टिहरी में आपदा प्रबंधन मॉक ड्रिल: CM धामी बोले — अलर्ट मोड में रहें सभी विभाग
सारांश
मुख्य बातें
उत्तराखंड के जनपद टिहरी गढ़वाल में 2 जुलाई 2026 को राज्यव्यापी आपदा प्रबंधन मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य विभिन्न विभागों के बीच समन्वय की प्रभावशीलता परखना और आपदा-प्रतिक्रिया तंत्र को और सुदृढ़ करना था। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी वर्चुअल माध्यम से राज्य के सभी जनपदों से जुड़े रहे और तैयारियों की समीक्षा की।
मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मॉक ड्रिल की सराहना करते हुए कहा कि उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए सभी विभागों एवं एजेंसियों को सदैव अलर्ट मोड में कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि राज्य में सड़क अवरुद्ध होना, बादल फटना और भूस्खलन जैसी घटनाएँ सामान्य हैं, इसलिए समयबद्ध कार्रवाई अत्यंत आवश्यक है ताकि जन-धन की हानि न्यूनतम हो सके। धामी ने निर्देश दिए कि प्रभावित क्षेत्रों तक समय पर सूचना पहुँचाई जाए और प्रत्येक नागरिक को आपदा प्रबंधन के प्रति जागरूक एवं सहभागी बनाया जाए।
आपदा प्रबंधन मंत्री का आह्वान
आपदा प्रबंधन मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि सभी जनपदों ने मॉक ड्रिल के लिए बेहतर तैयारी की और निर्धारित दिशा-निर्देशों का प्रभावी ढंग से पालन किया। उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन की दृष्टि से उत्तराखंड देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। कौशिक ने अधिकारियों से मानसून अवधि के दौरान पूरी सतर्कता एवं समुचित तैयारियों के साथ कार्य करने का आह्वान किया।
मॉक ड्रिल में काल्पनिक परिदृश्य
अपर जिलाधिकारी शैलेन्द्र नेगी ने बताया कि मॉक ड्रिल के दौरान भूस्खलन, बादल फटने और बाढ़ जैसी काल्पनिक आपदा परिस्थितियाँ निर्मित कर राहत एवं बचाव कार्यों का अभ्यास किया गया। इनमें प्रमुख रूप से तहसील घनसाली के ग्राम जखन्याली में बादल फटने व भूस्खलन, देवप्रयाग में एन.एच.-07 पर ग्राम मूल्यागांव में वाहन/सड़क दुर्घटना, तहसील नरेन्द्रनगर-बगड़धार तथा कण्डीसौड-स्यांसू में स्लाइड से मार्ग अवरुद्ध होने और तहसील देवप्रयाग/नरेन्द्रनगर में टिहरी डैम से अतिरिक्त जल निकासी के परिदृश्य शामिल थे।
भाग लेने वाले विभाग
इस अभ्यास में जिला प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ, अग्निशमन, स्वास्थ्य विभाग, लोक निर्माण विभाग, विद्युत, जल संस्थान, नगर निकाय और शिक्षा विभाग सहित अनेक संबंधित एजेंसियों ने सहभागिता की। जनपद टिहरी गढ़वाल से एसएसपी श्वेता चौबे, सीएमओ डॉ. श्याम विजय, एएसपी दीपक कुमार, एसडीएम कमलेश मेहता, सीआईएसएफ प्रतिनिधि और आपदा प्रबंधन अधिकारी बृजेश भौतिक एवं वर्चुअल माध्यम से उपस्थित रहे।
आगे की राह
यह मॉक ड्रिल मानसून सीज़न की पूर्व संध्या पर आयोजित की गई है, जो उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य के लिए सबसे संवेदनशील अवधि होती है। अपर जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को निर्धारित समय पर सक्रिय सहभागिता और सौंपे गए दायित्वों का गंभीरता एवं दक्षता से निर्वहन करने के निर्देश दिए हैं। वास्तविक आपदा में प्रभावी एवं समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए इस प्रकार के अभ्यास नियमित रूप से जारी रखे जाएँगे।