रुद्रप्रयाग में 5 स्थानों पर आपदा मॉक ड्रिल सफल, केदारनाथ यात्रा में घोड़े-खच्चर हैंडलरों का पंजीकरण अनिवार्य
सारांश
मुख्य बातें
उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में 2 जुलाई को राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के निर्देशन में पाँच चिन्हित स्थानों पर व्यापक आपदा मॉक ड्रिल सफलतापूर्वक संपन्न हुई। इस अभ्यास का उद्देश्य आपदा की स्थिति में विभिन्न विभागों के बीच समन्वय, त्वरित प्रतिक्रिया और रेस्क्यू ऑपरेशन की प्रभावशीलता को परखना था। जिला मजिस्ट्रेट विशाल मिश्रा ने बताया कि पूरी प्रक्रिया की निगरानी मुख्यमंत्री स्तर पर की गई।
मॉक ड्रिल का संचालन और परिणाम
जिला मजिस्ट्रेट विशाल मिश्रा के अनुसार, सभी पाँच चिन्हित स्थानों पर राहत एवं बचाव दल निर्धारित समय पर पहुँचे और अभ्यास की आवश्यकताओं के अनुरूप अभियान सफलतापूर्वक संचालित किया गया। अभ्यास के दौरान काल्पनिक रूप से फंसे लोगों का सुरक्षित रेस्क्यू किया गया। उन्होंने यह भी बताया कि मॉक ड्रिल समाप्त होने के बाद भी टीमें क्षेत्र में आवश्यक कार्य पूरा करने के बाद ही वापस लौटीं।
तीर्थयात्रियों की सुरक्षा के लिए सख्त निर्देश
मॉक ड्रिल के साथ-साथ केदारनाथ यात्रा मार्ग पर तीर्थयात्रियों की सुरक्षा और सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। प्रशासन के संज्ञान में ऐसे मामले आए हैं जिनमें घोड़े और खच्चरों के हैंडलरों (हॉकरों) द्वारा श्रद्धालुओं के साथ उचित व्यवहार नहीं किया गया।
पंजीकरण और पुलिस सत्यापन अनिवार्य
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि घोड़े और खच्चरों के सभी मालिकों तथा हैंडलरों के लिए जिला पंचायत में पंजीकरण कराना और पुलिस सत्यापन कराना अनिवार्य होगा। जिला मजिस्ट्रेट मिश्रा ने चेतावनी दी कि बिना पंजीकरण के घोड़े या खच्चरों का संचालन करने वाले मालिक या हैंडलर पर जुर्माना लगाने के साथ-साथ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
प्रशासन की प्राथमिकता
मिश्रा ने कहा कि श्री केदारनाथ धाम में देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुँचते हैं, इसलिए उनके साथ सम्मानजनक और गरिमापूर्ण व्यवहार सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि तीर्थयात्रियों के साथ किसी भी प्रकार की अभद्रता या नियमों के उल्लंघन को जिला प्रशासन और पुलिस किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं करेंगे। यह कदम चारधाम यात्रा सीजन के दौरान श्रद्धालुओं की बढ़ती आवाजाही को देखते हुए और भी महत्वपूर्ण हो जाता है।