क्या ‘आबकारी निवेशक शिखर सम्मेलन’ से प्रदेश में निवेश को गति मिलेगी?

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क्या ‘आबकारी निवेशक शिखर सम्मेलन’ से प्रदेश में निवेश को गति मिलेगी?

सारांश

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 9 जुलाई को होने वाले ‘आबकारी निवेशक शिखर सम्मेलन 2025’ से प्रदेश में निवेश को रफ्तार मिलने की उम्मीद है। मंत्री नितिन अग्रवाल ने इस सम्मेलन के महत्व को उजागर करते हुए कहा कि इससे निवेशकों का विश्वास बढ़ेगा और रोजगार के नए अवसर उत्पन्न होंगे।

मुख्य बातें

निवेशकों का विश्वास बढ़ रहा है।
रोजगार के नए अवसर उत्पन्न होंगे।
आबकारी विभाग में 10,000 करोड़ रुपये का निवेश हो चुका है।
मुख्यमंत्री का लक्ष्य ‘वन ट्रिलियन’ की अर्थव्यवस्था है।
कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।

लखनऊ, 8 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 9 जुलाई को ‘आबकारी निवेशक शिखर सम्मेलन 2025’ का आयोजन होने जा रहा है। उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री नितिन अग्रवाल ने कहा कि इस सम्मेलन से प्रदेश में निवेश को गति मिलेगी।

उन्होंने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि यह समिट अपने आप में अनूठा है। हमने अन्य राज्यों से भी निवेशकों को आमंत्रित किया है। निवेशकों का विश्वास उत्तर प्रदेश में बढ़ा है। कई निवेशक यहाँ निवेश के लिए इच्छुक हैं। पहले जब इन्वेस्टर समिट का आयोजन हुआ था, तब भी कई निवेशकों ने यहां आने की इच्छा जताई थी और कई एमओयू पर हस्ताक्षर हुए थे।

उन्होंने आगे कहा कि आबकारी विभाग में 145-146 प्रस्ताव आए थे। उनमें से 46 प्रस्ताव ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी में शामिल किए गए। इससे प्रदेश में अब तक लगभग 8,000 करोड़ रुपये का निवेश हुआ है। इसके अतिरिक्त, 3,000 करोड़ रुपये का निवेश नॉन एमओयू के माध्यम से भी प्रदेश में आया है। इस प्रकार, आबकारी विभाग में कुल 10,000 करोड़ रुपये का निवेश हो चुका है। हमें 40,000 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं।

नितिन अग्रवाल ने कहा कि इसके अलावा, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 'वन ट्रिलियन' की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है, जिसे हम पूरा करेंगे। इस दिशा में हमारे विभाग का योगदान महत्वपूर्ण रहेगा। निश्चित रूप से इस समिट में बड़ी संख्या में निवेशक आएंगे, और हम उन्हें अपनी परियोजनाओं के बारे में बताएंगे। यदि उन्हें निवेश में कोई समस्या आती है, तो सरकार उसे दूर करने का प्रयास करेगी। यदि प्रदेश में निवेशक आएंगे, तो इससे रोजगार के अवसर उत्पन्न होंगे।

उन्होंने कांवड़ यात्रा के संदर्भ में भी बात की। उन्होंने सपा पर निशाना साधते हुए कहा कि पूर्व की सरकार ने कांवड़ यात्रा पर प्रतिबंध लगा दिया था। उनका कहना था कि इससे प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ सकती है। ऐसे में यदि वे हम पर आरोप लगाते हैं, तो यह हास्यास्पद है। हम सुनिश्चित कर रहे हैं कि कांवड़ यात्रा के दौरान किसी को भी कोई समस्या नहीं हो।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो निवेशकों का ध्यान आकर्षित करेगा। यह न केवल आर्थिक वृद्धि को बढ़ावा देगा, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी उत्पन्न करेगा। यदि राज्य सरकार निवेशकों की समस्याओं का समाधान करती है, तो यह भविष्य में और अधिक विकास की संभावना को जन्म देगा।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आबकारी निवेशक शिखर सम्मेलन कब हो रहा है?
आबकारी निवेशक शिखर सम्मेलन 9 जुलाई को लखनऊ में आयोजित किया जा रहा है।
इस सम्मेलन का उद्देश्य क्या है?
इस सम्मेलन का उद्देश्य उत्तर प्रदेश में निवेश को बढ़ावा देना और निवेशकों के विश्वास को मजबूत करना है।
कितने प्रस्ताव आए हैं आबकारी विभाग में?
आबकारी विभाग में कुल 145-146 प्रस्ताव आए हैं।
मुख्यमंत्री योगी का क्या लक्ष्य है?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का लक्ष्य 'वन ट्रिलियन' की अर्थव्यवस्था बनाना है।
कांवड़ यात्रा पर पूर्व सरकार का क्या निर्णय था?
पूर्व सरकार ने कांवड़ यात्रा पर रोक लगा दी थी, जिससे कानून-व्यवस्था प्रभावित हो सकती थी।
राष्ट्र प्रेस
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