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गुजरात मानसून 2025: भारी बारिश की चेतावनी के बीच SEOC में उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक, 'जीरो कैजुअल्टी' का संकल्प

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गुजरात मानसून 2025: भारी बारिश की चेतावनी के बीच SEOC में उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक, 'जीरो कैजुअल्टी' का संकल्प

सारांश

गुजरात में भारी बारिश की आशंका के बीच राज्य सरकार ने SEOC में उच्च स्तरीय मानसून समीक्षा बैठक बुलाई। राहत आयुक्त सुभाष सावलिया की अध्यक्षता में NDRF, SDRF और मौसम विभाग ने मिलकर तैयारियों का जायजा लिया और 'जीरो कैजुअल्टी' के संकल्प को दोहराया।

मुख्य बातें

7 जुलाई को गांधीनगर स्थित SEOC में मानसून आपात तैयारियों की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक हुई।
बैठक की अध्यक्षता राहत आयुक्त सुभाष सावलिया ने की; सभी विभागों को समन्वय बनाए रखने का निर्देश दिया।
IMD ने उपग्रह चित्रों के आधार पर भारी से अत्यधिक भारी वर्षा वाले संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान की।
NDRF और SDRF की टीमें बाढ़ और मानसून आपात स्थितियों के लिए तैनात की गई हैं।
राज्य प्रशासन ने बरसात के मौसम में 'जीरो कैजुअल्टी' के लक्ष्य को दोहराया।

गुजरात में आने वाले दिनों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना को देखते हुए राज्य सरकार ने मंगलवार, 7 जुलाई को गांधीनगर स्थित राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (SEOC) में मौसम निगरानी समूह की उच्च स्तरीय बैठक बुलाई। इस बैठक में मानसून आपात स्थितियों से निपटने की तैयारियों की व्यापक समीक्षा की गई और प्रशासन ने बरसात के मौसम में 'जीरो कैजुअल्टी' के लक्ष्य को दोहराया।

बैठक का नेतृत्व और एजेंडा

बैठक की अध्यक्षता राहत आयुक्त सुभाष सावलिया ने की। उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिया कि वे आपसी समन्वय बनाए रखें और किसी भी आपात स्थिति की सूचना तत्काल SEOC नियंत्रण कक्ष को दें। सावलिया ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार मौसम की बदलती परिस्थितियों पर निरंतर नज़र रख रही है और भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के पूर्वानुमानों के अनुसार आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

मौसम पूर्वानुमान और संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान

बैठक में IMD के अधिकारियों ने उपग्रह चित्र और मौसम पूर्वानुमान प्रस्तुत किए, जिनमें उन क्षेत्रों को चिह्नित किया गया जहाँ आने वाले दिनों में भारी से अत्यधिक भारी वर्षा की आशंका है। यह जानकारी बचाव दलों की पूर्व-तैनाती के लिए महत्वपूर्ण आधार बनी।

जलाशयों और बाँधों की स्थिति

जल संसाधन एवं सिंचाई विभाग ने राज्य भर के जलाशयों और बाँधों में वर्तमान जलस्तर की जानकारी साझा की। विभाग ने नियमित जल निकासी की अग्रिम योजना और जलाशयों के अतिप्रवाह स्तर तक पहुँचने पर सक्रिय होने वाले अलर्ट तंत्रों का ब्यौरा भी प्रस्तुत किया। गौरतलब है कि गुजरात में पिछले कई वर्षों में मानसून के दौरान बाँध-प्रबंधन एक संवेदनशील विषय रहा है।

NDRF और SDRF की तैनाती

राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) के अधिकारियों ने बाढ़ एवं मानसून-संबंधी अन्य आपात स्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के लिए अपनी टीमों की तैनाती और बचाव उपकरणों की तैयारी का विवरण साझा किया। अंतर-विभागीय समन्वय को इस वर्ष की प्राथमिकता बताया गया।

आगे की राह

राज्य प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मौसम की स्थिति के अनुसार आवश्यकता पड़ने पर आगे की समीक्षा बैठकें भी बुलाई जाएंगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की पूर्व-तैयारी और समन्वित दृष्टिकोण मानसून से होने वाले नुकसान को उल्लेखनीय रूप से कम कर सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा तब होगी जब बारिश ज़मीन पर आएगी। 'जीरो कैजुअल्टी' का लक्ष्य हर वर्ष दोहराया जाता है, फिर भी मानसून में जनहानि की घटनाएँ सामने आती हैं। बाँध-प्रबंधन और जल निकासी की अग्रिम योजना तभी कारगर होगी जब ज़िला स्तर पर समन्वय उतना ही मज़बूत हो जितना राज्य स्तर पर दिखता है। NDRF-SDRF की तैनाती की घोषणा पर्याप्त नहीं — पारदर्शी रिपोर्टिंग और वास्तविक समय की सार्वजनिक सूचना प्रणाली इस तैयारी को विश्वसनीय बनाएगी।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गुजरात में मानसून आपात बैठक क्यों बुलाई गई?
आने वाले दिनों में गुजरात के कई हिस्सों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की IMD चेतावनी को देखते हुए राज्य सरकार ने 7 जुलाई को SEOC में यह उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक बुलाई। इसका उद्देश्य आपातकालीन प्रतिक्रिया योजनाओं और अंतर-विभागीय समन्वय को परखना था।
बैठक की अध्यक्षता किसने की और क्या निर्देश दिए गए?
बैठक की अध्यक्षता राहत आयुक्त सुभाष सावलिया ने की। उन्होंने सभी विभागों को घनिष्ठ समन्वय बनाए रखने और किसी भी आपात स्थिति की सूचना तुरंत SEOC नियंत्रण कक्ष को देने का निर्देश दिया।
गुजरात में NDRF और SDRF की क्या भूमिका है?
NDRF और SDRF की टीमें बाढ़ तथा मानसून-संबंधी आपात स्थितियों में त्वरित बचाव कार्य के लिए तैनात की गई हैं। बैठक में इन दलों की तैनाती और बचाव उपकरणों की तैयारी का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया गया।
गुजरात सरकार का 'जीरो कैजुअल्टी' लक्ष्य क्या है?
राज्य प्रशासन ने बरसात के मौसम में किसी भी मानसून-संबंधी घटना में जनहानि शून्य रखने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके लिए पूर्व-तैयारी, त्वरित प्रतिक्रिया और अंतर-विभागीय समन्वय पर विशेष ज़ोर दिया जा रहा है।
जलाशयों और बाँधों की स्थिति को लेकर क्या जानकारी दी गई?
जल संसाधन एवं सिंचाई विभाग ने राज्य के जलाशयों और बाँधों के वर्तमान जलस्तर की जानकारी साझा की। विभाग ने नियमित जल निकासी की अग्रिम योजना और अतिप्रवाह की स्थिति में सक्रिय होने वाले अलर्ट तंत्रों का भी ब्यौरा दिया।
राष्ट्र प्रेस
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