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ओडिशा: क्या सीएम माझी ने 'महानदी जल विवाद' के सौहार्दपूर्ण समाधान पर जोर दिया?

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ओडिशा: क्या सीएम माझी ने 'महानदी जल विवाद' के सौहार्दपूर्ण समाधान पर जोर दिया?

सारांश

ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने छत्तीसगढ़ के साथ महानदी जल विवाद पर चर्चा करते हुए एक महत्वपूर्ण बैठक की। उन्होंने सौहार्दपूर्ण समाधान की आवश्यकता पर जोर दिया। जानें इस बैठक में क्या-क्या हुआ और इसका महत्व क्या है।

मुख्य बातें

महानदी जल विवाद का समाधान आवश्यक है।
मुख्यमंत्री ने सौहार्दपूर्ण समाधान पर जोर दिया।
दोनों राज्यों के बीच संवाद को बढ़ावा दिया जाना चाहिए।
केंद्रीय जल आयोग की मदद से विवाद समाधान में तेजी लाई जा सकती है।
रचनात्मक दृष्टिकोण से जल बंटवारे की समस्या हल की जा सकती है।

भुवनेश्वर, 23 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने लोक सेवा भवन में छत्तीसगढ़ के साथ महानदी जल विवाद की समीक्षा के लिए एक उच्च-स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की।

मुख्यमंत्री माझी ने महानदी जल विवाद में केंद्र सरकार के सक्रिय सहयोग से द्विपक्षीय वार्ता के माध्यम से सौहार्दपूर्ण समाधान की आवश्यकता पर बल दिया।

अधिकारियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय जल आयोग के स्तर पर विवाद को सुलझाने के प्रयास धीमे रहे हैं, और उन्होंने नई पहल का आह्वान किया, जहां दोनों राज्य केंद्र की सहायता से आपसी बातचीत कर सकें। केंद्रीय जल आयोग के तकनीकी सहयोग से दशकों पुराने इस विवाद को सुलझाया जा सकता है, जिससे दोनों पड़ोसी राज्यों के बीच संबंधों में सुधार का मार्ग प्रशस्त होगा।

मुख्यमंत्री माझी ने कहा, "इस मुद्दे को आपसी समझ और सहयोग से सुलझाया जाना चाहिए। दीर्घकालिक समाधान ओडिशा और छत्तीसगढ़ दोनों के हित में है।"

बैठक में बताया गया कि इससे पहले मुख्यमंत्री माझी और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के बीच राजस्थान में राज्य जल संसाधन मंत्रियों के अखिल भारतीय सम्मेलन और भुवनेश्वर में विश्व जल दिवस समारोह के दौरान चर्चा हुई थी। दोनों नेताओं ने विवाद को समाप्त करने के लिए आम सहमति से काम करने पर जोर दिया था।

बैठक के दौरान यह भी बताया गया कि दोनों राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी इस मामले पर लगातार विचार-विमर्श कर रहे हैं।

ओडिशा सरकार ने महानदी नदी जल बंटवारे के मुद्दे को सुलझाने और राज्य के लोगों के लिए समान पहुंच सुनिश्चित करने के लिए रचनात्मक और सहयोगात्मक दृष्टिकोण अपनाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

इस महत्वपूर्ण बैठक में महाधिवक्ता पीताम्बर आचार्य, मुख्य सचिव मनोज आहूजा, विकास आयुक्त एवं अतिरिक्त मुख्य सचिव (जल संसाधन) अनु गर्ग, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव शाश्वत मिश्रा, जल संसाधन विभाग के वरिष्ठ इंजीनियर और अधिकारी शामिल हुए।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह बैठक दोनों राज्यों के बीच संवाद और सहयोग को बढ़ावा देने का एक महत्वपूर्ण कदम है। जल विवाद जैसे मुद्दों को सुलझाना न केवल क्षेत्रीय स्थिरता के लिए आवश्यक है, बल्कि यह जल संसाधनों के न्यायसंगत वितरण में भी सहायक है।
RashtraPress
13 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महानदी जल विवाद क्या है?
महानदी जल विवाद ओडिशा और छत्तीसगढ़ के बीच जल बंटवारे से संबंधित है, जिसमें दोनों राज्यों के जल संसाधनों के उपयोग के अधिकारों पर विवाद है।
मुख्यमंत्री माझी ने इस विवाद के समाधान के लिए क्या सुझाव दिया?
मुख्यमंत्री माझी ने केंद्र सरकार के सहयोग से द्विपक्षीय वार्ता के माध्यम से सौहार्दपूर्ण समाधान की आवश्यकता पर बल दिया।
राष्ट्र प्रेस
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