खामेनेई का मशहद में अंतिम संस्कार आज, इराक से पार्थिव शरीर लाया गया; 8 घंटे देरी से होगी तदफीन
सारांश
मुख्य बातें
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई का अंतिम संस्कार गुरुवार, 10 जुलाई को उनके गृह शहर मशहद में संपन्न होगा। उनका पार्थिव शरीर इराक के पवित्र शहरों में धार्मिक रस्मों के बाद विशेष विमान से मशहद लाया गया। ईरानी अधिकारियों के अनुसार, अंतिम संस्कार और दफन समारोह तय समय से करीब आठ घंटे की देरी से भारतीय समयानुसार शाम 4:30 बजे आयोजित किया जाएगा।
मशहद पहुँचा पार्थिव शरीर
ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए ने महन एयर के उस विमान का वीडियो प्रसारित किया जिसमें खामेनेई का पार्थिव शरीर मशहद हवाई अड्डे के रनवे पर उतरा। मशहद खामेनेई का गृह शहर है और शिया मुसलमानों का एक प्रमुख धार्मिक केंद्र भी है। ईरानी अधिकारियों ने बताया कि खामेनेई को उनकी अंतिम इच्छा के अनुसार मशहद स्थित इमाम रजा के रौजे के समीप सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा — यह स्थान शिया इस्लाम में अत्यंत पवित्र माना जाता है।
इराक में धार्मिक रस्में और उमड़ी भीड़
दफन से पहले खामेनेई के पार्थिव शरीर को इराक के पवित्र शहरों नजफ और कर्बला ले जाया गया, जहाँ शिया परंपरा के अनुसार धार्मिक समारोह आयोजित किए गए। ईरानी सरकारी टेलीविज़न के मुताबिक, इन शहरों में उम्मीद से कहीं अधिक भीड़ उमड़ने के कारण कार्यक्रम निर्धारित समय से पिछड़ गया, जिसके चलते अंतिम चरण की रस्मों में बदलाव करना पड़ा। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह देरी हाल में हुए किसी हमले के कारण नहीं, बल्कि अनियंत्रित जनसमूह की वजह से हुई है।
तेहरान से शुरू हुई अंतिम यात्रा
खामेनेई की अंतिम यात्रा की शुरुआत ईरान की राजधानी तेहरान से हुई थी। इसके बाद धार्मिक नगरी कोम में रस्में अदा की गईं। तेहरान से कोम, कोम से इराक के नजफ और कर्बला, और अंत में मशहद — इस पूरी यात्रा में लाखों शोकाकुल लोग उमड़े। मशहद में अंतिम दर्शन के लिए पहुँचने वालों की संख्या लगातार बढ़ती रही।
मशहद में जनसैलाब
अंतिम संस्कार से पहले ही मशहद में भारी भीड़ जमा हो गई। अंतिम दर्शन के लिए आने वाले लोगों का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा था। गौरतलब है कि खामेनेई दशकों तक ईरान की राजनीतिक और धार्मिक व्यवस्था के केंद्र में रहे, और उनके निधन के बाद देश में शोक की लहर है।
आगे क्या
खामेनेई के उत्तराधिकारी के चयन को लेकर ईरान में राजनीतिक हलचल जारी है। विशेषज्ञ असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स पर नए सर्वोच्च नेता के चुनाव की जिम्मेदारी होगी। इस बीच, दुनियाभर के नेताओं और सरकारों ने खामेनेई के निधन पर संवेदनाएँ व्यक्त की हैं।