4 जुलाई 2026
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खामेनेई को तेहरान में राजकीय श्रद्धांजलि, पाकिस्तान-अर्मेनिया समेत दर्जनों देशों के नेता शामिल

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खामेनेई को तेहरान में राजकीय श्रद्धांजलि, पाकिस्तान-अर्मेनिया समेत दर्जनों देशों के नेता शामिल

सारांश

तेहरान में अयातुल्लाह खामेनेई को दी गई श्रद्धांजलि महज एक शोक समारोह नहीं थी — यह ईरान के नए नेतृत्व की पहली कूटनीतिक परीक्षा थी। दर्जनों देशों की उपस्थिति और भारत के उच्च-स्तरीय प्रतिनिधित्व ने स्पष्ट संकेत दिया कि तेहरान के साथ रिश्ते किसी एक शख्सियत से बड़े हैं।

मुख्य बातें

अयातुल्लाह अली खामेनेई को 4 जुलाई 2026 को तेहरान के इमाम खुमैनी मोसल्ला हॉल में राजकीय श्रद्धांजलि दी गई।
खामेनेई 28 फरवरी को तेहरान में एक हमले में मारे गए थे; उनके पुत्र मोजतबा खामेनेई को मार्च में नया सर्वोच्च नेता चुना गया।
पाकिस्तान के PM शहबाज शरीफ , अर्मेनिया के PM निकोल पाशिनयान , इराकी राष्ट्रपति निजार अमेदी , ताजिकिस्तान के राष्ट्रपति इमोमाली रहमोन सहित दर्जनों देशों के नेता उपस्थित रहे।
भारत का प्रतिनिधित्व विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा और बिहार राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन ने किया।
अंतिम संस्कार की रस्में 9 जुलाई तक तेहरान, कोम, मशहद और इराक में जारी रहेंगी।

ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई को 4 जुलाई को तेहरान के इमाम खुमैनी मोसल्ला प्रार्थना हॉल में भव्य श्रद्धांजलि दी गई, जिसमें दर्जनों देशों के राष्ट्राध्यक्ष, संसद अध्यक्ष और वरिष्ठ मंत्री शामिल हुए। यह समारोह शुक्रवार की सुबह शुरू होकर पूरे दिन चला। 28 फरवरी को तेहरान में एक हमले में मारे गए खामेनेई के निधन के बाद यह पहला बड़ा अंतरराष्ट्रीय शोक आयोजन था।

समारोह में शामिल प्रमुख ईरानी नेता

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन, संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकर गलीबाफ, न्यायपालिका प्रमुख गुलाम हुसैन मोहसेनी-एजेई और एक्सपीडिएंसी डिस्कर्नमेंट काउंसिल के अध्यक्ष सादिक अमोली लारीजानी सहित वरिष्ठ अधिकारी समारोह में उपस्थित रहे। धार्मिक हस्तियाँ, विद्वान और कबीलाई नेता भी बड़ी संख्या में पहुँचे।

विदेशी नेताओं की उपस्थिति

अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडल में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख फील्ड मार्शल सैयद असीम मुनीर, अर्मेनिया के प्रधानमंत्री निकोल पाशिनयान, जॉर्जिया के राष्ट्रपति मिखाइल कवेलशविली, इराकी राष्ट्रपति निजार अमेदी, ताजिकिस्तान के राष्ट्रपति इमोमाली रहमोन, और इराकी कुर्दिस्तान के राष्ट्रपति नेचिरवन बरजानी शामिल थे। चीन और रूस के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

भारत का प्रतिनिधित्व

भारत की ओर से विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा और बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन (सेवानिवृत्त) ने तेहरान में श्रद्धांजलि अर्पित की। मार्गेरिटा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन और मैंने तेहरान में ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह सैय्यद अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में भारत का प्रतिनिधित्व किया। सरकार और भारत के लोगों की ओर से श्रद्धांजलि दी।' विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि इस उच्च-स्तरीय प्रतिनिधित्व से दोनों देशों के बीच सभ्यतागत संबंधों की गहराई झलकती है, जो राजनीतिक और आर्थिक रिश्तों की नींव को और मज़बूत करती है।

अंतिम संस्कार का कार्यक्रम

4-5 जुलाई को तेहरान के मोसल्ला हॉल में विदाई समारोह के बाद 6 जुलाई को तेहरान में, 7 जुलाई को कोम में और इसके उपरांत मशहद तथा इराक में भी शोक रस्में होंगी। ईरानी अधिकारियों ने तेहरान और मशहद में विशेष तारीखों पर सार्वजनिक अवकाश और हवाई क्षेत्र पर अस्थायी प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है। गुरुवार को राष्ट्रीय शोक दिवस घोषित किया गया था।

पृष्ठभूमि: खामेनेई का निधन और उत्तराधिकार

अयातुल्लाह अली खामेनेई 28 फरवरी को तेहरान में एक हमले में मारे गए थे। उनके पुत्र मोजतबा खामेनेई को मार्च में ईरान का नया सर्वोच्च नेता चुना गया। यह ऐसे समय में आया है जब ईरान और पश्चिमी देशों के बीच कूटनीतिक तनाव अपने चरम पर है। गौरतलब है कि खामेनेई तीन दशकों से अधिक समय तक ईरान की राजनीति और विदेश नीति के केंद्र में रहे। आगे के हफ्तों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि नया नेतृत्व क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर किस दिशा में आगे बढ़ता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो पश्चिमी दबाव के बावजूद तेहरान से संबंध बनाए रखती है। असली सवाल यह है कि क्या मोजतबा खामेनेई के नेतृत्व में ईरान अपने पिता की कठोर विदेश नीति को जारी रखेगा या क्षेत्रीय स्थिरता की ओर कोई नई राह खोलेगा — और इसका उत्तर आने वाले महीनों में वैश्विक कूटनीति की दिशा तय करेगा।
RashtraPress
4 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अयातुल्लाह खामेनेई का निधन कब और कैसे हुआ?
अयातुल्लाह अली खामेनेई 28 फरवरी 2026 को तेहरान में एक हमले में मारे गए थे। वे तीन दशकों से अधिक समय तक ईरान के सर्वोच्च नेता रहे थे।
खामेनेई के बाद ईरान का नया सर्वोच्च नेता कौन बना?
खामेनेई के पुत्र मोजतबा खामेनेई को मार्च 2026 में ईरान का नया सर्वोच्च नेता चुना गया। यह उत्तराधिकार ईरान के इतिहास में एक असाधारण घटनाक्रम माना जा रहा है।
तेहरान श्रद्धांजलि समारोह में कौन-कौन से देशों के नेता शामिल हुए?
समारोह में पाकिस्तान, अर्मेनिया, जॉर्जिया, इराक, ताजिकिस्तान, इराकी कुर्दिस्तान के प्रमुख नेताओं के साथ-साथ चीन और रूस के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए। कई देशों के संसद अध्यक्ष और मंत्री भी उपस्थित रहे।
भारत ने खामेनेई के अंतिम संस्कार में किसे भेजा?
भारत ने विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा और बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन (सेवानिवृत्त) को अपना प्रतिनिधि बनाकर तेहरान भेजा। विदेश मंत्रालय ने इसे दोनों देशों के सभ्यतागत संबंधों का प्रतीक बताया।
खामेनेई की अंतिम संस्कार रस्में कब तक और कहाँ होंगी?
अंतिम संस्कार की रस्में 9 जुलाई 2026 तक चलेंगी। तेहरान (4-6 जुलाई), कोम (7 जुलाई), मशहद और इराक में जुलूस व शोक समारोह आयोजित होंगे। तेहरान और मशहद में विशेष तारीखों पर सार्वजनिक अवकाश और हवाई क्षेत्र पर अस्थायी प्रतिबंध की घोषणा की गई है।
राष्ट्र प्रेस
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