29 जून 2026
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खामेनेई के अंतिम संस्कार में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे राज्यपाल सैयद अता हसनैन और MOS पबित्रा मार्गेरिटा

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खामेनेई के अंतिम संस्कार में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे राज्यपाल सैयद अता हसनैन और MOS पबित्रा मार्गेरिटा

सारांश

ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर खामेनेई की मृत्यु के 130 दिन बाद 4 जुलाई को शुरू हो रहे अंतिम संस्कार में भारत ने राज्यपाल सैयद अता हसनैन और MOS पबित्रा मार्गेरिटा को प्रतिनिधि के रूप में भेजने का फैसला किया है — यह भारत-ईरान कूटनीतिक संबंधों की गहराई को दर्शाता है।

मुख्य बातें

बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन और विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा खामेनेई के अंतिम संस्कार में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।
अंतिम संस्कार कार्यक्रम 4 से 9 जुलाई 2026 के बीच तेहरान , कोम और मशहद में आयोजित होंगे।
खामेनेई को 9 जुलाई 2026 को मशहद में आठवें शिया इमाम की दरगाह में दफनाया जाएगा।
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने PM नरेंद्र मोदी को आधिकारिक रूप से आमंत्रित किया था।
खामेनेई की मृत्यु 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इज़राइल के कथित हमले में हुई थी।
उनके पुत्र मोजतबा खामेनेई किसी आधिकारिक पद पर नहीं हैं; उत्तराधिकार पर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं।

बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन और विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई के जनाजे और दफनाने की रस्मों में भारत का आधिकारिक प्रतिनिधित्व करेंगे। सूत्रों के अनुसार, यह कार्यक्रम 4 से 9 जुलाई 2026 के बीच तेहरान, कोम और मशहद में आयोजित होंगे। खामेनेई की मृत्यु के लगभग 130 दिनों बाद उन्हें 4 जुलाई 2026 को सार्वजनिक श्रद्धांजलि के लिए रखा जाएगा।

भारत का प्रतिनिधिमंडल और आमंत्रण

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इन कार्यक्रमों में सम्मिलित होने के लिए आधिकारिक रूप से आमंत्रित किया था। भारत सरकार ने राज्यपाल हसनैन और मंत्री मार्गेरिटा को प्रतिनिधि के रूप में नामित किया है। यह कूटनीतिक प्रतिनिधित्व भारत-ईरान संबंधों की निरंतरता को रेखांकित करता है।

अंतिम संस्कार का विस्तृत कार्यक्रम

ईरान की सरकारी मीडिया और खामेनेई की स्मृति में गठित समिति के बयान के अनुसार, 4 और 5 जुलाई 2026 को पार्थिव शरीर तेहरान मोसल्ला में सार्वजनिक दर्शन के लिए रखा जाएगा। 7 जुलाई 2026 को कोम में एक विशेष समारोह आयोजित होगा। अंततः 9 जुलाई 2026 को मशहद में आठवें शिया इमाम की दरगाह में उन्हें दफनाया जाएगा, जिसके बाद ईरान के दूसरे सबसे बड़े शहर में अतिरिक्त समारोह होंगे।

खामेनेई का निधन और पृष्ठभूमि

28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इज़राइल की ओर से किए गए कथित हमले में अयातुल्लाह अली खामेनेई और उनके परिवार के कुछ सदस्यों की मृत्यु हो गई। खामेनेई ने 1989 में अयातुल्लाह रूहोल्लाह खुमैनी की मृत्यु के पश्चात सुप्रीम लीडर का पद ग्रहण किया था। गौरतलब है कि खुमैनी ने 1979 की इस्लामिक क्रांति का नेतृत्व किया था, जिसके परिणामस्वरूप शाह मोहम्मद रजा पहलवी की राजशाही समाप्त हुई और ईरान में इस्लामिक गणराज्य की स्थापना हुई।

खामेनेई की विरासत और संस्थागत भूमिका

सुप्रीम लीडर के रूप में अली खामेनेई ने ईरान की राजनीतिक व्यवस्था, सशस्त्र बलों और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) जैसी प्रमुख संस्थाओं को सुदृढ़ और संगठित किया। यह ऐसे समय में आया है जब ईरान की नई नेतृत्व संरचना को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अटकलें जारी हैं।

उत्तराधिकार को लेकर स्थिति

खामेनेई के पुत्र मोजतबा खामेनेई किसी भी आधिकारिक राजनीतिक या संवैधानिक पद पर नहीं हैं। उनकी सार्वजनिक अनुपस्थिति और संभावित राजनीतिक भूमिका को लेकर जो अटकलें सामने आई हैं, उनकी अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ईरान में नई नेतृत्व व्यवस्था की दिशा आने वाले हफ्तों में स्पष्ट होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

भारत ने संवेदनशीलता और दूरी दोनों बनाए रखी है। खामेनेई की मृत्यु के 130 दिन बाद हो रहे इस अंतिम संस्कार का असाधारण विलंब खुद बताता है कि ईरान की आंतरिक राजनीति किस उथल-पुथल से गुज़र रही है। भारत के लिए ऊर्जा सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता के लिहाज़ से ईरान के नए नेतृत्व के साथ संबंध स्थापित करना आने वाले महीनों की सबसे बड़ी कूटनीतिक प्राथमिकता होगी।
RashtraPress
29 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

खामेनेई के अंतिम संस्कार में भारत का प्रतिनिधित्व कौन करेगा?
बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन और विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा ईरान में अयातुल्लाह खामेनेई के जनाजे और दफनाने की रस्मों में भारत का आधिकारिक प्रतिनिधित्व करेंगे। ईरान के राष्ट्रपति ने PM मोदी को व्यक्तिगत रूप से आमंत्रित किया था।
अयातुल्लाह खामेनेई को कब और कहाँ दफनाया जाएगा?
खामेनेई को 9 जुलाई 2026 को मशहद में आठवें शिया इमाम की दरगाह में दफनाया जाएगा। इससे पहले 4-5 जुलाई को तेहरान मोसल्ला में और 7 जुलाई को कोम में समारोह होंगे।
अयातुल्लाह खामेनेई की मृत्यु कैसे हुई?
28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इज़राइल की ओर से किए गए कथित हमले में अयातुल्लाह अली खामेनेई और उनके परिवार के कुछ सदस्यों की मृत्यु हो गई। उनका अंतिम संस्कार मृत्यु के लगभग 130 दिनों बाद हो रहा है।
अयातुल्लाह खामेनेई ईरान के सुप्रीम लीडर कब बने थे?
खामेनेई ने 1989 में अयातुल्लाह रूहोल्लाह खुमैनी की मृत्यु के बाद ईरान का सुप्रीम लीडर पद संभाला था। खुमैनी 1979 की इस्लामिक क्रांति के नेता थे, जिसने शाह की राजशाही समाप्त कर इस्लामिक गणराज्य की स्थापना की थी।
खामेनेई के बाद ईरान का नया सुप्रीम लीडर कौन होगा?
अभी तक ईरान के नए सुप्रीम लीडर की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। खामेनेई के पुत्र मोजतबा खामेनेई किसी संवैधानिक पद पर नहीं हैं और उनकी संभावित भूमिका को लेकर सामने आई अटकलों की कोई आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
राष्ट्र प्रेस
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