पीछे थे, लेकिन विश्वास बनाए रखे हुए थे और कोशिश करते रहे।"

उन्होंने जोड़ा, "फ्रांस का सामना करना मुश्किल था क्योंकि वे हर छोटी गलती की सजा देते थे। उनके पास रफ्तार, अनुभव और ऐसे खिलाड़ी हैं जो एक पल में मैच का नतीजा बदल सकते हैं। कभी-कभी आपको लगता है कि आप कंट्रोल में हैं, लेकिन एक ट्रांजिशन सब कुछ बदल सकता है।"

एम्बाप्पे से परे है फ्रांस का खतरा

तोरिनो के विंगर अबौखलाल ने साफ किया कि मोरक्को की चुनौती केवल स्टार फॉरवर्ड किलियन एम्बाप्पे को रोकने तक सीमित नहीं है। 'लेस ब्लूज' के पास पूरे मैदान पर मैच पलटने की क्षमता रखने वाले खिलाड़ी मौजूद हैं।

उन्होंने कहा, "बेशक, एम्बाप्पे दुनिया के बेहतरीन खिलाड़ियों में से एक हैं, इसलिए आपको उनसे सावधान रहना होगा, लेकिन फ्रांस का मतलब सिर्फ एम्बाप्पे नहीं है। उनके पास हर जगह बेहतरीन खिलाड़ी हैं।"

मोरक्को की रणनीति: एकजुट डिफेंस और आक्रामक साहस

अबौखलाल ने 'एटलस लायंस' के लिए दोहरी रणनीति की वकालत की। उनके अनुसार, "मोरक्को को मिलकर डिफेंस करना होगा, एकजुट रहना होगा और ट्रांजिशन के दौरान फ्रांस को ज्यादा जगह नहीं देनी होगी, लेकिन उन्हें बॉल के साथ हिम्मत भी दिखानी होगी। फ्रांस के खिलाफ आप सिर्फ डिफेंस करके नहीं टिक सकते। आपको ऐसे पलों की जरूरत होती है जब आप उन्हें भी डिफेंस करने पर मजबूर करें।"

मौजूदा टीम की परिपक्वता पर भरोसा

हालांकि अबौखलाल को 2026 विश्व कप दल में जगह नहीं मिली, वे टीम की प्रगति पर बारीकी से नजर रखे हुए हैं। उनका मानना है कि कतर के शानदार सफर के बाद से मोरक्को की टीम काफी परिपक्व हो चुकी है।

उन्होंने कहा, "परिपक्वता। वे शांत, आत्मविश्वासी और एकजुट दिखते हैं। उन्हें इस स्टेज पर पहुंचकर कोई हैरानी नहीं होती। वे अपनी ताकत के हिसाब से खेलना चाहते हैं, चाहे सामने कोई भी टीम हो।"

जीत का मतलब — इतिहास से आगे एक कदम

अबौखलाल ने कहा कि फ्रांस पर संभावित जीत केवल एक मैच की उपलब्धि नहीं होगी, बल्कि यह साबित करेगी कि मोरक्को शीर्ष स्तर पर निरंतर प्रदर्शन करने में सक्षम है। उनके शब्दों में, "यह बहुत बड़ी बात होगी, लेकिन इससे भी ज्यादा, यह दिखाएगा कि मोरक्को ने 2022 में शुरू किए गए रास्ते पर चलना जारी रखा है। इससे यह साबित हो जाएगा कि मोरक्को न सिर्फ एक शानदार टूर्नामेंट खेलने में सक्षम है, बल्कि वे बार-बार बेहतरीन टीमों का मुकाबला भी कर सकते हैं।"

गौरतलब है कि 10 जुलाई का यह क्वार्टर-फाइनल दोनों देशों के बीच विश्व कप में दूसरी बड़ी भिड़ंत होगी — और मोरक्को के पास इतिहास पलटने का मौका है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन फ्रांस के सामने वही ढाँचा ध्वस्त हो गया। यह ऐसे समय में आया है जब मोरक्को की टीम को परिपक्व माना जा रहा है, फिर भी असली परीक्षा यह है कि क्या वे गेंद पर नियंत्रण रखते हुए फ्रांस की काउंटर-अटैक मशीनरी को चुनौती दे सकते हैं। आलोचकों का कहना है कि अफ्रीकी टीमें बड़े मंच पर रक्षात्मकता में ही सिमट जाती हैं — मोरक्को के पास इस धारणा को तोड़ने का अवसर है।
RashtraPress
9 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मोरक्को और फ्रांस का विश्व कप 2026 क्वार्टर-फाइनल कब है?
यह क्वार्टर-फाइनल मुकाबला 10 जुलाई 2026 को खेला जाएगा। यह फीफा विश्व कप 2026 में दोनों देशों की पहली भिड़ंत होगी।
जकारिया अबौखलाल ने मोरक्को को क्या सलाह दी?
अबौखलाल ने कहा कि मोरक्को को मिलकर डिफेंस करना होगा, लेकिन साथ ही बॉल के साथ साहस भी दिखाना होगा। उनके अनुसार फ्रांस के खिलाफ केवल रक्षात्मक रणनीति पर्याप्त नहीं है।
2022 विश्व कप में फ्रांस और मोरक्को के बीच क्या हुआ था?
कतर 2022 के सेमीफाइनल में फ्रांस ने मोरक्को को 2-0 से हराया था। अबौखलाल उस मैच में दूसरे हाफ में सब्स्टीट्यूट के तौर पर उतरे थे।
क्या किलियन एम्बाप्पे मोरक्को के लिए सबसे बड़ा खतरा हैं?
अबौखलाल के अनुसार एम्बाप्पे निश्चित रूप से खतरनाक हैं, लेकिन फ्रांस का मतलब सिर्फ एम्बाप्पे नहीं है। 'लेस ब्लूज' के पास पूरे मैदान पर मैच जिताने वाले खिलाड़ी मौजूद हैं।
अबौखलाल मोरक्को की मौजूदा टीम को कैसे देखते हैं?
अबौखलाल का मानना है कि 2022 के बाद से मोरक्को की टीम काफी परिपक्व हो गई है। उन्होंने टीम को शांत, आत्मविश्वासी और एकजुट बताया, जो अपनी ताकत के हिसाब से खेलना जानती है।
राष्ट्र प्रेस
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