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चित्रा के. सोमन: कॉमनवेल्थ गेम्स सिल्वर और एशियाई ग्रांड प्रिक्स गोल्ड जीतने वाली केरल की अर्जुन पुरस्कार विजेता धाविका

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चित्रा के. सोमन: कॉमनवेल्थ गेम्स सिल्वर और एशियाई ग्रांड प्रिक्स गोल्ड जीतने वाली केरल की अर्जुन पुरस्कार विजेता धाविका

सारांश

कोट्टायम की साधारण पृष्ठभूमि से निकलीं चित्रा के. सोमन ने 400 मीटर की दौड़ में वह मुकाम हासिल किया जो कई प्रतिभाशाली खिलाड़ी नहीं कर पाते। 2004 ओलंपिक रिकॉर्ड से लेकर 2007 ग्रांड प्रिक्स गोल्ड तक — उनकी कहानी मेहनत की जीत है।

मुख्य बातें

सोमन का जन्म 10 जुलाई 1983 को कोट्टायम, केरल में हुआ।
2004 एथेंस ओलंपिक में 4x400 मीटर रिले में 3:26.89 मिनट का राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया, टीम सातवें स्थान पर रही।
2006 कॉमनवेल्थ गेम्स में रिले टीम के साथ सिल्वर मेडल जीता।
2007 एशियाई ग्रांड प्रिक्स में 51.30 सेकंड के व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय के साथ 400 मीटर गोल्ड मेडल अपने नाम किया।
भारत सरकार ने 2007 में उन्हें प्रतिष्ठित अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया।

चित्रा के. सोमन उन विरले एथलीटों में से हैं जिन्होंने सीमित संसाधनों और असाधारण लगन के बल पर 400 मीटर की दौड़ में भारत को अंतरराष्ट्रीय मंच पर गौरवान्वित किया। केरल के कोट्टायम में जन्मी इस धाविका ने 2006 कॉमनवेल्थ गेम्स में सिल्वर मेडल और 2007 एशियाई ग्रांड प्रिक्स में गोल्ड मेडल जीतकर देश का नाम रोशन किया। उनकी उपलब्धियों के सम्मान में भारत सरकार ने उन्हें अर्जुन पुरस्कार से नवाज़ा।

शुरुआती जीवन और करियर की नींव

10 जुलाई 1983 को कोट्टायम, केरल के एक साधारण परिवार में जन्मी चित्रा को बचपन से ही दौड़ने का जुनून था। स्कूल स्तरीय प्रतियोगिताओं में उनकी सक्रिय भागीदारी ने उनके कोच का ध्यान खींचा, और जल्द ही उन्होंने पेशेवर धाविका बनने का संकल्प ले लिया। यह ऐसे समय में आया जब महिला एथलीटों के लिए बुनियादी सुविधाएँ भी दुर्लभ थीं।

एथेंस ओलंपिक 2004 और राष्ट्रीय रिकॉर्ड

2004 एथेंस ओलंपिक में चित्रा ने 4x400 मीटर रिले स्पर्धा में भारत का प्रतिनिधित्व किया। मंजीत कौर, के.एम. बीनामोल और राजविंदर कौर के साथ मिलकर टीम ने यह रिले 3:26.89 मिनट में पूरी की और सातवाँ स्थान हासिल किया। गौरतलब है कि इस दौड़ में टीम ने राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी स्थापित किया, जिसने चित्रा को वैश्विक पहचान दिलाई।

कॉमनवेल्थ गेम्स 2006 और ग्रांड प्रिक्स गोल्ड

2006 कॉमनवेल्थ गेम्स में चित्रा रिले टीम का अभिन्न हिस्सा रहीं और भारत ने सिल्वर मेडल अपने नाम किया। इसके ठीक अगले वर्ष, 2007 एशियाई ग्रांड प्रिक्स में उन्होंने व्यक्तिगत 400 मीटर स्पर्धा में 51.30 सेकंड का समय निकालकर गोल्ड मेडल जीता — यह उनका व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन भी रहा।

अर्जुन पुरस्कार और विरासत

2007 में भारत सरकार ने उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन को मान्यता देते हुए उन्हें प्रतिष्ठित अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया। चित्रा के. सोमन उन महिला एथलीटों के लिए प्रेरणास्रोत बनीं जो छोटे शहरों से निकलकर अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी छाप छोड़ना चाहती हैं। उनकी यात्रा यह साबित करती है कि दृढ़ इच्छाशक्ति प्रतिभा की कमी को भी पूरा कर सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

न बड़े स्पॉन्सर — फिर भी इन खिलाड़ियों ने ओलंपिक और कॉमनवेल्थ मंच पर देश का प्रतिनिधित्व किया। 2004 की रिले टीम ने राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया, लेकिन उसे वह चर्चा कभी नहीं मिली जो आज के एथलीटों को मिलती है। यह सवाल उठता है कि क्या भारतीय खेल प्रशासन ने उस पीढ़ी की उपलब्धियों को पर्याप्त संस्थागत समर्थन दिया। उनकी विरासत आज की युवा धाविकाओं के लिए मार्गदर्शक है, लेकिन उन्हें वह मान्यता मिलनी चाहिए जो अभी भी अधूरी है।
RashtraPress
9 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चित्रा के. सोमन कौन हैं?
चित्रा के. सोमन केरल के कोट्टायम में 10 जुलाई 1983 को जन्मी भारतीय धाविका हैं, जिन्होंने 400 मीटर दौड़ में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल कीं। उन्हें 2007 में भारत सरकार द्वारा अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
चित्रा के. सोमन ने कॉमनवेल्थ गेम्स में क्या उपलब्धि हासिल की?
चित्रा के. सोमन 2006 कॉमनवेल्थ गेम्स में 4x400 मीटर रिले टीम का हिस्सा थीं, जिसने सिल्वर मेडल जीता। यह उनके करियर की प्रमुख टीम उपलब्धियों में से एक है।
एशियाई ग्रांड प्रिक्स 2007 में चित्रा का प्रदर्शन कैसा रहा?
2007 एशियाई ग्रांड प्रिक्स में चित्रा के. सोमन ने 400 मीटर व्यक्तिगत स्पर्धा में 51.30 सेकंड का समय निकालकर गोल्ड मेडल जीता। यह उनका व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन भी रहा।
2004 एथेंस ओलंपिक में चित्रा के. सोमन की टीम का क्या परिणाम रहा?
2004 एथेंस ओलंपिक में चित्रा ने मंजीत कौर, के.एम. बीनामोल और राजविंदर कौर के साथ 4x400 मीटर रिले में भाग लिया। टीम ने 3:26.89 मिनट का राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया और सातवाँ स्थान हासिल किया।
चित्रा के. सोमन को अर्जुन पुरस्कार कब मिला?
भारत सरकार ने 2007 में चित्रा के. सोमन को उनके उत्कृष्ट खेल प्रदर्शन के लिए प्रतिष्ठित अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया। यह पुरस्कार उनके करियर की सबसे बड़ी आधिकारिक मान्यता थी।
राष्ट्र प्रेस
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