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क्या चमोली में भूस्खलन से पहले प्रशासन ने तत्परता दिखाई?

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क्या चमोली में भूस्खलन से पहले प्रशासन ने तत्परता दिखाई?

सारांश

देहरादून, 29 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आपदा प्रबंधन के तहत चमोली में भूस्खलन से पहले प्रशासन की तत्परता की सराहना की। प्रशासन ने कई परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया। इस कार्यवाही ने प्रभावितों की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

मुख्य बातें

प्रशासन की तत्परता ने कई परिवारों की जान बचाई।
आपदा प्रबंधन में त्वरित कार्रवाई का महत्व।
मुख्यमंत्री का सक्रिय नेतृत्व और योगदान।

देहरादून, 29 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को आपदा प्रबंधन से संबंधित राहत और बचाव कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि चमोली में भूस्खलन से पूर्व प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए कई परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया है।

सीएम धामी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस अभियान से संबंधित कुछ तस्वीरें साझा कीं।

उन्होंने एक्स पर लिखा, "आपदा प्रबंधन से संबंधित बैठक में अधिकारियों को अतिवृष्टि से प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्यों को युद्धस्तर पर संचालित करने के निर्देश दिए थे। इन्हीं निर्देशों के अनुसार चमोली जनपद के नंदा नगर क्षेत्र में भूस्खलन से पहले प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की और लगभग 15-20 परिवारों को सुरक्षित स्थान पर पहुँचाया।"

उन्होंने आगे कहा, "आपदा की स्थिति में त्वरित राहत और बचाव कार्य संचालित करने और हर नागरिक की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हम प्रतिबद्ध हैं।"

इससे पहले, सीएम धामी ने शुक्रवार सुबह अधिकारियों के साथ आपदा प्रबंधन से संबंधित एक समीक्षा बैठक की।

उन्होंने एक्स पर तस्वीरें साझा करते हुए लिखा, "प्रातः काल शासकीय आवास पर आपदा प्रबंधन से संबंधित बैठक में आपदा सचिव सहित वरिष्ठ अधिकारियों के साथ जनपद रुद्रप्रयाग के तहसील बसुकेदार क्षेत्र के बड़ेथ डुंगर तोक, जनपद चमोली के देवाल क्षेत्र एवं नैनीताल, बागेश्वर, टिहरी में अतिवृष्टि से उत्पन्न स्थिति की समीक्षा की। इस दौरान अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि राहत एवं बचाव कार्यों को युद्धस्तर पर और प्रभावी ढंग से संचालित किया जाए। साथ ही प्रभावित परिवारों तक तत्काल सहायता राशि पहुँचाने के साथ ही संवेदनशीलता और तत्परता के साथ हर आवश्यक कदम उठाने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए।"

उन्होंने आगे कहा, "अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में सड़क, बिजली और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं शीघ्र सुचारू करने और हर आवश्यक संसाधन की उपलब्धता सुनिश्चित करने समेत अन्य जनपदों में भी पूरे मानसून सीजन में अलर्ट मोड पर रहने के लिए निर्देशित किया। प्रदेश सरकार हर परिस्थिति में जनता के साथ खड़ी है और प्रभावितों को हरसंभव सहायता और संरक्षण प्रदान किया जाएगा।"

संपादकीय दृष्टिकोण

चमोली के प्रशासन ने जो तत्परता दिखाई है, वह न केवल प्रशंसा के योग्य है बल्कि अन्य क्षेत्रों के लिए भी एक उदाहरण पेश करती है। यह दिखाता है कि आपदा प्रबंधन में त्वरित कार्रवाई कितनी महत्वपूर्ण होती है। हर नागरिक की सुरक्षा प्राथमिकता होनी चाहिए, और यह कदम उस दिशा में एक सशक्त प्रयास है।
RashtraPress
1 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चमोली में भूस्खलन से पहले प्रशासन ने क्या कदम उठाए?
प्रशासन ने भूस्खलन से पहले लगभग 15-20 परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया।
मुख्यमंत्री ने आपदा प्रबंधन के लिए क्या निर्देश दिए?
मुख्यमंत्री ने राहत और बचाव कार्यों को युद्धस्तर पर संचालित करने के निर्देश दिए।
राष्ट्र प्रेस
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