28 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

मऊ में बाढ़ मॉक ड्रिल: घोसी-मधुबन में SDRF संग ग्रामीणों को दी रेस्क्यू की ट्रेनिंग

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
मऊ में बाढ़ मॉक ड्रिल: घोसी-मधुबन में SDRF संग ग्रामीणों को दी रेस्क्यू की ट्रेनिंग

सारांश

मऊ में बाढ़ से पहले ही प्रशासन मैदान में उतर आया है। घोसी और मधुबन में SDRF, PAC और ग्रामीणों के साथ मॉक ड्रिल कर रेस्क्यू व फर्स्ट एड का अभ्यास किया गया। डीएम आनंद वर्धन ने 15 जून तक सुरक्षा कार्य पूरे करने का लक्ष्य रखा है।

मुख्य बातें

जिलाधिकारी आनंद वर्धन के निर्देशन में 12 जून 2026 को तहसील घोसी और मधुबन में बाढ़ मॉक ड्रिल आयोजित की गई।
यह अभ्यास उत्तर प्रदेश के 118 जनपदों में एक साथ चलाए गए राज्यव्यापी अभियान का हिस्सा है।
SDRF, PAC , पुलिस बल, तहसील प्रशासन और स्थानीय ग्रामीणों ने मिलकर रेस्क्यू, फर्स्ट एड और निकासी का अभ्यास किया।
सिंचाई विभाग के HFL आकलन के अनुसार अधिकांश संवेदनशील क्षेत्र तटबंधों से सुरक्षित हैं; शेष के लिए प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा गया।
जनपद में दो प्रमुख सुरक्षा कार्य 15 जून 2026 तक पूरे करने का लक्ष्य निर्धारित।

उत्तर प्रदेश के जनपद मऊ में प्रशासन ने 12 जून 2026 को संभावित बाढ़ से निपटने की तैयारी के तहत तहसील घोसी और मधुबन में बाढ़ आपदा प्रबंधन मॉक ड्रिल का आयोजन किया। जिलाधिकारी आनंद वर्धन ने बताया कि यह अभ्यास राज्य के 118 जनपदों में एक साथ आयोजित किए गए व्यापक तैयारी अभियान का हिस्सा है।

मॉक ड्रिल में क्या हुआ

इस अभ्यास में राज्य आपदा मोचन बल (SDRF), प्रांतीय सशस्त्र कांस्टेबुलरी (PAC), पुलिस बल, तहसील प्रशासन और अन्य संबंधित विभागों ने भाग लिया। एक काल्पनिक बाढ़ परिदृश्य तैयार किया गया, जिसमें प्रदर्शित किया गया कि बाढ़ के दौरान फँसे व्यक्ति का रेस्क्यू कैसे किया जाएगा, प्राथमिक उपचार (फर्स्ट एड) कैसे दिया जाएगा और उसे सुरक्षित स्थान तक कैसे पहुँचाया जाएगा।

जिलाधिकारी ने बताया कि अभ्यास में स्थानीय ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की गई, क्योंकि आम जनता को जागरूक करना भी इस पहल का एक प्रमुख उद्देश्य था।

इस वर्ष बाढ़ की आशंका अधिक

जिलाधिकारी आनंद वर्धन ने कहा कि पिछले वर्ष बाढ़ की आवृत्ति और तीव्रता अपेक्षाकृत कम रही थी, लेकिन इस वर्ष संभावित बाढ़ को देखते हुए प्रशासन पहले से बेहतर तैयारी सुनिश्चित करना चाहता है। उनका मानना है कि यह मॉक ड्रिल बाढ़ प्रभावित गाँवों के लिए अत्यंत उपयोगी साबित होगी।

तटबंध और सुरक्षा कार्यों की स्थिति

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की सुरक्षा के संबंध में जिलाधिकारी ने बताया कि सिंचाई विभाग द्वारा हाई फ्लड लेवल (HFL) के आधार पर किए गए आकलन के अनुसार जनपद के अधिकांश संवेदनशील क्षेत्रों को तटबंधों से सुरक्षित किया जा चुका है। हालाँकि, अभी भी कुछ ऐसे क्षेत्र हैं जहाँ तटबंध नहीं बने हैं।

ऐसे क्षेत्रों के लिए परियोजना प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा गया है और शीघ्र स्वीकृति दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। जहाँ कटान का खतरा अधिक है, वहाँ बाढ़ सीजन शुरू होने से पहले सुरक्षा कार्य पूरे कराने की कोशिश की जा रही है।

15 जून तक पूरे होंगे दो प्रमुख कार्य

जिलाधिकारी आनंद वर्धन ने बताया कि वर्तमान में जनपद में दो महत्वपूर्ण सुरक्षा कार्य चल रहे हैं, जिनका निरीक्षण उन्होंने स्वयं किया है। प्रशासन का लक्ष्य है कि 15 जून 2026 तक ये दोनों कार्य पूरे कर लिए जाएँ, ताकि संभावित बाढ़ की स्थिति में अधिक से अधिक लोगों को सुरक्षा प्रदान की जा सके। यह तैयारी इस बात का संकेत है कि प्रशासन इस बार आपदा प्रतिक्रिया को प्रतिक्रियात्मक नहीं, बल्कि पूर्व-निवारक रूप देना चाहता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा तब होगी जब बाढ़ का पानी वास्तव में चढ़ेगा। उत्तर प्रदेश में हर वर्ष बाढ़ की तैयारी के दावे होते हैं, फिर भी घोसी-मधुबन जैसे क्षेत्र बार-बार प्रभावित होते हैं — जो दर्शाता है कि तैयारी और क्रियान्वयन के बीच की खाई अभी पाटी नहीं गई है। तटबंध-रहित क्षेत्रों के लिए परियोजना प्रस्ताव 'राज्य सरकार को भेजा गया है' — यह वाक्यांश हर वर्ष दोहराया जाता है; जवाबदेही तभी बनेगी जब स्वीकृति और निर्माण की समयसीमा सार्वजनिक हो। ग्रामीणों की भागीदारी का विचार सराहनीय है, पर यह सुनिश्चित करना भी ज़रूरी है कि जागरूकता केवल एक दिन के अभ्यास तक सीमित न रहे।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मऊ में बाढ़ मॉक ड्रिल क्यों आयोजित की गई?
उत्तर प्रदेश प्रशासन ने राज्य के 118 जनपदों में संभावित बाढ़ की तैयारी के तहत एक साथ मॉक ड्रिल आयोजित की। मऊ में तहसील घोसी और मधुबन बाढ़-प्रभावित क्षेत्र हैं, इसलिए इन दोनों स्थानों पर यह अभ्यास किया गया।
मॉक ड्रिल में किन विभागों ने भाग लिया?
इस अभ्यास में SDRF, PAC, पुलिस बल, तहसील प्रशासन और अन्य संबंधित विभागों के साथ-साथ स्थानीय ग्रामीणों ने भी भाग लिया। अभ्यास में रेस्क्यू, फर्स्ट एड और सुरक्षित निकासी का प्रदर्शन किया गया।
मऊ में तटबंध की स्थिति क्या है?
सिंचाई विभाग के HFL आकलन के अनुसार जनपद के अधिकांश संवेदनशील क्षेत्र तटबंधों से सुरक्षित हो चुके हैं। जो क्षेत्र अभी भी तटबंध-विहीन हैं, उनके लिए परियोजना प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा गया है।
बाढ़ से पहले 15 जून तक क्या काम पूरे होने हैं?
जिलाधिकारी आनंद वर्धन ने बताया कि जनपद में दो महत्वपूर्ण सुरक्षा कार्य 15 जून 2026 तक पूरे करने का लक्ष्य है, जिनका निरीक्षण उन्होंने स्वयं किया है। इससे बाढ़ सीजन से पहले अधिक से अधिक लोगों को सुरक्षा मिल सकेगी।
इस वर्ष मऊ में बाढ़ का खतरा कितना है?
जिलाधिकारी आनंद वर्धन के अनुसार पिछले वर्ष बाढ़ की आवृत्ति और तीव्रता कम रही थी, लेकिन इस वर्ष बाढ़ की संभावना को देखते हुए प्रशासन पहले से बेहतर तैयारी सुनिश्चित करना चाहता है। यही कारण है कि मॉक ड्रिल और सुरक्षा कार्य समय से पहले शुरू किए गए हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 सप्ताह पहले
  2. 3 सप्ताह पहले
  3. 3 सप्ताह पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 4 महीने पहले
  7. 8 महीने पहले
  8. 9 महीने पहले