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खामेनेई का तदफीन 4-9 जुलाई: तेहरान तैयार, पेजेश्कियन की अपील — 'मतभेद भूल जनाजे में आएं'

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खामेनेई का तदफीन 4-9 जुलाई: तेहरान तैयार, पेजेश्कियन की अपील — 'मतभेद भूल जनाजे में आएं'

सारांश

ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता खामेनेई का तदफीन 4-9 जुलाई को तेहरान के ग्रैंड मोसल्ला में होगा। परिवार के पाँच सदस्यों का एक साथ राजकीय अंतिम संस्कार होगा। भारत सरकार ने राज्यपाल हसनैन और विदेश राज्य मंत्री मार्गेरिटा को भेजा है। दोहा में अमेरिका-ईरान वार्ता समारोहों तक स्थगित।

मुख्य बातें

अयातुल्लाह खामेनेई का तदफीन 4 जुलाई से 9 जुलाई 2026 के बीच तेहरान के ग्रैंड मोसल्ला परिसर में होगा।
राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने सभी ईरानियों से जातीय, धार्मिक और राजनीतिक मतभेद भूलकर जनाजे में शामिल होने की अपील की।
खामेनेई के परिवार के पाँच सदस्यों — बेटी, बहू, पोते और दामाद सहित — का तदफीन एक साथ राजकीय कार्यक्रम के तहत होगा।
भारत की ओर से बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन और विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा समारोह में शामिल होंगे।
कतर ने दोहा में चल रही अमेरिका-ईरान अप्रत्यक्ष वार्ता को तदफीन समारोहों तक स्थगित किया; अगले दौर की तारीख बाद में तय होगी।

ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह सैयद अली खामेनेई के तदफीन (अंतिम संस्कार) की सभी तैयारियाँ पूरी हो चुकी हैं। तेहरान के ग्रैंड मोसल्ला परिसर में 4 जुलाई से 9 जुलाई 2026 के बीच रस्म अदायगी होगी, जिसमें देश-विदेश के प्रतिनिधिमंडलों और आम नागरिकों की भारी भागीदारी का अनुमान है। स्थानीय मीडिया के अनुसार, परिसर में अंतिम तैयारियाँ पूरी कर ली गई हैं।

राष्ट्रपति पेजेश्कियन की राष्ट्रीय एकता की अपील

ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने एक संदेश में सभी ईरानियों से — चाहे उनके जातीय, धार्मिक या राजनीतिक मतभेद कुछ भी हों — जनाजे में शामिल होने की अपील की। उन्होंने कहा, "खामेनेई की मौत ने साबित किया है कि ईरान की व्यवस्था आस्था, आदर्शों और देश की जनता की मजबूत इच्छाशक्ति पर टिकी हुई है।" पेजेश्कियन ने ज़ोर दिया कि दुनिया के सामने ईरान की एकजुटता प्रदर्शित करना इस घड़ी में अनिवार्य है।

परिवार के पाँच सदस्यों का एक साथ तदफीन

ईरानी प्रसारक प्रेस टीवी के अनुसार, खामेनेई के परिवार के पाँच सदस्यों के ताबूत एक साथ रखे गए हैं। इनमें खामेनेई स्वयं, उनकी बेटी, बहू, पोते और दामाद शामिल हैं। इन सभी का अंतिम संस्कार खामेनेई के राजकीय कार्यक्रम के अंतर्गत किया जाएगा। यह रस्में कई दिनों तक चलेंगी।

भारत की ओर से प्रतिनिधित्व

भारत सरकार की ओर से बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन और विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा तदफीन समारोह में शामिल होंगे। इसके अलावा, पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) की महबूबा मुफ्ती भी इसमें शिरकत करेंगी। ईरान ने भारतीय जनता पार्टी (BJP), भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस/INC) और PDP के नेताओं के साथ-साथ जैन संत आचार्य लोकेश मुनि को भी न्योता भेजा है।

अमेरिका-ईरान वार्ता पर असर

खामेनेई के तदफीन को देखते हुए कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माजिद अल-अंसारी ने दोहा में अमेरिका और ईरान के बीच चल रही अप्रत्यक्ष वार्ता को फिलहाल स्थगित कर दिया है। अल-अंसारी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर जानकारी देते हुए बताया कि वार्ता के दौरान कतर और पाकिस्तान के मध्यस्थों ने अलग-अलग बैठकों में अमेरिकी और ईरानी प्रतिनिधियों से बातचीत की।

प्रवक्ता के अनुसार, चर्चा 'इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन' से जुड़े मुद्दों पर केंद्रित रही और यह 'लेक ल्युर्सन शिखर सम्मेलन' के परिणामों पर आधारित थी। कतर ने बताया कि वार्ता में 'सकारात्मक प्रगति' दर्ज की गई और दोनों पक्षों ने आगे बातचीत जारी रखने पर सहमति जताई है।

आगे क्या होगा

अगले दौर की वार्ता की तारीख ईरान के तदफीन समारोहों के समाप्त होने के बाद तय की जाएगी। गौरतलब है कि खामेनेई की मृत्यु के बाद ईरान में सत्ता-संक्रमण और परमाणु कार्यक्रम पर अंतरराष्ट्रीय दबाव — दोनों एक साथ चरम पर हैं। यह देखना अहम होगा कि नया नेतृत्व इन कूटनीतिक प्रक्रियाओं को किस दिशा में ले जाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसके पीछे एक गहरी राजनीतिक चिंता है — ईरान में सत्ता-संक्रमण के इस नाज़ुक दौर में किसी भी आंतरिक दरार को अंतरराष्ट्रीय मंच पर उजागर होने से रोकना। यह ऐसे समय में आया है जब दोहा में अमेरिका-ईरान परमाणु वार्ता 'सकारात्मक प्रगति' के बावजूद अस्थायी रूप से रुकी है — जो दर्शाता है कि नया नेतृत्व इन वार्ताओं की दिशा और गति तय करने में अभी समय ले रहा है। भारत का उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भेजना भी रणनीतिक है — ऊर्जा और कनेक्टिविटी साझेदारी के लिहाज से नई दिल्ली तेहरान के नए सत्ता-केंद्र से संबंध बनाए रखने में रुचि रखती है।
RashtraPress
2 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अयातुल्लाह खामेनेई का तदफीन कब और कहाँ होगा?
खामेनेई का तदफीन 4 जुलाई से 9 जुलाई 2026 के बीच तेहरान के ग्रैंड मोसल्ला परिसर में होगा। यहाँ देश-विदेश से आए प्रतिनिधिमंडल और आम नागरिक उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि देंगे।
राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने जनाजे को लेकर क्या अपील की?
राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने सभी ईरानियों से — जातीय, धार्मिक और राजनीतिक मतभेदों से परे — जनाजे में शामिल होने की अपील की। उन्होंने कहा कि दुनिया के सामने ईरान की एकजुटता दिखाना ज़रूरी है।
खामेनेई के परिवार के कितने सदस्यों का एक साथ अंतिम संस्कार होगा?
प्रेस टीवी के अनुसार, खामेनेई के परिवार के पाँच सदस्यों — खामेनेई स्वयं, उनकी बेटी, बहू, पोते और दामाद — के ताबूत एक साथ रखे गए हैं। इन सभी का अंतिम संस्कार राजकीय कार्यक्रम के तहत होगा।
भारत की ओर से खामेनेई के तदफीन में कौन शामिल होगा?
भारत सरकार ने बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन और विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा को प्रतिनिधि के रूप में भेजा है। PDP की महबूबा मुफ्ती और जैन संत आचार्य लोकेश मुनि भी समारोह में शिरकत करेंगे।
खामेनेई के तदफीन का अमेरिका-ईरान वार्ता पर क्या असर पड़ा?
कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माजिद अल-अंसारी ने दोहा में चल रही अमेरिका-ईरान अप्रत्यक्ष वार्ता को तदफीन समारोहों तक स्थगित कर दिया है। वार्ता में 'सकारात्मक प्रगति' दर्ज की गई और दोनों पक्षों ने अगले दौर की बातचीत जारी रखने पर सहमति जताई है।
राष्ट्र प्रेस
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