दानिश आजाद अंसारी: मोदी के नेतृत्व में भारत की वैश्विक साख मजबूत, UP बना निवेश का नया केंद्र
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने 18 अगस्त को मुंबई में आयोजित आईएसीसी कॉन्क्लेव में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी एक सुदृढ़ पहचान स्थापित की है। इस कॉन्क्लेव में भारत समेत दुनिया के विभिन्न हिस्सों के प्रतिनिधि शामिल हुए, और उत्तर प्रदेश को समर्पित एक विशेष सत्र को संबोधित करने के लिए अंसारी मुंबई पहुँचे थे।
भारत की बढ़ती वैश्विक स्वीकार्यता
अंसारी ने कहा कि आज अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का मान-सम्मान और प्रतिष्ठा पहले से कहीं अधिक बढ़ी है। उन्होंने व्यापार, व्यवसाय और आर्थिक क्षेत्र में भारत की प्रगति को उल्लेखनीय बताया। उनके अनुसार, भारत अब वैश्विक अर्थव्यवस्था में एक महत्वपूर्ण सहभागी के रूप में उभर रहा है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय देश की क्षमताओं को खुलकर स्वीकार कर रहा है।
उत्तर प्रदेश: भारत की आर्थिक प्रगति का प्रवेश द्वार
उत्तर प्रदेश और अमेरिका के बीच संभावित साझेदारी पर बात करते हुए अंसारी ने कहा कि उत्तर प्रदेश भारत की आर्थिक वृद्धि का एक अहम प्रवेश द्वार है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में व्यापक संभावनाएँ मौजूद हैं और यह अपनी क्षमता के बल पर देश की आर्थिक प्रगति में निर्णायक भूमिका निभा सकता है। भारत की बढ़ती वैश्विक पहचान के साथ उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य के लिए निवेश, व्यापार और वैश्विक साझेदारी के नए अवसर तेज़ी से पैदा हो रहे हैं।
मोदी सरकार की विदेश नीति का असर
अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने वैश्विक स्तर पर भारत की गुडविल और साख को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई है। उनके अनुसार, भारत की बढ़ती वैश्विक स्वीकार्यता का सकारात्मक प्रभाव अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों और कारोबारी सहयोग में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। विभिन्न देशों के साथ भारत के संबंधों में आर्थिक सहयोग के नए आयाम सामने आए हैं।
आगे की राह
यह ऐसे समय में आया है जब भारत वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। उत्तर प्रदेश, जो देश का सबसे अधिक आबादी वाला राज्य है, वैश्विक निवेशकों की नज़र में एक उभरते हुए औद्योगिक केंद्र के रूप में अपनी जगह बनाने की दिशा में सक्रिय है। आईएसीसी जैसे मंच इस दिशा में भारत-अमेरिका व्यापारिक संवाद को और गहरा करने का अवसर प्रदान करते हैं।